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दिल्ली क्राइम ब्रांच ने पकड़ा झारखंड हत्याकांड का फरार आरोपी, यमुना बाज़ार से हुई गिरफ्तारी

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दिल्ली क्राइम ब्रांच ने पकड़ा झारखंड हत्याकांड का फरार आरोपी, यमुना बाज़ार से हुई गिरफ्तारी

सारांश

झारखंड के साहिबगंज में हत्या करके दिल्ली में छिपा फरार आरोपी सुखदेव मुर्मू उर्फ ताला क्राइम ब्रांच के जाल में फँस गया। मुखबिर की सूचना और झारखंड पुलिस के समन्वय से 24 मई को यमुना बाज़ार से की गई यह गिरफ्तारी राज्यों के बीच पुलिस सहयोग की मिसाल है।

मुख्य बातें

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 24 मई 2026 को झारखंड हत्याकांड के आरोपी सुखदेव मुर्मू उर्फ ताला को यमुना बाज़ार, नई दिल्ली से गिरफ्तार किया।
मृतक चंपाई मरांडी को 21 मई को लापता घोषित किया गया था; शव 10 दिन बाद जंगल से बरामद हुआ।
पूछताछ में आरोपी ने 12 मई को बाबूजी मरांडी और मंगल टुडू के साथ मिलकर हत्या में संलिप्तता स्वीकार की।
मामला झारखंड के साहिबगंज जिले के बोरियो थाने में दर्ज है; मामले में अपहरण के साथ हत्या की धाराएँ जोड़ी गईं।
अन्य दो आरोपी — बाबूजी मरांडी और मंगल टुडू — अभी भी फरार हैं।

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 24 मई 2026 को झारखंड के साहिबगंज जिले में हुए एक हत्याकांड के फरार आरोपी को नई दिल्ली के यमुना बाज़ार स्थित हनुमान मंदिर के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान सुखदेव मुर्मू उर्फ ताला के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर अपराध को अंजाम देने के बाद झारखंड से भागकर दिल्ली में छिपा हुआ था।

मामले की पृष्ठभूमि

झारखंड के साहिबगंज जिले के बोरियो थाने में 21 मई को चंपाई मरांडी के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जाँच के दौरान चंपाई का शव लापता होने के 10 दिन बाद एक जंगल क्षेत्र से बरामद किया गया। शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले में अपहरण की धाराओं के साथ हत्या की धाराएँ भी जोड़ दीं।

जाँच में सामने आया कि मृतक को आखिरी बार आरोपियों के साथ शराब पीते हुए देखा गया था। पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के इरादे से शव को जंगल में छिपा दिया और फिर गाँव से फरार हो गए।

दिल्ली तक कैसे पहुँची जाँच

क्राइम ब्रांच के हेड कांस्टेबल गौरव को एक मुखबिर से ठोस सूचना मिली कि आरोपी सुखदेव मुर्मू यमुना बाज़ार स्थित हनुमान मंदिर के आसपास छिपा है। मुखबिर ने यह भी बताया कि आरोपी ने कुछ लोगों के सामने साहिबगंज में हुई हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की थी।

इस सूचना को तत्काल बोरियो थाने के एसएचओ (एसआई रोहित) के साथ साझा किया गया, जिन्होंने अपहरण का मामला दर्ज होने और बाद में हत्या की धाराएँ जोड़े जाने की पुष्टि की। इसके बाद क्राइम ब्रांच और झारखंड पुलिस के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखा गया।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

क्राइम ब्रांच की टीम ने यमुना बाज़ार क्षेत्र में रणनीतिक रूप से जाल बिछाया और लगातार तकनीकी एवं ज़मीनी निगरानी बनाए रखी। 24 मई को आरोपी सुखदेव मुर्मू को हनुमान मंदिर के पास से सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में क्या सामने आया

पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि 12 मई को उसने बाबूजी मरांडी, मंगल टुडू और मृतक चंपाई मरांडी के साथ मिलकर शराब पी थी। शराब पीने के दौरान आपस में तीखी बहस हुई, जिसके बाद उसके साथियों ने चंपाई का गला घोंट दिया। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने हत्या में अपने साथियों की सहायता की। पुलिस के अनुसार, सुखदेव मुर्मू एक खेत मजदूर है, अशिक्षित है और शराब का आदी बताया गया है।

आगे क्या होगा

गिरफ्तार आरोपी को संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत झारखंड पुलिस को सौंपे जाने की संभावना है। मामले में नामित अन्य आरोपी — बाबूजी मरांडी और मंगल टुडू — अभी भी फरार बताए जा रहे हैं और उनकी तलाश जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीन पर कमज़ोर पड़ जाती है। यहाँ दिल्ली क्राइम ब्रांच और झारखंड पुलिस के बीच त्वरित सूचना-साझेदारी ने आरोपी को लंबे समय तक फरार रहने से रोका। हालाँकि, दो अन्य नामित आरोपियों का अभी भी फरार होना यह सवाल उठाता है कि क्या ऐसे मामलों में राज्य-स्तरीय जाँच एजेंसियों के पास पर्याप्त संसाधन और प्राथमिकता है। मृतक चंपाई मरांडी जैसे हाशिये पर रहने वाले खेत मजदूरों के मामले अक्सर मीडिया की नज़र से ओझल रह जाते हैं — इस गिरफ्तारी से उनके परिवार को न्याय की उम्मीद ज़रूर जगी होगी।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने किसे और कहाँ से गिरफ्तार किया?
क्राइम ब्रांच ने झारखंड के साहिबगंज जिले में हुई हत्या के आरोपी सुखदेव मुर्मू उर्फ ताला को 24 मई 2026 को नई दिल्ली के यमुना बाज़ार स्थित हनुमान मंदिर के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी अपराध के बाद झारखंड से भागकर दिल्ली में छिपा हुआ था।
चंपाई मरांडी हत्याकांड क्या है?
झारखंड के साहिबगंज जिले के बोरियो थाने में 21 मई को चंपाई मरांडी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। लापता होने के 10 दिन बाद उनका शव एक जंगल क्षेत्र से बरामद हुआ, जिसके बाद मामले में हत्या की धाराएँ जोड़ी गईं।
हत्या कैसे हुई और अन्य आरोपी कौन हैं?
पूछताछ के अनुसार, 12 मई को सुखदेव मुर्मू, बाबूजी मरांडी और मंगल टुडू ने मृतक चंपाई मरांडी के साथ शराब पी थी। बहस के बाद साथियों ने चंपाई का गला घोंट दिया और सुखदेव ने हत्या में सहायता की। बाबूजी मरांडी और मंगल टुडू अभी भी फरार हैं।
दिल्ली पुलिस को आरोपी का सुराग कैसे मिला?
क्राइम ब्रांच के हेड कांस्टेबल गौरव को एक मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी यमुना बाज़ार में छिपा है और उसने अपनी संलिप्तता कुछ लोगों के सामने स्वीकार की है। इस सूचना को झारखंड पुलिस के साथ साझा कर निरंतर समन्वय के बाद गिरफ्तारी को अंजाम दिया गया।
राष्ट्र प्रेस
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