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स्कॉटलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर जॉन स्वीनी ने गिफ्ट सिटी का दौरा किया, 16 किमी यूटिलिटी टनल की सराहना

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स्कॉटलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर जॉन स्वीनी ने गिफ्ट सिटी का दौरा किया, 16 किमी यूटिलिटी टनल की सराहना

सारांश

स्कॉटलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर जॉन स्वीनी की गिफ्ट सिटी यात्रा महज़ एक औपचारिक दौरा नहीं थी — यह वैश्विक मान्यता का संकेत है। 16 किमी की अंडरग्राउंड यूटिलिटी टनल जो भारतीय शहरों की बार-बार सड़क खुदाई की समस्या को स्थायी रूप से खत्म करती है, अब अंतर्राष्ट्रीय ध्यान खींच रही है।

मुख्य बातें

स्कॉटलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर जॉन स्वीनी के नेतृत्व में 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 22 से 25 अक्टूबर 2026 तक गुजरात दौरे पर है।
प्रतिनिधिमंडल ने 23 अक्टूबर को गांधीनगर स्थित गिफ्ट सिटी का दौरा किया और भूमिगत यूटिलिटी टनल प्रणाली की विशेष प्रशंसा की।
गिफ्ट सिटी में कुल 16 किमी लंबी यूटिलिटी टनल बनाने का लक्ष्य; 5.5 किमी नेटवर्क चालू, अगले 5.5 किमी का निर्माण जारी।
टनल में बिजली केबल, पेयजल पाइपलाइन, डिस्ट्रिक्ट कूलिंग, स्वचालित अपशिष्ट और संचार केबल शामिल हैं; निगरानी SCADA तकनीक से 24 घंटे ।
गिफ्ट सिटी भारत का पहला अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में विकसित किया गया था।

स्कॉटलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर जॉन स्वीनी के नेतृत्व में 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने 23 अक्टूबर 2026 को गांधीनगर स्थित गिफ्ट सिटी का दौरा किया और वहाँ की अत्याधुनिक यूटिलिटी टनल प्रणाली की विशेष प्रशंसा की। यह स्कॉटिश प्रतिनिधिमंडल 22 से 25 अक्टूबर 2026 तक गुजरात में है, जो भारत के विकास मॉडल का प्रत्यक्ष अध्ययन करने आया है।

दौरे का विवरण और प्रतिक्रिया

फर्स्ट मिनिस्टर जॉन स्वीनी और उनके प्रतिनिधिमंडल ने गिफ्ट सिटी में वित्तीय सेवाओं, निवेश, निर्यात के विभिन्न क्षेत्रों और समग्र अवसंरचना विकास की जानकारी हासिल की। प्रतिनिधिमंडल ने गिफ्ट सिटी की भूमिगत यूटिलिटी टनल प्रणाली को देखकर उसकी उन्नत तकनीक की सराहना की। गिफ्ट सिटी को भारत के पहले अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में विकसित किया गया था, जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

यूटिलिटी टनल: गिफ्ट सिटी की तकनीकी रीढ़

गिफ्ट सिटी की भूमिगत यूटिलिटी टनल प्रणाली शहर की अवसंरचना की मूल आधारशिला है। इस प्रणाली के तहत बिजली के केबल, पेयजल पाइपलाइन, डिस्ट्रिक्ट कूलिंग पाइपलाइन, स्वचालित ठोस अपशिष्ट पाइपलाइन, ऑटोमेशन केबल और संचार केबल — सभी को भूमिगत रूप से बिछाया गया है।

टनल के ऊपरी हिस्से में बैकअप सिस्टम सहित बिजली के केबल लगाए गए हैं, जबकि पानी, अपशिष्ट और संचार लाइनें निचले हिस्से में रखी गई हैं। सुरक्षा कारणों से सीवेज, वर्षाजल और गैस पाइपलाइनें एक अलग समर्पित कॉरिडोर में रखी गई हैं।

सड़क खुदाई की समस्या का स्थायी समाधान

भारत के अधिकांश शहरों में बिजली, पानी या संचार लाइनों की मरम्मत के लिए बार-बार सड़कें खोदनी पड़ती हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और नागरिकों को असुविधा होती है। गिफ्ट सिटी ने दुनिया के प्रमुख स्मार्ट शहरों से प्रेरणा लेकर इस पुरानी समस्या का स्थायी समाधान निकाला है। इस मॉडल में टनल के ऊपर की भूमि का उपयोग बस स्टॉप, पैदल मार्ग, बैठने की जगह और छोटी दुकानों या कियोस्क के लिए किया जा सकता है।

तकनीकी निगरानी और भविष्य की योजना

पूरी यूटिलिटी टनल की निगरानी सुपरवाइज़री कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन (SCADA) तकनीक के माध्यम से एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से 24 घंटे की जाती है। किसी भी तकनीकी समस्या की स्थिति में नियंत्रण कक्ष तत्काल रखरखाव दल को सूचित करता है, जिससे बिना यातायात बाधित किए त्वरित मरम्मत संभव होती है।

पूरे गिफ्ट सिटी में कुल 16 किमी लंबी यूटिलिटी टनल बनाने का लक्ष्य है। इसमें से 5.5 किमी का नेटवर्क पूरी तरह चालू है और अगले 5.5 किमी का निर्माण कार्य जारी है। शेष हिस्सा शहर के चरणबद्ध विकास के साथ पूरा किया जाएगा। नवनिर्मित इमारतें बेसमेंट के माध्यम से सीधे इस टनल नेटवर्क से जुड़ी हैं।

गिफ्ट सिटी: वैश्विक वित्तीय केंद्र के रूप में उभरता मॉडल

गिफ्ट सिटी न केवल भारत का पहला अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र है, बल्कि यह ऊँची इमारतों और घनी आबादी को ध्यान में रखते हुए अवसंरचना निर्माण में एक नया वैश्विक मानक स्थापित कर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय शहर स्मार्ट सिटी मॉडल की ओर तेज़ी से बढ़ रहे हैं और गिफ्ट सिटी की यूटिलिटी टनल प्रणाली उनके लिए एक व्यावहारिक खाका प्रस्तुत करती है। स्कॉटिश प्रतिनिधिमंडल की यह यात्रा भारत-स्कॉटलैंड के बीच बुनियादी ढाँचे और निवेश के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं को और विस्तार दे सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और भारत का इस दिशा में कदम देर से आया लेकिन उल्लेखनीय है। असली प्रश्न यह है कि क्या यह मॉडल केवल एक शोकेस प्रोजेक्ट बना रहेगा या इसे मुंबई, बेंगलुरु और दिल्ली जैसे बड़े शहरों में दोहराया जाएगा जहाँ सड़क खुदाई नागरिकों की दिनचर्या को बाधित करती है। स्कॉटलैंड के साथ संभावित सहयोग तभी सार्थक होगा जब यह दौरा ठोस निवेश और तकनीकी साझेदारी में तब्दील हो।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्कॉटलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर जॉन स्वीनी गुजरात क्यों आए हैं?
जॉन स्वीनी के नेतृत्व में 11 सदस्यीय स्कॉटिश प्रतिनिधिमंडल 22 से 25 अक्टूबर 2026 तक गुजरात के दौरे पर है। इस दौरे का उद्देश्य भारत और गुजरात के विकास मॉडल का अध्ययन करना और निवेश व सहयोग की संभावनाएँ तलाशना है।
गिफ्ट सिटी की यूटिलिटी टनल प्रणाली क्या है?
गिफ्ट सिटी की यूटिलिटी टनल एक भूमिगत नेटवर्क है जिसमें बिजली केबल, पेयजल पाइपलाइन, डिस्ट्रिक्ट कूलिंग, स्वचालित ठोस अपशिष्ट पाइपलाइन और संचार केबल एक साथ बिछाए गए हैं। इससे शहर में मरम्मत के लिए सड़क खोदने की ज़रूरत नहीं पड़ती और यातायात बाधित नहीं होता।
गिफ्ट सिटी में कुल कितनी लंबी यूटिलिटी टनल बनाई जाएगी?
पूरे गिफ्ट सिटी में कुल 16 किमी लंबी यूटिलिटी टनल बनाने का लक्ष्य है। इसमें से 5.5 किमी का नेटवर्क पूरी तरह चालू है और अगले 5.5 किमी का निर्माण कार्य जारी है; शेष हिस्सा शहर के चरणबद्ध विकास के साथ पूरा किया जाएगा।
गिफ्ट सिटी की यूटिलिटी टनल की निगरानी कैसे होती है?
पूरी यूटिलिटी टनल की निगरानी SCADA (सुपरवाइज़री कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन) तकनीक के माध्यम से एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से 24 घंटे की जाती है। किसी भी तकनीकी खराबी की स्थिति में तुरंत रखरखाव दल को सूचित किया जाता है।
गिफ्ट सिटी क्या है और इसे किसने विकसित किया?
गिफ्ट सिटी (गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी) भारत का पहला अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) और उन्नत स्मार्ट शहर है, जो गांधीनगर में स्थित है। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में तब विकसित किया गया जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे।
राष्ट्र प्रेस
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