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कपूरथला केंद्रीय जेल में कैदियों की झड़प काबू में, SSP गौरव तूरा बोले — कोई फरार नहीं, 3 घायल

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कपूरथला केंद्रीय जेल में कैदियों की झड़प काबू में, SSP गौरव तूरा बोले — कोई फरार नहीं, 3 घायल

सारांश

कपूरथला केंद्रीय जेल में शनिवार रात ब्लॉक नंबर-4 में कैदियों की झड़प हुई, कुछ छत पर चढ़ गए — लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई से सभी को नीचे उतारा। 3 कैदी घायल, कोई फरार नहीं। SSP गौरव तूरा ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बताया।

मुख्य बातें

कपूरथला केंद्रीय जेल के ब्लॉक नंबर-4 में 24 मई 2025 की रात 9:30 बजे कैदियों के बीच झड़प हुई।
उत्तेजित कैदियों का एक समूह जेल की छत पर चढ़ गया, जिसे पुलिस ने सुरक्षित नीचे उतारा।
झड़प में 3 कैदी घायल हुए; उनका उपचार जारी है।
कोई पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ और कोई कैदी फरार नहीं हो पाया।
एसएसपी गौरव तूरा ने वीडियो संदेश जारी कर स्थिति को नियंत्रण में बताया और नागरिकों से अफवाहों से बचने की अपील की।
जेल में भारी पुलिस बल तैनात; कैदियों की गिनती जारी।

कपूरथला केंद्रीय जेल में 24 मई 2025 की रात करीब 9:30 बजे ब्लॉक नंबर-4 में कैदियों के दो गुटों के बीच हुई झड़प को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई से नियंत्रण में कर लिया। कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गौरव तूरा ने वीडियो संदेश जारी कर पुष्टि की कि जेल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह काबू में है, कोई कैदी फरार नहीं हुआ और कोई पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ।

मुख्य घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, शनिवार शाम ब्लॉक नंबर-4 में कैदियों के बीच मामूली विवाद ने हाथापाई का रूप ले लिया। उत्तेजित कैदियों का एक समूह जेल की छत पर चढ़ गया और हंगामा करने लगा। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों सहित भारी पुलिस बल को तत्काल जेल भेजा गया।

पुलिस और जेल प्रशासन ने समन्वय के साथ कार्रवाई करते हुए छत पर चढ़े सभी कैदियों को सुरक्षित नीचे उतार लिया। घटना ब्लॉक नंबर-4 तक ही सीमित रही और जेल के अन्य हिस्सों में कोई अशांति नहीं फैली।

घायल और नुकसान का ब्यौरा

एसएसपी गौरव तूरा ने बताया कि झड़प में तीन कैदी घायल हुए हैं, जिनका उपचार जारी है। अभियान के दौरान कोई पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ और कोई कैदी जेल से फरार नहीं हो पाया। जेल प्रशासन द्वारा सभी कैदियों की गिनती लगातार की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सभी परिसर में सुरक्षित हैं।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

एसएसपी गौरव तूरा ने अपने वीडियो संदेश में कहा, 'जेल प्रशासन के साथ मिलकर हमने कानून-व्यवस्था की स्थिति को काबू में किया। छत पर चढ़े कैदियों को नीचे उतारने में सफलता मिली। कोई पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ और कोई कैदी भाग नहीं पाया।' उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।

आम जनता पर असर

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पंजाब की जेलों में अनुशासन और भीड़भाड़ को लेकर चर्चा आम है। हालाँकि इस बार पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया ने स्थिति को बिगड़ने से पहले ही संभाल लिया, जो प्रशासनिक तैयारी का सकारात्मक संकेत है। फिलहाल कपूरथला केंद्रीय जेल में भारी पुलिस बल तैनात है और संयुक्त निगरानी जारी है।

क्या होगा आगे

जेल प्रशासन झड़प के कारणों की जाँच कर रहा है। घायल कैदियों के उपचार के साथ-साथ ब्लॉक नंबर-4 में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किए जाने की संभावना है। अधिकारियों ने संकेत दिया कि दोषी कैदियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

गुटबाज़ी और आंतरिक अनुशासन — की ओर ध्यान दिलाती है। एसएसपी का त्वरित वीडियो बयान अफवाहों को रोकने की दिशा में सही कदम है, लेकिन असली सवाल यह है कि ब्लॉक नंबर-4 में झड़प की जड़ क्या थी और क्या जेल प्रशासन के पास ऐसी स्थितियों को उभरने से पहले रोकने का तंत्र है। तीन कैदियों का घायल होना यह भी बताता है कि हंगामा महज़ प्रतीकात्मक नहीं था। बिना संरचनात्मक सुधार के, ऐसी घटनाएँ दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कपूरथला केंद्रीय जेल में क्या हुआ?
24 मई 2025 की रात करीब 9:30 बजे कपूरथला केंद्रीय जेल के ब्लॉक नंबर-4 में कैदियों के दो गुटों के बीच झड़प हुई। कुछ कैदी उत्तेजना में जेल की छत पर चढ़ गए, जिन्हें पुलिस ने सुरक्षित नीचे उतारा।
क्या कोई कैदी जेल से फरार हुआ?
नहीं। एसएसपी गौरव तूरा ने स्पष्ट किया कि कोई भी कैदी जेल से फरार नहीं हो पाया। जेल प्रशासन सभी कैदियों की लगातार गिनती कर रहा है।
घटना में कितने लोग घायल हुए?
झड़प में तीन कैदी घायल हुए, जिनका उपचार किया जा रहा है। अभियान के दौरान कोई भी पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ।
घटना किस हिस्से तक सीमित रही?
यह घटना केवल कपूरथला केंद्रीय जेल के ब्लॉक नंबर-4 तक सीमित रही। जेल के अन्य हिस्सों में कोई अशांति नहीं फैली।
पुलिस ने स्थिति कैसे संभाली?
सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों सहित भारी पुलिस बल को जेल भेजा गया। जेल प्रशासन के साथ समन्वय कर छत पर चढ़े कैदियों को सुरक्षित नीचे उतारा गया और स्थिति को नियंत्रण में किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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