कैंची धाम स्थापना दिवस 15 जून: हनुमान चालीसा-रामायण पाठ, पुलिस ने जारी किए ट्रैफिक दिशानिर्देश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के नैनीताल स्थित प्रसिद्ध कैंची धाम में 15 जून 2026 को होने वाले स्थापना दिवस समारोह की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। समारोह से पूर्व एक माह से अनवरत चल रहे हनुमान चालीसा पाठ का समापन 12 जून को होगा, जिसके बाद रामायण पाठ आरंभ किया जाएगा। लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए नैनीताल पुलिस ने व्यापक यातायात दिशानिर्देश जारी किए हैं।
समारोह का कार्यक्रम
कैंची धाम के प्रमुख एवं न्यासी प्रदीप शाह ने बताया कि 12 जून को एक माह से चल रहे हनुमान चालीसा पाठ का विधिवत समापन होगा। 13 जून को रामायण पाठ का समापन, 14 जून को हवन और 15 जून को प्रसाद वितरण के साथ यह समारोह संपन्न होगा। उन्होंने कहा, 'सालों से चली आ रही परंपरा के अनुसार प्रसाद वितरण कार्यक्रम के बाद यह समारोह समाप्त हो जाएगा।'
प्रसाद वितरण के संदर्भ में प्रदीप शाह ने स्पष्ट किया कि प्रसाद कभी मापकर नहीं बनाया जाता। पिछले वर्ष के अनुमान के आधार पर व्यवस्था की जाती है और प्रयास यही रहता है कि हर श्रद्धालु को प्रसाद मिले।
श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएँ
न्यासी प्रदीप शाह ने बताया कि धाम में पार्किंग की समस्या के समाधान पर काम जारी है और जल्द ही इसका निराकरण होने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं के विश्राम के लिए भी विशेष स्थान तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर संचालन में सभी लोग आपसी सहयोग से काम कर रहे हैं और हर व्यक्ति को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पुलिस के यातायात दिशानिर्देश
लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए नैनीताल पुलिस ने 13 जून से 16 जून तक कैंची धाम क्षेत्र में भारी मालवाहक वाहनों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। इसके अलावा मेले के दौरान किसी भी श्रद्धालु को निजी चौपहिया वाहन लाने की अनुमति नहीं होगी।
दोपहिया वाहनों को भवाली क्षेत्र में निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करना अनिवार्य होगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शटल सेवा और विशेष पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
पार्किंग व्यवस्था
प्रशासन के अनुसार, भवाली, नैनीबैंड, ज्योलीकोट, हल्द्वानी और अन्य प्रमुख स्थानों पर अस्थायी पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। इससे कैंची धाम क्षेत्र में वाहनों का दबाव कम होगा और श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन सुनिश्चित होगा। गौरतलब है कि हर वर्ष यह आयोजन और भव्य होता जाता है, इसीलिए यातायात प्रबंधन एक महत्वपूर्ण चुनौती बन चुका है।