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कैंची धाम स्थापना दिवस 15 जून: बाबा नीब करोली महाराज के दरबार की तैयारियाँ पूरी, उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब

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कैंची धाम स्थापना दिवस 15 जून: बाबा नीब करोली महाराज के दरबार की तैयारियाँ पूरी, उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब

सारांश

नैनीताल के कैंची धाम में 15 जून को बाबा नीब करोली महाराज का स्थापना दिवस मनाया जाएगा। मेले और भंडारे की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। नया ध्यान केंद्र, कड़ी सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं।

मुख्य बातें

कैंची धाम , नैनीताल में 15 जून को बाबा नीब करोली महाराज का वार्षिक स्थापना दिवस मनाया जाएगा।
मंदिर परिसर के निकट ध्यान केंद्र का निर्माण जारी; लगभग 35-40 कारीगर कार्यरत।
14 जून की रात तक मालपुआ प्रसाद तैयार होगा; 15 जून से मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत।
रक्षा बल , पुलिस और प्रशासन के साथ समन्वय; बैरिकेड्स और स्वयंसेवकों की विशेष तैनाती।
गर्मी को देखते हुए पानी-जूस की व्यवस्था; अग्निशमन उपकरण और आपात प्रबंधन भी तैयार।

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में 15 जून को बाबा नीब करोली महाराज के आश्रम का वार्षिक स्थापना दिवस मनाया जाएगा। इस पावन अवसर पर मेले और भंडारे का भव्य आयोजन होता है, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचते हैं। इस वर्ष तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं और प्रशासन व ट्रस्ट ने मिलकर व्यापक इंतज़ाम किए हैं।

मेले की तैयारियाँ और नई सुविधाएँ

कैंची धाम ट्रस्ट के सचिव आलोक चोपड़ा ने बताया कि मंदिर परिसर के निकट श्रद्धालुओं के लिए ध्यान और पाठ हेतु एक विशेष स्थान तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'अभी तो मंदिर के पास निर्माण का काम चल रहा है और यह प्लान काफी अच्छा है। मंदिर के पास जगह नहीं है और लोगों को यहाँ पर बैठकर ध्यान और पाठ करने के लिए जगह नहीं मिल पाती थी। इन्हीं सब को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर के पास श्रद्धालुओं के ध्यान और पाठ करने की जगह बनाने का निर्णय लिया है, जिससे किसी को दिक्कत न हो।'

चोपड़ा ने आगे जानकारी दी, 'सीढ़ियाँ बन गई हैं और ध्यान केंद्र का काम चल रहा है। इसके असली फायदे तब पता चलेंगे, जब इसे शुरू किया जाएगा और लोग इसका इस्तेमाल करेंगे। लगभग 35-40 कारीगर आते हैं — वे इसको बनाएंगे।'

मालपुआ प्रसाद और कार्यक्रम की शुरुआत

सचिव आलोक चोपड़ा के अनुसार, 14 जून की रात तक मालपुआ बनाने का कार्यक्रम चलेगा और 15 जून से मुख्य आयोजन की विधिवत शुरुआत होगी। दर्शन के पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा, जिसके लिए स्वयंसेवकों की एक विशेष टीम तैनात रहेगी।

सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के इंतज़ाम

चोपड़ा ने बताया कि रक्षा बल, पुलिस और प्रशासन से लगातार समन्वय बनाया जा रहा है। मुख्य द्वार से लेकर अंदर तक अनुभवी स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। श्रद्धालु बैरिकेड्स के बीच से व्यवस्थित तरीके से दर्शन करेंगे। उन्होंने कहा, 'जगह-जगह जवान और कर्मचारी तैनात रहेंगे। सुरक्षा के लिए पर्याप्त अग्निशमन उपकरण और अन्य सुरक्षा इंतज़ाम भी किए गए हैं।'

श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष ध्यान

गर्मी के मौसम को देखते हुए पानी और जूस की विशेष व्यवस्था की गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त तैयारी की गई है। ट्रस्ट का लक्ष्य है कि हर श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के बाबा के दर्शन कर सके।

गौरतलब है कि कैंची धाम न केवल भारत, बल्कि विश्वभर में बाबा नीब करोली महाराज के अनुयायियों के लिए एक अत्यंत पवित्र स्थान है। प्रतिवर्ष 15 जून के स्थापना दिवस पर यहाँ लाखों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होते हैं। इस वर्ष भी भारी भीड़ की उम्मीद को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही चाक-चौबंद इंतज़ाम सुनिश्चित किए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें वैश्विक अनुयायी भी शामिल होते हैं। नए ध्यान केंद्र का निर्माण दर्शाता है कि ट्रस्ट बढ़ती भीड़ को संरचनात्मक रूप से संभालने की दिशा में सोच रहा है, जो सराहनीय है। हालाँकि असली परीक्षा यातायात प्रबंधन और आपात प्रतिक्रिया की होगी — पहाड़ी इलाके में अचानक बड़ी भीड़ के लिए ये दोनों पहलू हमेशा चुनौतीपूर्ण रहे हैं।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैंची धाम स्थापना दिवस 15 जून को क्यों मनाया जाता है?
प्रतिवर्ष 15 जून को नैनीताल स्थित कैंची धाम में बाबा नीब करोली महाराज के आश्रम का स्थापना दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर मेले और भंडारे का भव्य आयोजन होता है और देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहाँ पहुँचते हैं।
कैंची धाम मेले 2025 में क्या नई व्यवस्थाएँ की गई हैं?
इस वर्ष मंदिर परिसर के निकट एक नया ध्यान केंद्र बनाया जा रहा है जहाँ श्रद्धालु बैठकर ध्यान और पाठ कर सकेंगे। इसके अलावा गर्मी को देखते हुए पानी-जूस की व्यवस्था, बैरिकेड्स से व्यवस्थित दर्शन और अग्निशमन उपकरण भी तैनात किए गए हैं।
कैंची धाम में 15 जून को मालपुआ प्रसाद कब से बनना शुरू होता है?
कैंची धाम ट्रस्ट के सचिव आलोक चोपड़ा के अनुसार, 14 जून की रात तक मालपुआ बनाने का कार्यक्रम चलता है और 15 जून से मुख्य आयोजन की शुरुआत होती है। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाता है।
कैंची धाम में सुरक्षा के क्या इंतज़ाम हैं?
रक्षा बल, पुलिस और प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाया जा रहा है। मुख्य द्वार से भीतर तक अनुभवी स्वयंसेवक और सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। किसी भी आपात स्थिति के लिए पर्याप्त अग्निशमन उपकरण भी उपलब्ध हैं।
कैंची धाम कहाँ स्थित है और यह क्यों प्रसिद्ध है?
कैंची धाम उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित है और बाबा नीब करोली महाराज के आश्रम के रूप में विश्वभर में प्रसिद्ध है। यह स्थान भारत सहित विदेशी श्रद्धालुओं के लिए भी एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र है।
राष्ट्र प्रेस
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