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गृह लक्ष्मी योजना: भाजपा का दावा — 17 जिलों में 1.12 लाख महिलाएँ हटाई जाएंगी, कांग्रेस पर धोखे का आरोप

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गृह लक्ष्मी योजना: भाजपा का दावा — 17 जिलों में 1.12 लाख महिलाएँ हटाई जाएंगी, कांग्रेस पर धोखे का आरोप

सारांश

कर्नाटक में भाजपा ने दावा किया है कि कांग्रेस सरकार की वेरिफिकेशन ड्राइव से 17 जिलों में 1.12 लाख महिलाएँ गृह लक्ष्मी योजना से बाहर हो सकती हैं। विपक्ष के नेता आर. अशोक ने इसे चुनावी वादे से पलटने की कोशिश बताया और मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की 'अनजान' प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाए।

मुख्य बातें

अशोक ने 11 जून को कांग्रेस सरकार पर गृह लक्ष्मी योजना की लाभार्थियों के साथ धोखे का आरोप लगाया।
आरोप के अनुसार, 17 जिलों में 1,12,092 महिलाओं को योजना के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है।
योजना के तहत घर की महिला मुखिया को ₹2,000 प्रति माह का भत्ता दिया जाता है।
अशोक ने मुख्यमंत्री डी.के.
शिवकुमार की 'अनजान' प्रतिक्रिया पर सवाल उठाया।
सरकार ने बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन ड्राइव शुरू की है, जिसे भाजपा 'नई मुश्किलें खड़ी करना' बता रही है।

कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता आर. अशोक ने गुरुवार, 11 जून को कांग्रेस सरकार पर 'गृह लक्ष्मी गारंटी योजना' की महिला लाभार्थियों के साथ धोखा करने का गंभीर आरोप लगाया। उनके अनुसार, राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही वेरिफिकेशन ड्राइव के चलते 17 जिलों में 1,12,092 महिलाओं को इस योजना से बाहर किए जाने की आशंका है। यह योजना घर की महिला मुखिया को हर महीने ₹2,000 का भत्ता प्रदान करती है।

मुख्य आरोप और भाजपा का पक्ष

अशोक ने कहा कि 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने बिना किसी शर्त के घर की महिला मुखिया को ₹2,000 प्रति माह देने का वादा किया था और उसी आधार पर मतदाताओं का भरोसा जीता था। उनका आरोप है कि सत्ता में आने के बाद कांग्रेस अब वेरिफिकेशन के नाम पर लाभार्थियों को योजना से बाहर करने की कोशिश कर रही है।

अशोक ने तीखे शब्दों में कहा, "चुनाव से पहले यह 'गृह लक्ष्मी' थी; चुनाव के बाद यह 'अयोग्य लक्ष्मी' बन गई है। यही कांग्रेस की गारंटियों का असली चेहरा है।"

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया पर सवाल

भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की उस प्रतिक्रिया की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। अशोक ने सवाल उठाया, "अगर मुख्यमंत्री कहते हैं कि उन्हें राज्य की 1.1 लाख महिलाओं के जीवन पर असर डालने वाले मामले के बारे में पता नहीं है, तो सरकार कौन चला रहा है?" यह टिप्पणी सरकार के भीतर समन्वय की कमी की ओर इशारा करती है।

बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन पर विवाद

अशोक ने आगे आरोप लगाया कि सरकार बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की प्रक्रियाओं के ज़रिए लाभार्थियों के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर रही है। उनके अनुसार, यह एक सुनियोजित पैटर्न है — चुनाव से पहले आर्थिक मदद का वादा, फिर अयोग्य लाभार्थियों की सूची तैयार करना और अब वेरिफिकेशन के नाम पर अड़चनें डालना।

भाजपा की माँग और राजनीतिक संदर्भ

अशोक ने कांग्रेस सरकार पर महिलाओं को वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए माँग की कि सरकार इस अन्याय को तुरंत रोके और यह सुनिश्चित करे कि योग्य लाभार्थियों को बिना किसी उलझन के गृह लक्ष्मी योजना का लाभ मिले। गौरतलब है कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने इस योजना के तहत लाभार्थियों के पुनः सत्यापन का आदेश दिया है, जो इस विवाद की जड़ में है। अब देखना होगा कि सरकार इन आरोपों का जवाब किस रूप में देती है और क्या वेरिफिकेशन प्रक्रिया में कोई बदलाव किया जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि सरकार की पुष्टि; मुख्यमंत्री शिवकुमार ने अनभिज्ञता जताई है, जो या तो प्रशासनिक खामी है या राजनीतिक बचाव। असली सवाल यह है कि वेरिफिकेशन के मानदंड क्या हैं और क्या उन्हें चुनाव से पहले सार्वजनिक किया गया था — इसका जवाब अभी तक सरकार ने नहीं दिया।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गृह लक्ष्मी योजना क्या है और इसमें किसे लाभ मिलता है?
गृह लक्ष्मी योजना कर्नाटक की कांग्रेस सरकार की एक कल्याणकारी गारंटी है, जिसके तहत घर की महिला मुखिया को हर महीने ₹2,000 का भत्ता दिया जाता है। यह योजना 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के पाँच प्रमुख वादों में से एक थी।
भाजपा का दावा है कि कितनी महिलाओं को योजना से हटाया जाएगा?
भाजपा नेता आर. अशोक के अनुसार, कर्नाटक के 17 जिलों में 1,12,092 महिलाओं को गृह लक्ष्मी योजना के लिए अयोग्य माना गया है। यह आँकड़ा भाजपा का दावा है और सरकार ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
वेरिफिकेशन ड्राइव को लेकर विवाद क्यों है?
भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ने चुनाव से पहले बिना शर्त योजना का प्रचार किया था, लेकिन अब बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के ज़रिए लाभार्थियों को हटाया जा रहा है। विपक्ष इसे चुनावी वादे से पलटना और महिलाओं को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करना बता रहा है।
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने इस मामले पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। इस पर भाजपा नेता आर. अशोक ने सवाल उठाया कि यदि मुख्यमंत्री को 1.1 लाख महिलाओं को प्रभावित करने वाले निर्णय की जानकारी नहीं है, तो सरकार का नेतृत्व कौन कर रहा है।
भाजपा ने कर्नाटक सरकार से क्या माँग की है?
भाजपा नेता आर. अशोक ने माँग की है कि सरकार वेरिफिकेशन के नाम पर लाभार्थियों को हटाने की प्रक्रिया तुरंत रोके और यह सुनिश्चित करे कि योग्य महिलाओं को बिना किसी बाधा के गृह लक्ष्मी योजना का लाभ मिलता रहे।
राष्ट्र प्रेस
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