मां नयना देवी मंदिर स्थापना दिवस 23 जून: ब्रह्म मुहूर्त पूजा से भजन संध्या तक, हजारों श्रद्धालु जुटेंगे
सारांश
मुख्य बातें
नैनीताल स्थित विश्व प्रसिद्ध मां नयना देवी मंदिर का स्थापना दिवस 23 जून 2026 को भव्य रूप से मनाया जाएगा, जिसके लिए मंदिर प्रशासन और मां नैना देवी अमर उदय ट्रस्ट ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। ट्रस्ट के अनुसार इस अवसर पर हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए मंदिर पहुंचेंगे और पूरे परिसर में धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण का निर्माण किया गया है।
नौ दिवसीय कथा से शुरू हुई आस्था की यात्रा
स्थापना दिवस की तैयारी के रूप में 15 जून से 23 जून तक नौ दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। यह कथा प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित होती है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु धर्म लाभ प्राप्त करने पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल छाया हुआ है।
23 जून का पूरा कार्यक्रम
मां नैना देवी अमर उदय ट्रस्ट के अध्यक्ष राजीव लोचन साह — जो पेशे से पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता हैं — ने बताया कि 23 जून को ब्रह्म मुहूर्त में मां नयना देवी की विशेष पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रमों का शुभारंभ होगा। सुबह 7 बजे से कुल पूजा आयोजित की जाएगी। सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक देव पूजन एवं पूर्णाहुति का कार्यक्रम होगा। इसके बाद दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक व्यास पूजन, पुस्तक पूजन और कन्या पूजन संपन्न कराया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए विशाल महाभंडारे का भी आयोजन किया गया है।
शाम 5 बजे से 7 बजे तक भव्य भजन संध्या आयोजित होगी, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों के शामिल होने की संभावना है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम
साह ने बताया कि इस बार पहली बार मंदिर के निकास द्वार को भी श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए खोला गया है, जिससे भीड़ नियंत्रण और दर्शन व्यवस्था सुचारू रहे। मंदिर परिसर की स्वच्छता बनाए रखने के लिए जूते-चप्पल रखने की व्यवस्था मंदिर के बाहर की गई है। ट्रस्ट ने सभी श्रद्धालुओं से सहयोग और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है।
मंदिर और नैनी झील का आस्था से जुड़ाव
साह ने बताया कि मां नयना देवी मंदिर अत्यंत प्राचीन और आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर के समीप स्थित प्रसिद्ध नैनी झील भी मां नैना देवी की महिमा से जुड़ी हुई है, जिसके कारण इसे यह नाम मिला। मां नैना देवी अमर उदय ट्रस्ट के माध्यम से मंदिर की धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों का संचालन किया जाता है।
ट्रस्ट का कहना है कि स्थापना दिवस को भव्य, सुव्यवस्थित और आध्यात्मिक रूप से यादगार बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। यह आयोजन नैनीताल की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करेगा।