12 जुलाई 2026
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बलियांटा मॉब लिंचिंग: जीआरपी कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वाइन हत्याकांड में 16वाँ आरोपी गिरफ्तार

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बलियांटा मॉब लिंचिंग: जीआरपी कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वाइन हत्याकांड में 16वाँ आरोपी गिरफ्तार

सारांश

ओडिशा की क्राइम ब्रांच ने बलियांटा मॉब लिंचिंग में 16वें आरोपी को केंद्रपाड़ा से दबोचा। 7 मई को जीआरपी कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वाइन की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। अभी भी 8-10 आरोपी फरार हैं।

मुख्य बातें

ओडिशा क्राइम ब्रांच ने 25 मई 2026 की रात बिनोद कुमार बेहरा (48) को केंद्रपाड़ा जिले के इंदूपुर से गिरफ्तार किया।
यह मामले में 16वीं गिरफ्तारी है; इससे पहले 11 आरोपी बलियांटा पुलिस ने पकड़े थे।
7 मई 2026 को भुवनेश्वर के बलियांटा क्षेत्र में जीआरपी कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वाइन की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।
क्राइम ब्रांच आईजी सार्थक सारंगी के अनुसार वायरल वीडियो से आरोपियों की पहचान की गई है।
कथित तौर पर 8 से 10 आरोपी अभी भी फरार हैं; उनकी तलाश जारी है।

ओडिशा पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 25 मई 2026 की रात केंद्रपाड़ा जिले के इंदूपुर से बिनोद कुमार बेहरा (48) को गिरफ्तार किया — यह 7 मई को भुवनेश्वर के बाहरी इलाके बलियांटा में गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (जीआरपी) कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वाइन की भीड़ द्वारा की गई मॉब लिंचिंग से जुड़ी इस मामले में अब तक की 16वीं गिरफ्तारी है। जाँचकर्ताओं के अनुसार ठोस साक्ष्यों के आधार पर की गई यह गिरफ्तारी दर्शाती है कि क्राइम ब्रांच की जाँच तेज़ रफ्तार से आगे बढ़ रही है।

मुख्य घटनाक्रम

बिनोद कुमार बेहरा भुवनेश्वर के सत्य नगर इलाके का निवासी है। क्राइम ब्रांच के अनुसार जाँच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों ने उसे मृतक पर हमले में प्रत्यक्ष रूप से संलिप्त बताया। इससे पहले इस मामले में 11 आरोपियों को बलियांटा पुलिस ने और शेष को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था।

वायरल वीडियो से हुई पहचान

क्राइम ब्रांच के आईजी सार्थक सारंगी ने मीडिया को बताया कि एजेंसी ने घटना के वायरल वीडियो का विश्लेषण कर आरोपियों की पहचान की है। उन्होंने स्वीकार किया कि इस मामले में कथित तौर पर शामिल 8 से 10 आरोपी अभी भी फरार हैं और उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं।

7 मई की घटना: क्या हुआ था

7 मई 2026 को जीआरपी कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वाइन अपने मित्र ओम प्रकाश के साथ भुवनेश्वर की ओर जा रहे थे। बलियांटा पुलिस सीमा के अंतर्गत भिंगारपुर-काजा क्षेत्र में उनकी मोटरसाइकिल और स्कूटर पर सवार दो लड़कियों के बीच कथित टक्कर के बाद विवाद हुआ। लड़कियों में से एक ने सौम्य पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया, जिसके बाद चीखें सुनकर स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुँचे और दोनों पर हमला कर दिया।

पुलिस ने घायल अवस्था में दोनों को बचाकर अस्पताल पहुँचाया, जहाँ सौम्य रंजन स्वाइन को मृत घोषित कर दिया गया। यह ऐसे समय में आया है जब मॉब लिंचिंग की घटनाओं को लेकर देशभर में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

आगे की जाँच

क्राइम ब्रांच ने स्पष्ट किया है कि फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए विशेष दल सक्रिय हैं। आईजी सारंगी के अनुसार जाँच के हर पहलू की गहन समीक्षा की जा रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जूरी और जल्लाद मान लेती है। 16 गिरफ्तारियाँ जाँच की सक्रियता दर्शाती हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि भीड़ इतनी बड़ी संख्या में एकत्र हुई और किसी ने रोका क्यों नहीं। वायरल वीडियो के ज़रिये पहचान होना तकनीकी सफलता है, पर यह भी उजागर करता है कि हमलावर कितनी निर्भीकता से कैमरे के सामने हिंसा कर रहे थे। फरार 8-10 आरोपियों की गिरफ्तारी और मुकदमे का त्वरित निपटारा ही पीड़ित परिवार को न्याय और समाज को संदेश दे सकता है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बलियांटा मॉब लिंचिंग मामला क्या है?
7 मई 2026 को भुवनेश्वर के बाहरी इलाके बलियांटा में जीआरपी कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वाइन की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। एक लड़की द्वारा यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने उन पर हमला किया था।
अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं?
इस मामले में अब तक कुल 16 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें से 11 को बलियांटा पुलिस ने और शेष को क्राइम ब्रांच ने पकड़ा है।
बिनोद कुमार बेहरा को कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
बिनोद कुमार बेहरा (48) को 25 मई 2026 की रात केंद्रपाड़ा जिले के इंदूपुर से गिरफ्तार किया गया। वह भुवनेश्वर के सत्य नगर इलाके का निवासी है।
क्राइम ब्रांच ने आरोपियों की पहचान कैसे की?
क्राइम ब्रांच के आईजी सार्थक सारंगी के अनुसार, घटना के वायरल वीडियो का विश्लेषण कर आरोपियों की पहचान की गई है। जाँच के दौरान जुटाए गए ठोस साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारियाँ की जा रही हैं।
कितने आरोपी अभी भी फरार हैं?
क्राइम ब्रांच आईजी के अनुसार कथित तौर पर 8 से 10 आरोपी अभी भी फरार हैं। उन्हें पकड़ने के लिए विशेष दल सक्रिय हैं और जल्द और गिरफ्तारियाँ संभव बताई जा रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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