करीमनगर में हथियारबंद गिरोह का कहर: 66 तोला सोना और ₹21 लाख नकद लूटे, परिवार को बंधक बनाया
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के करीमनगर कस्बे के भगत नगर इलाके में मंगलवार रात करीब 8 नकाबपोश हथियारबंद लुटेरों के एक गिरोह ने एक घर में घुसकर परिवार के सदस्यों को चाकू और रिवॉल्वर की नोक पर बंधक बना लिया और 66 तोला सोने के आभूषण, ₹21 लाख नकद तथा 10 तोला चाँदी लूट ली। पुलिस के अनुसार यह घटना 22 जुलाई 2026 की रात उस समय हुई जब मकान मालिक अजमत अली सोने से पहले लाइट बंद करने के लिए पहली मंजिल से नीचे उतरे थे।
घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात
पुलिस के अनुसार, नकाबपोश लुटेरे उस क्षण घर में दाखिल हुए जब अजमत अली अकेले भूतल पर थे। लुटेरों ने उन्हें दबोचकर मुँह पर टेप चिपका दिया और घर के भीतर खींच ले गए, जहाँ उनकी बेरहमी से पिटाई की गई। इसके बाद अपराधियों ने अली की पत्नी और दो बेटियों के साथ भी मारपीट की। चाकू और रिवॉल्वर से लैस लुटेरों ने परिवार को धमकी दी कि शोर मचाने पर जान से मार दिया जाएगा।
सभी सदस्यों को बाँधने के बाद गिरोह ने घर की तलाशी ली और कीमती सामान समेट लिया। भागने से पहले परिवार के सभी लोगों को एक कमरे में बंद कर दिया गया और उनके मोबाइल फोन भी छीन लिए गए ताकि वे पुलिस या पड़ोसियों से मदद न माँग सकें। भूतल पर खड़ी दो मोटरसाइकिलें भी गिरोह चुराकर ले गया।
लुटेरों की पहचान और भागने का रास्ता
पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि लुटेरे नकाब पहने हुए थे और उत्तर भारतीय लहजे में हिंदी बोल रहे थे। पुलिस को संदेह है कि गिरोह वेमुलावाड़ा बाईपास के रास्ते फरार हुआ। जाँच अधिकारियों का मानना है कि लुटेरों को अजमत अली की दिनचर्या, घर में रखे आभूषणों और नकदी की पूर्व जानकारी थी, और उन्होंने जानबूझकर ऐसे घर को निशाना बनाया जहाँ अधिकतर बुजुर्ग और महिलाएँ रहती हैं।
तीन महीने में दूसरी बड़ी लूट
यह ऐसे समय में आया है जब करीमनगर में पहले से ही बड़ी लूट की घटनाएँ चिंता का विषय बनी हुई हैं। गौरतलब है कि 3 मई 2026 को दिनदहाड़े लुटेरों के एक गिरोह ने पीएमजे ज्वैलरी शॉप में लूटपाट की और गोलीबारी में चार कर्मचारी घायल हो गए थे। उस वारदात में 161 तोला सोने के आभूषण और 112 कैरेट के हीरे लूटे गए थे।
गहन जाँच के बाद पुलिस ने उस मामले में बिहार के कुख्यात सुबोध सिंह गिरोह की संलिप्तता का पता लगाया और गिरोह के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, सुबोध सिंह ने पूर्णिया जेल में रहते हुए ही उस डकैती की योजना बनाई थी। यह गिरोह बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तराखंड में कई लूट की वारदातों में शामिल रहा है।
पुलिस की जाँच
करीमनगर पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि संदिग्धों की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। ताज़ा वारदात में उत्तर भारतीय लहजे का उल्लेख और सुनियोजित तरीके से की गई लूट यह संकेत देती है कि जाँच का दायरा राज्य की सीमाओं से परे भी जा सकता है।