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गुमला में राशन दुकान की आड़ में अवैध शराब का भंडाफोड़, 237 लीटर विदेशी शराब-बीयर जब्त

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गुमला में राशन दुकान की आड़ में अवैध शराब का भंडाफोड़, 237 लीटर विदेशी शराब-बीयर जब्त

सारांश

राशन दुकान के भीतर छुपा था शराब का अवैध अड्डा — गुमला पुलिस की रात की छापेमारी में 237 लीटर विदेशी शराब और बीयर बरामद, करीब ₹60,000 का माल जब्त। आरोपी दीपक जायसवाल अंधेरे का फायदा उठाकर फरार, तलाश जारी।

मुख्य बातें

गुमला के प्रेमनगर गांव में 25 मई 2026 की रात पुलिस ने राशन दुकान पर छापा मारकर 237 लीटर विदेशी शराब और बीयर जब्त की।
जब्त शराब में करीब 103 लीटर बीयर शामिल; कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹60,000 ।
आरोपी दीपक जायसवाल पुलिस को देखकर फरार; गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी।
चैनपुर थाना में कांड संख्या 15/26 दर्ज; बीएनएस 2023 की धारा 274/292 और उत्पाद अधिनियम की धारा 47(ए) के तहत मामला।
शराब की गुणवत्ता की पुष्टि एफएसएल जांच रिपोर्ट के बाद होगी।
छापेमारी दल का नेतृत्व एसडीपीओ श्रुति अग्रवाल ने किया।

झारखंड के गुमला जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के प्रेमनगर गांव में पुलिस ने 25 मई 2026 की रात एक राशन दुकान पर छापा मारकर अवैध शराब कारोबार का पर्दाफाश किया। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में 237 लीटर विदेशी शराब और बीयर बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹60,000 बताई जा रही है। आरोपी दीपक जायसवाल पुलिस टीम को देखते ही अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।

छापेमारी का घटनाक्रम

गुमला पुलिस अधीक्षक को प्रेमनगर में अवैध शराब बिक्री की सूचना मिलने के बाद एसडीपीओ श्रुति अग्रवाल के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने शनिवार रात दीपक जायसवाल की राशन दुकान सह मकान में दबिश दी। राशन दुकान के भीतर बने एक कमरे की तलाशी में भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब और बीयर मिली। पुलिस के अनुसार जब्त सामग्री में करीब 103 लीटर बीयर भी शामिल है।

मामले में दर्ज धाराएँ

इस मामले में चैनपुर थाना में कांड संख्या 15/26 दर्ज किया गया है। आरोपी दीपक जायसवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 274/292 और उत्पाद अधिनियम की धारा 47(ए) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। जब्त शराब असली है या नकली, इसकी पुष्टि एफएसएल जांच रिपोर्ट आने के बाद होगी।

स्थानीय समुदाय पर असर

एसडीपीओ श्रुति अग्रवाल ने पत्रकारों को बताया कि अवैध शराब बिक्री के कारण दुकान के आसपास असामाजिक तत्वों और बाहरी लोगों का जमावड़ा लगा रहता था, जिससे स्थानीय ग्रामीण और महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रहे थे। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को गुप्त सूचना दें और आश्वासन दिया कि सूचनादाता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

छापेमारी दल

इस कार्रवाई में अरविंद कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक राजेंद्र मंडल, सहायक अवर निरीक्षक धर्मपाल, संतोष लुगुन तथा चैनपुर थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे। आरोपी दीपक जायसवाल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों के अनुसार फरार आरोपी की तलाश जारी है और एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तेज की जाएगी। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब झारखंड में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस अभियान तेज किया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ महिलाओं और ग्रामीणों पर शराब के सामाजिक दुष्प्रभाव अधिक गहरे होते हैं, इस तरह की कार्रवाई की प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है। सवाल यह है कि इतने समय तक यह धंधा कैसे चलता रहा और क्या राशन वितरण प्रणाली की निगरानी में कोई चूक हुई — यह जाँच का विषय होना चाहिए।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुमला में राशन दुकान से कितनी शराब जब्त की गई?
पुलिस ने प्रेमनगर स्थित राशन दुकान से कुल 237 लीटर विदेशी शराब और बीयर जब्त की, जिसमें करीब 103 लीटर बीयर शामिल है। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग ₹60,000 बताई जा रही है।
इस मामले में आरोपी के खिलाफ कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
आरोपी दीपक जायसवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 274/292 और उत्पाद अधिनियम की धारा 47(ए) के तहत चैनपुर थाना में कांड संख्या 15/26 दर्ज किया गया है।
आरोपी दीपक जायसवाल को अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया?
पुलिस टीम के पहुँचने पर आरोपी दीपक जायसवाल अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
जब्त शराब असली है या नकली, इसकी पुष्टि कैसे होगी?
एसडीपीओ श्रुति अग्रवाल के अनुसार जब्त शराब की गुणवत्ता की पुष्टि एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
इस छापेमारी का स्थानीय समुदाय पर क्या असर पड़ा था?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अवैध शराब बिक्री के कारण दुकान के आसपास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता था, जिससे स्थानीय ग्रामीण और महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रहे थे।
राष्ट्र प्रेस
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