हंदवाड़ा में कृषि विभाग का वरिष्ठ सहायक ₹40,000 की रिश्वत लेते गिरफ्तार, ACB ने रंगे हाथों दबोचा
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार-विरोधी ब्यूरो (ACB) ने 12 अक्टूबर 2026 को हंदवाड़ा उपमंडल स्थित कृषि उपमंडल कार्यालय के वरिष्ठ सहायक इरशाद अहमद पीर को ₹40,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोप है कि पीर ने एक सब्सिडी बिल जारी करने के एवज में यह राशि मांगी थी।
मामले का पूरा घटनाक्रम
ACB पुलिस स्टेशन बारामूला को एक लिखित शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि वरिष्ठ सहायक इरशाद अहमद पीर ने शिकायतकर्ता के भाई द्वारा HADP (हिमालयन एग्रीकल्चर डेवलपमेंट प्रोग्राम) योजना के तहत लिए गए ट्रैक्टर का सब्सिडी बिल जारी करने के बदले ₹40,000 की माँग की।
शिकायत मिलने के बाद ACB बारामूला ने गोपनीय सत्यापन किया, जिसमें रिश्वत माँगने के आरोप सही पाए गए। इसके आधार पर मामला संख्या 06/2026 दिनांक 12 अक्टूबर 2026 को ACB पुलिस स्टेशन बारामूला में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (2018 में संशोधित) की धारा 7 के तहत दर्ज किया गया।
जाल बिछाकर की गई गिरफ्तारी
मामला दर्ज होने के तुरंत बाद स्वतंत्र गवाहों की सहायता से एक ट्रैप टीम गठित की गई। इस टीम ने आरोपी लोक सेवक के विरुद्ध सफलतापूर्वक जाल बिछाया और इरशाद अहमद पीर को ₹40,000 की रिश्वत मांगते व स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा।
रिश्वत की पूरी राशि उनके पास से बरामद की गई और आसपास के अन्य साक्ष्यों से इसकी पुष्टि भी हुई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है।
कानूनी प्रावधान और जाँच की स्थिति
ACB ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (2018 संशोधन) की धारा 7 के तहत यह एक संज्ञेय अपराध है। मामले की जाँच अभी जारी है और आगे की कार्रवाई प्रचलित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी।
गौरतलब है कि ACB जम्मू-कश्मीर इस प्रकार के रंगे हाथ पकड़ने के ऑपरेशन नियमित रूप से चलाती है और सरकारी विभागों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करती है।
आम जनता पर असर
यह मामला HADP जैसी सरकारी कल्याण योजनाओं में भ्रष्टाचार की गंभीर समस्या को उजागर करता है, जो सीधे किसानों और ग्रामीण लाभार्थियों को प्रभावित करती है। हंदवाड़ा जैसे दूरदराज के क्षेत्रों में लाभार्थी अक्सर सब्सिडी के लिए इन्हीं कार्यालयों पर निर्भर रहते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई एक निवारक संदेश देती है और पीड़ितों को शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित करती है। आगामी सप्ताहों में ACB द्वारा आरोप-पत्र दाखिल किए जाने की संभावना है।