19 जुलाई 2026
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जोगिंदर नगर-पठानकोट रेल सेवा चार साल बाद बहाल, हिमाचल को ₹2,911 करोड़ का रेल बजट

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जोगिंदर नगर-पठानकोट रेल सेवा चार साल बाद बहाल, हिमाचल को ₹2,911 करोड़ का रेल बजट

सारांश

चार साल की लंबी प्रतीक्षा के बाद कांगड़ा घाटी में पटरियाँ फिर गुनगुनाईं — 2022 की बाढ़ से ध्वस्त हुई जोगिंदर नगर-पठानकोट रेल सेवा 2 जून से बहाल हो गई। बहाली के साथ हिमाचल के लिए ₹2,911 करोड़ के रेल बजट और ब्रॉडगेज सर्वे पूरा होने की घोषणा ने पहाड़ी राज्य में रेल विकास की नई बहस छेड़ दी है।

मुख्य बातें

जोगिंदर नगर-पठानकोट रेल सेवा 2 जून 2026 को लगभग चार वर्षों के बाद पुनः बहाल की गई।
2022 की बाढ़ में रेल ट्रैक और पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण यह सेवा बंद हुई थी।
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में हिमाचल के रेल प्रोजेक्ट्स के लिए ₹2,911 करोड़ का प्रावधान किया — यूपीए के अधिकतम ₹104 करोड़ से 27 गुना अधिक।
भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन पर अब तक ₹6,798 करोड़ खर्च; अगले वर्ष के अंत तक बिलासपुर तक पहुँचने का लक्ष्य।
पठानकोट-जोगिंदर नगर ब्रॉडगेज सर्वे पूरा, बजट स्वीकृति का इंतजार।
अनुराग ठाकुर के अनुसार हिमाचल सरकार पर केंद्र की ₹2,000 करोड़ की देनदारी अभी बाकी है।

कांगड़ा घाटी रेल सेवा को 2 जून 2026 से पुनः बहाल कर दिया गया है — 2022 की विनाशकारी बाढ़ में ट्रैक और पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद से यह मार्ग लगभग चार वर्षों से बंद था। पठानकोट-जोगिंदर नगर नैरोगेज रेल लाइन पर सेवा की वापसी हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत है।

बहाली समारोह और मुख्य घटनाक्रम

हमीरपुर से लोकसभा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को कांगड़ा रेलवे स्टेशन पर आयोजित बहाली समारोह में भाग लिया और इस सेवा की शुरुआत का स्वागत किया। उन्होंने रेलवे विभाग के कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों से बरसात में रेल ट्रैक खराब होने और पुल टूटने के कारण यह सेवा बंद थी, और इसके लिए सभी संबंधित पक्षों ने मिलकर प्रयास किए।

हिमाचल के लिए रेल बजट: आँकड़े और दावे

ठाकुर ने बताया कि केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में हिमाचल प्रदेश में रेल विस्तार, आधुनिकीकरण और विद्युतीकरण के लिए ₹2,911 करोड़ का प्रावधान किया है। उनके अनुसार यह राशि पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के अधिकतम ₹104 करोड़ के आवंटन की तुलना में 27 गुना अधिक है।

उन्होंने यह भी कहा कि भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन पर अब तक करीब ₹6,798 करोड़ खर्च हो चुके हैं और अगले वर्ष के अंत तक यह लाइन बिलासपुर तक पहुँच जाएगी।

ब्रॉडगेज सर्वे और आगे की योजना

ठाकुर ने बताया कि उन्होंने सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज के साथ मिलकर केंद्र में पठानकोट-जोगिंदर नगर रेल लाइन को ब्रॉडगेज में बदलने का मामला उठाया है। उनके अनुसार इसके लिए सर्वे पूरा हो चुका है और अब बजट स्वीकृति का इंतजार है।

राज्य सरकार पर केंद्रीय देनदारी का आरोप

ठाकुर ने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश की राज्य सरकार पर केंद्र सरकार की ₹2,000 करोड़ की देनदारी अभी भी बाकी है। गौरतलब है कि यह बयान राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार और केंद्र की भाजपा सरकार के बीच चल रहे वित्तीय विवाद के संदर्भ में आया है।

यात्रियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर

कांगड़ा घाटी की यह नैरोगेज रेल लाइन न केवल स्थानीय यात्रियों के लिए बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण माध्यम है। चार वर्षों के अंतराल के बाद इसकी बहाली से कांगड़ा, पालमपुर और जोगिंदर नगर के बीच संपर्क फिर से स्थापित हुआ है, जिससे पर्यटन और स्थानीय व्यापार को नई गति मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन चार वर्षों की देरी खुद में एक सवाल है — पहाड़ी राज्यों में आपदा के बाद रेल बुनियादी ढाँचे की मरम्मत की गति क्यों इतनी धीमी रहती है? ₹2,911 करोड़ के बजट के दावे प्रभावशाली लगते हैं, परंतु असली कसौटी यह है कि इस राशि का कितना हिस्सा वास्तव में ज़मीन पर उतरता है और कितने समय में। ब्रॉडगेज सर्वे पूरा होने के बावजूद बजट स्वीकृति का 'इंतजार' — यह वाक्यांश हिमाचल की रेल परियोजनाओं के लिए नया नहीं है। राज्य सरकार पर ₹2,000 करोड़ की देनदारी का आरोप राजनीतिक है, लेकिन इससे यात्रियों की असुविधा कम नहीं होती।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जोगिंदर नगर-पठानकोट रेल सेवा कब और क्यों बंद हुई थी?
यह सेवा 2022 में आई बाढ़ के बाद बंद हुई थी, जिसमें रेल ट्रैक और पुल क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसके बाद लगभग चार वर्षों तक इस मार्ग पर ट्रेन नहीं चली।
जोगिंदर नगर-पठानकोट रेल सेवा कब बहाल हुई?
यह सेवा 2 जून 2026 को पुनः बहाल की गई। कांगड़ा रेलवे स्टेशन पर एक समारोह में इसकी शुरुआत हुई।
हिमाचल प्रदेश के लिए रेल बजट 2026-27 में कितना आवंटित किया गया है?
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में हिमाचल में रेल विस्तार, आधुनिकीकरण और विद्युतीकरण के लिए ₹2,911 करोड़ का प्रावधान किया है। अनुराग ठाकुर के अनुसार यह यूपीए सरकार के अधिकतम ₹104 करोड़ से 27 गुना अधिक है।
पठानकोट-जोगिंदर नगर रेल लाइन को ब्रॉडगेज में बदलने की क्या स्थिति है?
इस लाइन के ब्रॉडगेज रूपांतरण के लिए सर्वे पूरा हो चुका है। अनुराग ठाकुर के अनुसार अब इसके लिए बजट स्वीकृति का इंतजार है।
भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन कब तक पूरी होगी?
अनुराग ठाकुर के अनुसार भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन पर अब तक करीब ₹6,798 करोड़ खर्च हो चुके हैं और अगले वर्ष के अंत तक यह लाइन बिलासपुर तक पहुँच जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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