6 नवंबर 2026
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कर्मभूमि एक्सप्रेस के 4 डिब्बों में आग, पंजाब के पटियाला के पास सभी यात्री सुरक्षित बचे

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कर्मभूमि एक्सप्रेस के 4 डिब्बों में आग, पंजाब के पटियाला के पास सभी यात्री सुरक्षित बचे

सारांश

पंजाब के पटियाला के पास कर्मभूमि एक्सप्रेस के चार डिब्बों में आग — लेकिन लोको पायलट की सतर्कता और ACP प्रणाली ने बड़ा हादसा टाल दिया। सभी यात्री सुरक्षित, डिब्बे अलग कर आग बुझाई गई।

मुख्य बातें

कर्मभूमि एक्सप्रेस के चार डिब्बों में 6 नवंबर 2026 को पटियाला जिले के सराय बंजारा के पास आग लगी।
ट्रेन अमृतसर से न्यू जलपाईगुड़ी जा रही थी; आग राजपुरा और साधुगढ़ स्टेशनों के बीच लगी।
लोको पायलट ने ACP सक्रिय होने और प्रेशर गिरावट देखकर तुरंत ट्रेन रोकी — सभी यात्री सुरक्षित निकाले गए।
तेज़ हवाओं के कारण एक से बढ़कर चार डिब्बे प्रभावित हुए; DRM विनोद कुमार भाटिया ने कोई हताहत न होने की पुष्टि की।
आग के कारणों की जाँच जारी; इससे पहले अगस्त में बिहार में भी इसी तरह की घटना हो चुकी है।

कर्मभूमि एक्सप्रेस के चार डिब्बों में 6 नवंबर 2026 को पंजाब के पटियाला जिले के सराय बंजारा के पास भीषण आग लग गई, लेकिन लोको पायलट और गार्ड की त्वरित कार्रवाई से सभी यात्री सुरक्षित निकाल लिए गए। अंबाला मंडल रेलवे प्रबंधक (DRM) विनोद कुमार भाटिया ने पुष्टि की कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।

घटनाक्रम कैसे हुआ

ट्रेन अमृतसर से न्यू जलपाईगुड़ी (पश्चिम बंगाल) की ओर जा रही थी, जब राजपुरा और साधुगढ़ रेलवे स्टेशनों के बीच लोको पायलट को ऑटोमैटिक चेन पुलिंग (ACP) सक्रिय होने और ब्रेक प्रेशर में गिरावट का संकेत मिला। तुरंत ट्रेन रोककर जब चालक दल नीचे उतरा, तो डिब्बों से आग और घना धुआं निकलता दिखा।

DRM भाटिया ने बताया कि शुरुआत में केवल एक डिब्बे में आग थी, लेकिन उस समय चल रही तेज़ हवाओं के कारण आग तेज़ी से तीन अन्य डिब्बों में फैल गई। प्रभावित डिब्बों को शेष रेलगाड़ी से अलग कर दिया गया ताकि आग और न फैले।

यात्रियों को कैसे बचाया गया

गार्ड ने रेलवे नियंत्रण कक्ष को तत्काल सूचित किया, जिसके बाद दूसरी लाइन पर भी ट्रेनों की आवाजाही नियंत्रित कर दी गई। भाटिया के अनुसार, सभी यात्रियों को व्यवस्थित तरीके से सुरक्षित बाहर निकाला गया। कई दमकल गाड़ियाँ और रेलवे अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे और दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पा लिया।

रेलवे की प्रतिक्रिया

DRM भाटिया ने स्पष्ट किया कि कुल चार डिब्बे प्रभावित हुए और किसी यात्री को चोट नहीं आई। नियंत्रण कक्ष की त्वरित प्रतिक्रिया और लोको पायलट की सतर्कता को इस बड़े हादसे को टालने का श्रेय दिया गया। आग लगने के कारण की जाँच जारी है।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएँ

गौरतलब है कि इससे पहले अगस्त में बिहार के सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पर समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर ट्रेन (63344) में भीषण आग लगी थी, जिसने यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों में दहशत फैला दी थी। यह ऐसे समय में आया है जब चलती ट्रेनों में आग की घटनाओं को लेकर रेलवे सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।

आगे क्या होगा

रेलवे अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आग की उत्पत्ति और प्रसार के कारणों की विस्तृत जाँच की जाएगी। प्रभावित डिब्बों की तकनीकी जाँच शुरू हो चुकी है। रेलवे सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ACP प्रणाली की सही कार्यप्रणाली ने इस बार बड़ी त्रासदी टाल दी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह रेलवे सुरक्षा की एक गहरी चिंता को भी उजागर करती है — तेज़ हवाओं में एक डिब्बे की आग का चार डिब्बों तक फैलना, अग्नि-रोधक व्यवस्था की सीमाओं पर सवाल खड़े करता है। ACP प्रणाली ने इस बार काम किया, लेकिन यह जाँच का विषय है कि आग लगी क्यों। बिहार में अगस्त की घटना के महज़ कुछ महीने बाद यह दूसरी बड़ी ट्रेन अग्निकांड की घटना है — रेलवे को प्रतिक्रियात्मक नहीं, निवारक दृष्टिकोण अपनाने की ज़रूरत है।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्मभूमि एक्सप्रेस में आग कहाँ और कब लगी?
आग 6 नवंबर 2026 को पंजाब के पटियाला जिले के सराय बंजारा के पास, राजपुरा और साधुगढ़ रेलवे स्टेशनों के बीच लगी। यह ट्रेन अमृतसर से न्यू जलपाईगुड़ी जा रही थी।
क्या कर्मभूमि एक्सप्रेस में आग से कोई यात्री घायल हुआ?
नहीं, DRM विनोद कुमार भाटिया ने पुष्टि की कि सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया और कोई भी हताहत नहीं हुआ। लोको पायलट और गार्ड की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया।
आग को फैलने से कैसे रोका गया?
प्रभावित डिब्बों को शेष ट्रेन से अलग कर दिया गया ताकि आग न फैले। इसके बाद दमकल गाड़ियाँ और रेलवे अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे और आग पर काबू पाया गया।
कितने डिब्बे प्रभावित हुए और आग क्यों फैली?
कुल चार डिब्बे प्रभावित हुए। DRM भाटिया के अनुसार शुरू में एक ही डिब्बे में आग थी, लेकिन उस समय चल रही तेज़ हवाओं के कारण आग तीन अन्य डिब्बों में फैल गई।
क्या भारत में ट्रेनों में आग की ऐसी घटनाएँ पहले भी हुई हैं?
हाँ, इससे पहले अगस्त में बिहार के सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पर समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर ट्रेन (63344) में भीषण आग लगी थी। ट्रेन अग्निकांड की ये घटनाएँ रेलवे सुरक्षा प्रणाली पर सवाल उठाती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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