1 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जम्मू-कश्मीर: कृषि विभाग का डिप्टी डायरेक्टर रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, दलाल भी पकड़ा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जम्मू-कश्मीर: कृषि विभाग का डिप्टी डायरेक्टर रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, दलाल भी पकड़ा

सारांश

जम्मू-कश्मीर ACB ने श्रीनगर में कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर नसीर अहमद खान को बीज कारोबारी से ₹50,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा। दलाल मोहम्मद ओवैस भट भी गिरफ्तार। कुल मांग ₹2 लाख थी, जिसमें से ₹1 लाख पहले ही दिए जा चुके थे।

मुख्य बातें

ACB श्रीनगर ने 30 सितंबर 2026 को ट्रैप कार्रवाई में कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर नसीर अहमद खान को ₹50,000 रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
आरोपी ने बीज कारोबारी से दुकान में बीज बेचने की अनुमति के बदले कुल ₹2 लाख मांगे थे; ₹1 लाख पहले ही दिए जा चुके थे।
कथित दलाल मोहम्मद ओवैस भट (कमरवारी निवासी) को भी मौके पर पकड़ा गया।
एफआईआर संख्या 16/2026 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 व 7ए और बीएनएस की धारा 61(2) के तहत दर्ज।
दोनों आरोपी फिलहाल शहीदगंज पुलिस स्टेशन, श्रीनगर में हैं; जांच जारी है।

जम्मू-कश्मीर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 30 सितंबर 2026 को श्रीनगर में एक ट्रैप कार्रवाई के दौरान कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर (लॉ एनफोर्समेंट) नसीर अहमद खान को एक बीज कारोबारी से ₹50,000 की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। उनके साथ कथित दलाल मोहम्मद ओवैस भट को भी मौके पर ही हिरासत में लिया गया।

मामले का पूरा घटनाक्रम

ACB को एक बीज कारोबारी की लिखित शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि नसीर अहमद खान ने उसकी दुकान पर पौधों के बीज बेचने की अनुमति देने के एवज में ₹2 लाख की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, मजबूरी में वह पहले ही ₹1 लाख अदा कर चुका था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच शेष राशि ₹50,000-₹50,000 की दो किस्तों में चुकाने पर सहमति बनी।

जब शिकायतकर्ता ने आगे रिश्वत देने से इनकार किया, तो उसने ACB से संपर्क किया। सत्यापन के दौरान आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।

एफआईआर और कानूनी कार्रवाई

पुलिस स्टेशन ACB श्रीनगर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 7ए तथा बीएनएस की धारा 61(2) के तहत एफआईआर संख्या 16/2026 दर्ज की गई। इसके बाद 30 सितंबर 2026 को ट्रैप टीम गठित की गई।

ट्रैप कार्रवाई के दौरान आरोपी अधिकारी नसीर अहमद खान को उनके कथित दलाल मोहम्मद ओवैस भट — जो कमरवारी के निवासी बताए जाते हैं — के साथ शिकायतकर्ता से ₹50,000 की अवैध राशि मांगते और स्वीकार करते पकड़ा गया। रिश्वत की यह राशि भी उनके कब्जे से बरामद की गई।

गिरफ्तारी के बाद की स्थिति

दोनों आरोपियों की मेडिको-लीगल औपचारिकताएँ पूरी कराने के बाद उन्हें श्रीनगर के शहीदगंज पुलिस स्टेशन में रखा गया है। ACB ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की जांच जारी है।

ACB की भूमिका और पृष्ठभूमि

एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश की प्रमुख विशेष कानून प्रवर्तन एजेंसी है, जो सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की जांच करती है। यह संगठन वर्ष 1962 में 'एंटी करप्शन ऑर्गनाइजेशन' के नाम से अस्तित्व में आया था। वर्ष 1983 में प्रिवेंशन ऑफ करप्शन लॉज (अमेंडमेंट) एक्ट के तहत इसका नाम 'स्टेट विजिलेंस ऑर्गनाइजेशन' किया गया और बाद में यह वर्तमान ACB के रूप में विकसित हुआ।

गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब जम्मू-कश्मीर में प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर बहस जारी है। ACB की ट्रैप-आधारित कार्रवाइयाँ हाल के वर्षों में तेज हुई हैं और इस गिरफ्तारी से विभागीय जवाबदेही पर नए सवाल उठते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-कश्मीर ACB ने किसे और क्यों गिरफ्तार किया?
ACB ने कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर (लॉ एनफोर्समेंट) नसीर अहमद खान को एक बीज कारोबारी से ₹50,000 की रिश्वत स्वीकार करते हुए गिरफ्तार किया। आरोप था कि उन्होंने दुकान में बीज बेचने की अनुमति के बदले ₹2 लाख की मांग की थी।
रिश्वत की कुल राशि कितनी थी और कितनी बरामद हुई?
आरोपी अधिकारी ने कुल ₹2 लाख की मांग की थी। शिकायतकर्ता पहले ही ₹1 लाख दे चुका था। ट्रैप कार्रवाई के दौरान ₹50,000 की किस्त आरोपियों के कब्जे से बरामद की गई।
इस मामले में कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
ACB श्रीनगर में एफआईआर संख्या 16/2026 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 7ए तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2) के तहत दर्ज की गई है।
दलाल मोहम्मद ओवैस भट कौन है?
मोहम्मद ओवैस भट कमरवारी, श्रीनगर का निवासी बताया गया है। उसे आरोपी अधिकारी का कथित दलाल बताते हुए ट्रैप कार्रवाई में उसी के साथ गिरफ्तार किया गया।
जम्मू-कश्मीर ACB क्या है और यह कैसे काम करती है?
ACB जम्मू-कश्मीर की प्रमुख भ्रष्टाचार-रोधी एजेंसी है, जो 1962 में 'एंटी करप्शन ऑर्गनाइजेशन' के रूप में स्थापित हुई थी। यह सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध रिश्वतखोरी और वित्तीय अनियमितता के मामलों की जांच करती है और शिकायत मिलने पर ट्रैप कार्रवाई कर आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 48 मिनट पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले