बलियांटा मॉब लिंचिंग: जीआरपी कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वाइन हत्याकांड में 16वाँ आरोपी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 25 मई 2026 की रात केंद्रपाड़ा जिले के इंदूपुर से बिनोद कुमार बेहरा (48) को गिरफ्तार किया — यह 7 मई को भुवनेश्वर के बाहरी इलाके बलियांटा में गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (जीआरपी) कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वाइन की भीड़ द्वारा की गई मॉब लिंचिंग से जुड़ी इस मामले में अब तक की 16वीं गिरफ्तारी है। जाँचकर्ताओं के अनुसार ठोस साक्ष्यों के आधार पर की गई यह गिरफ्तारी दर्शाती है कि क्राइम ब्रांच की जाँच तेज़ रफ्तार से आगे बढ़ रही है।
मुख्य घटनाक्रम
बिनोद कुमार बेहरा भुवनेश्वर के सत्य नगर इलाके का निवासी है। क्राइम ब्रांच के अनुसार जाँच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों ने उसे मृतक पर हमले में प्रत्यक्ष रूप से संलिप्त बताया। इससे पहले इस मामले में 11 आरोपियों को बलियांटा पुलिस ने और शेष को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था।
वायरल वीडियो से हुई पहचान
क्राइम ब्रांच के आईजी सार्थक सारंगी ने मीडिया को बताया कि एजेंसी ने घटना के वायरल वीडियो का विश्लेषण कर आरोपियों की पहचान की है। उन्होंने स्वीकार किया कि इस मामले में कथित तौर पर शामिल 8 से 10 आरोपी अभी भी फरार हैं और उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
7 मई की घटना: क्या हुआ था
7 मई 2026 को जीआरपी कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वाइन अपने मित्र ओम प्रकाश के साथ भुवनेश्वर की ओर जा रहे थे। बलियांटा पुलिस सीमा के अंतर्गत भिंगारपुर-काजा क्षेत्र में उनकी मोटरसाइकिल और स्कूटर पर सवार दो लड़कियों के बीच कथित टक्कर के बाद विवाद हुआ। लड़कियों में से एक ने सौम्य पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया, जिसके बाद चीखें सुनकर स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुँचे और दोनों पर हमला कर दिया।
पुलिस ने घायल अवस्था में दोनों को बचाकर अस्पताल पहुँचाया, जहाँ सौम्य रंजन स्वाइन को मृत घोषित कर दिया गया। यह ऐसे समय में आया है जब मॉब लिंचिंग की घटनाओं को लेकर देशभर में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
आगे की जाँच
क्राइम ब्रांच ने स्पष्ट किया है कि फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए विशेष दल सक्रिय हैं। आईजी सारंगी के अनुसार जाँच के हर पहलू की गहन समीक्षा की जा रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।