नलगोंडा चतुर्हत्या: रिश्तेदार सैयद असलम निकला कातिल, ₹1 लाख के कर्ज विवाद में पूरे परिवार का किया सफाया
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के नलगोंडा में पुलिस ने एक ही परिवार के चार सदस्यों की हत्या के सनसनीखेज मामले का तीन दिनों के भीतर खुलासा करते हुए शुक्रवार, 26 जून को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी सैयद असलम पीड़ित परिवार का रिश्तेदार ही निकला, जिसने कर्ज विवाद और लूट की नीयत से 20 जून को यह जघन्य वारदात की।
मृतकों की पहचान और शव बरामदगी
मृतकों की पहचान मोहम्मद सुल्तान (45), उनकी पत्नी हसीना (38), बेटे मुजम्मिल (20) और बेटी अप्सरा (14) के रूप में हुई है। 22 जून को पड़ोसियों ने दुर्गंध आने की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद नलगोंडा टाउन की तेलंगाना कॉलोनी स्थित उनके घर से चारों के शव सड़ी-गली अवस्था में बरामद किए गए। शुरुआत में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हत्या की पुष्टि की।
हत्या की साजिश और वारदात का तरीका
पुलिस जांच के अनुसार, हसीना ने लगभग एक वर्ष पूर्व अपनी भांजी तबस्सुम और उसके पति असलम को ₹1 लाख का कर्ज दिया था। जब असलम ने दोबारा ₹1 लाख का कर्ज माँगा और हसीना ने मना करते हुए पुराना कर्ज लौटाने को कहा, तो दोनों पक्षों में रंजिश बढ़ गई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि असलम ने यूट्यूब वीडियो देखकर इस वारदात की योजना बनाई।
20 जून की सुबह असलम सुल्तान के घर के बाहर घात लगाकर बैठा था। जैसे ही हसीना घर से निकली, उसने उस पर हमला कर दिया। चीख सुनकर सुल्तान और मुजम्मिल बाहर आए, तो उन्हें भी चाकू से मार डाला गया। 14 वर्षीय अप्सरा बिस्तर के नीचे छिपी थी, परंतु आरोपी ने उसे भी बाहर खींचकर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद आरोपियों ने घर से नगदी और सोने के गहने लूटकर फरार हो गए।
गिरफ्तारी और बरामदगी
नलगोंडा जिले के पुलिस अधीक्षक शरत चंद्र पवार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और वैज्ञानिक जांच की मदद से मामले को महज तीन दिनों में सुलझाया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी सैयद असलम के साथ उसकी पत्नी तबस्सुम और दो अन्य सहयोगियों सोहैल तथा हेमंत कुमार को गिरफ्तार किया।
आरोपियों से पुलिस ने एक कार, ₹30.04 लाख नगद, पाँच तोला पिघला हुआ सोना, हत्या में इस्तेमाल चाकू, तीन मोबाइल फोन, खून से सने कपड़े और ज़मीन व बैंक दस्तावेज बरामद किए।
न्यायिक कार्रवाई
सभी चारों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह मामला इस लिहाज़ से भी चिंताजनक है कि आरोपी ने डिजिटल माध्यम से हत्या की विधि सीखी — जो ऑनलाइन कंटेंट के दुरुपयोग का एक गंभीर संकेत है। पुलिस आगे की जांच जारी रखे हुए है।