जोगिंदर नगर-पठानकोट रेल सेवा चार साल बाद बहाल, हिमाचल को ₹2,911 करोड़ का रेल बजट
सारांश
मुख्य बातें
कांगड़ा घाटी रेल सेवा को 2 जून 2026 से पुनः बहाल कर दिया गया है — 2022 की विनाशकारी बाढ़ में ट्रैक और पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद से यह मार्ग लगभग चार वर्षों से बंद था। पठानकोट-जोगिंदर नगर नैरोगेज रेल लाइन पर सेवा की वापसी हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत है।
बहाली समारोह और मुख्य घटनाक्रम
हमीरपुर से लोकसभा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को कांगड़ा रेलवे स्टेशन पर आयोजित बहाली समारोह में भाग लिया और इस सेवा की शुरुआत का स्वागत किया। उन्होंने रेलवे विभाग के कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों से बरसात में रेल ट्रैक खराब होने और पुल टूटने के कारण यह सेवा बंद थी, और इसके लिए सभी संबंधित पक्षों ने मिलकर प्रयास किए।
हिमाचल के लिए रेल बजट: आँकड़े और दावे
ठाकुर ने बताया कि केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में हिमाचल प्रदेश में रेल विस्तार, आधुनिकीकरण और विद्युतीकरण के लिए ₹2,911 करोड़ का प्रावधान किया है। उनके अनुसार यह राशि पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के अधिकतम ₹104 करोड़ के आवंटन की तुलना में 27 गुना अधिक है।
उन्होंने यह भी कहा कि भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन पर अब तक करीब ₹6,798 करोड़ खर्च हो चुके हैं और अगले वर्ष के अंत तक यह लाइन बिलासपुर तक पहुँच जाएगी।
ब्रॉडगेज सर्वे और आगे की योजना
ठाकुर ने बताया कि उन्होंने सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज के साथ मिलकर केंद्र में पठानकोट-जोगिंदर नगर रेल लाइन को ब्रॉडगेज में बदलने का मामला उठाया है। उनके अनुसार इसके लिए सर्वे पूरा हो चुका है और अब बजट स्वीकृति का इंतजार है।
राज्य सरकार पर केंद्रीय देनदारी का आरोप
ठाकुर ने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश की राज्य सरकार पर केंद्र सरकार की ₹2,000 करोड़ की देनदारी अभी भी बाकी है। गौरतलब है कि यह बयान राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार और केंद्र की भाजपा सरकार के बीच चल रहे वित्तीय विवाद के संदर्भ में आया है।
यात्रियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर
कांगड़ा घाटी की यह नैरोगेज रेल लाइन न केवल स्थानीय यात्रियों के लिए बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण माध्यम है। चार वर्षों के अंतराल के बाद इसकी बहाली से कांगड़ा, पालमपुर और जोगिंदर नगर के बीच संपर्क फिर से स्थापित हुआ है, जिससे पर्यटन और स्थानीय व्यापार को नई गति मिलने की उम्मीद है।