12 अगस्त 2026
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कश्मीरी पंडित कवि सर्वानंद कौल हत्याकांड 1990: SIA ने 9 जगहों पर एक साथ की छापेमारी

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कश्मीरी पंडित कवि सर्वानंद कौल हत्याकांड 1990: SIA ने 9 जगहों पर एक साथ की छापेमारी

सारांश

साढ़े तीन दशक बाद SIA ने कश्मीरी पंडित कवि-विद्वान सर्वानंद कौल 'प्रेमी' और उनके पुत्र की 1990 की हत्या के मामले में 9 जगहों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई JKLF प्रमुख यासीन मलिक पर दाखिल चार्जशीट के बाद SIA की व्यापक जाँच का हिस्सा है।

मुख्य बातें

SIA ने 12 अगस्त 2026 को 1990 के दोहरे हत्याकांड के सिलसिले में 9 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की।
तलाशी राजौरी में 6 , जम्मू में 2 और घाटी में 1 स्थान पर की गई।
पीड़ित सर्वानंद कौल 'प्रेमी' — कश्मीर के著名 कवि-विद्वान और स्वतंत्रता सेनानी — और उनके पुत्र वीरेंद्र कौल को 1990 में अगवा कर गोली मारी गई थी; शव पेड़ से लटके मिले थे।
मामला अनंतनाग के डूरू पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जो अब SIA के अधीन है।
जून 2026 में SIA ने JKLF प्रमुख यासीन मलिक के खिलाफ नर्स सरला भट्ट हत्या मामले में 737 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी।
छापेमारी में बरामदगी का आधिकारिक विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया।

जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने बुधवार, 12 अगस्त 2026 को 1990 के दोहरे हत्याकांड के सिलसिले में घाटी और जम्मू संभाग में नौ स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई कश्मीरी पंडित कवि-विद्वान सर्वानंद कौल 'प्रेमी' और उनके पुत्र वीरेंद्र कौल की नृशंस हत्या के साढ़े तीन दशक बाद उन फरार हत्यारों और उनके सहयोगियों का पता लगाने के लिए की गई।

मुख्य घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, तलाशी अभियान अनंतनाग जिले के डूरू पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के तहत चलाया गया, जिसकी जाँच अब SIA के हाथ में है। राजौरी जिले में 6, जम्मू में 2 और घाटी में 1 स्थान पर छापेमारी की गई।

ऑपरेशन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि तलाशी उन संपत्तियों और व्यक्तियों पर केंद्रित थी, जिनके बारे में माना जाता है कि वे 1990 में हुए अपहरण की साजिश से जुड़े थे। हालाँकि, छापेमारी में बरामदगी का आधिकारिक ब्यौरा अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।

कौन थे सर्वानंद कौल 'प्रेमी'

सर्वानंद कौल 'प्रेमी' जम्मू-कश्मीर के सबसे सम्मानित साहित्यकारों में गिने जाते थे। अनंतनाग के कोकरनाग इलाके के सोआफ शाली गाँव के निवासी इस कवि-विद्वान ने दशकों तक राष्ट्रीय एकता, सांप्रदायिक सद्भाव और कश्मीर के विभिन्न समुदायों के बीच भाईचारे के लिए लेखनी चलाई।

वे भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भी सक्रिय रहे थे। उनकी हत्या को एकता की आवाज़ उठाने वाले एक व्यक्ति पर सुनियोजित हमले के रूप में देखा जाता है। 1990 में उन्हें और उनके पुत्र वीरेंद्र कौल को घर से अगवा कर गोली मार दी गई थी — बाद में दोनों के शव एक पेड़ से लटके हुए मिले। इस घटना ने पूरी घाटी में दहशत फैला दी थी और यह उस आतंकी अभियान का एक भयावह प्रतीक बन गई, जिसके कारण कश्मीरी पंडित समुदाय को बड़े पैमाने पर पलायन करना पड़ा।

पृष्ठभूमि: SIA की व्यापक जाँच

गौरतलब है कि बुधवार की यह छापेमारी एक संबंधित मामले में मिली अहम सफलता के ठीक बाद हुई। जून 2026 में SIA ने 737 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें जेल में बंद जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) प्रमुख यासीन मलिक को SKIMS की नर्स सरला भट्ट के 1990 में हुए अपहरण, प्रताड़ना और हत्या का मास्टरमाइंड बताया गया था।

सरला भट्ट को 18 अप्रैल 1990 को उस अस्पताल के पास से अगवा किया गया था जहाँ वे कार्यरत थीं। उन्हें प्रताड़ित किया गया और उमर कॉलोनी, मालबाग में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई। यह मामला 34 वर्षों तक ठंडे बस्ते में रहने के बाद पुनः खोला गया था।

SIA की व्यापक रणनीति

SIA अब कश्मीरी पंडित समुदाय को निशाना बनाकर उग्रवाद के दौर में की गई अनसुलझी हत्याओं की जाँच का दायरा लगातार बढ़ा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार कश्मीर में पुरानी न्यायिक खामियों को दूर करने पर ज़ोर दे रही है।

आने वाले हफ्तों में इस मामले में गिरफ्तारियाँ या अतिरिक्त चार्जशीट दाखिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

सबूत और जीवित आरोपी कितने सुलभ हैं — और क्या यह जाँच सिर्फ चार्जशीट तक सीमित रहेगी या दोषसिद्धि तक पहुँचेगी। पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की यह देरी अपने आप में एक बड़ा सवाल है।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सर्वानंद कौल 'प्रेमी' कौन थे और उनकी हत्या कैसे हुई?
सर्वानंद कौल 'प्रेमी' जम्मू-कश्मीर के著名 कवि-विद्वान और स्वतंत्रता सेनानी थे, जो राष्ट्रीय एकता और सांप्रदायिक सद्भाव के लिए जाने जाते थे। 1990 में उन्हें और उनके पुत्र वीरेंद्र कौल को अनंतनाग के कोकरनाग स्थित उनके घर से अगवा कर गोली मारी गई थी और बाद में दोनों के शव एक पेड़ से लटके मिले थे।
SIA ने यह छापेमारी क्यों की और किन जगहों पर की?
SIA ने अनंतनाग के डूरू पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के तहत फरार हत्यारों और उनके सहयोगियों का पता लगाने के लिए यह छापेमारी की। राजौरी जिले में 6, जम्मू में 2 और घाटी में 1 स्थान पर एक साथ तलाशी ली गई।
यासीन मलिक का इस मामले से क्या संबंध है?
यासीन मलिक का सर्वानंद कौल हत्याकांड से सीधा संबंध इस मामले में अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। हालाँकि, जून 2026 में SIA ने उन पर SKIMS नर्स सरला भट्ट के 1990 के अपहरण और हत्या में मास्टरमाइंड होने का आरोप लगाते हुए 737 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी — जो उसी दौर की एक अन्य कश्मीरी पंडित हत्या है।
SIA कश्मीरी पंडित हत्याओं की जाँच क्यों बढ़ा रही है?
SIA उग्रवाद के दौर में कश्मीरी पंडित समुदाय को निशाना बनाकर की गई अनसुलझी हत्याओं की जाँच का दायरा व्यापक कर रही है। इसका उद्देश्य दशकों से लंबित मामलों में न्यायिक प्रक्रिया पूरी करना और दोषियों को कानून के कटघरे में लाना है।
इस छापेमारी में क्या बरामद हुआ?
अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी में बरामदगी का विवरण अभी आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं किया गया है। तलाशी उन संपत्तियों और व्यक्तियों पर केंद्रित थी जिनके 1990 की अपहरण साजिश से जुड़े होने का संदेह है।
राष्ट्र प्रेस
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