कंगना रनौत पर तत्काल कार्रवाई करे BJP, वीडियो सफाई बंद करें PM मोदी: अजय राय
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने 1 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए माँग की कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कंगना रनौत के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए और उनकी संसद सदस्यता रद्द की जाए। यह बयान जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जारी वीडियो संदेश के बाद आया, जिसमें मोदी ने संबंधित छात्रों को माफ करने की बात कही थी।
अजय राय का आरोप: दोहरा रवैया
राय ने कहा कि प्रधानमंत्री एक ओर बार-बार वीडियो जारी कर सफाई दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर छात्रों पर एफआईआर दर्ज कराई जा रही है और उन्हें चिन्हित कर प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री को बार-बार वीडियो जारी कर सफाई देने की जरूरत नहीं है।' राय ने यह भी माँग की कि रनौत को पार्टी से निष्कासित किया जाए, क्योंकि उन्होंने छात्रों — विशेषकर छात्राओं — पर 'अशोभनीय टिप्पणियाँ' की हैं।
सपा का पलटवार: 'फॉलोड बाय PM' वाले भूल गए?
समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले छात्रों को माफ कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बच्चों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। सिंह ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि जो लोग गर्व से कहते हैं कि 'फॉलोड बाय प्राइम मिनिस्टर ऑफ इंडिया', वे प्रधानमंत्री को याद नहीं आ रहे।
सपा नेता की माँग: खुलकर स्वीकारें गलती
उदयवीर सिंह ने कहा कि सरकार को छात्रों के संघर्ष को कम आँककर अपनी वाहवाही लूटने की कोशिश से बचना चाहिए। उनके अनुसार, छात्रों ने देश के बड़े वर्ग के भविष्य को प्रभावित करने वाले मुद्दे को उठाया है और सरकार की चूक को सार्वजनिक किया है। सपा ने माँग की कि सरकार खुले मन से अपनी गलती स्वीकार करे।
PM मोदी ने क्या कहा था
प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो संदेश साझा किया था, जिसमें उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा था कि कुछ 'शरारती बच्चों' ने बेहद अभद्र और असभ्य भाषा का प्रयोग किया, जो किसी भी सभ्य समाज को शोभा नहीं देता। मोदी ने कहा था, 'मैं उन्हें माफ करना चाहता हूँ। समाज भी मेरी इस भावना को स्वीकार करे, क्योंकि मेरे मन में एक ही भाव है। कभी-कभी दाँतों तले हमारी जीभ आ जाती है, खून भी निकल आता है, लेकिन हम दाँत नहीं तोड़ते, क्योंकि दाँत भी हमारे हैं, जीभ भी हमारी है और बच्चे भी हमारे हैं।'
आगे क्या होगा
विपक्ष की माँगों के बाद यह देखना होगा कि BJP कंगना रनौत के बयानों पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण देती है या नहीं। जंतर-मंतर पर दर्ज एफआईआर और छात्रों की प्रताड़ना के आरोप राजनीतिक विवाद को और गहरा कर सकते हैं।