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कर्नाटक की 'गृह लक्ष्मी' योजना: 1.23 करोड़ लाभार्थियों की दोबारा जांच, ₹20 करोड़ का बजट तय

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कर्नाटक की 'गृह लक्ष्मी' योजना: 1.23 करोड़ लाभार्थियों की दोबारा जांच, ₹20 करोड़ का बजट तय

सारांश

कर्नाटक सरकार 'गृह लक्ष्मी' योजना के 1.23 करोड़ लाभार्थियों की दोबारा जांच करेगी। ₹20 करोड़ के बजट से फेस ऑथेंटिकेशन और बायोमेट्रिक तकनीक का उपयोग होगा। GST दाता, ITR फाइलर और मृत लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें सूची से हटाया जाएगा।

मुख्य बातें

कर्नाटक सरकार 'गृह लक्ष्मी' योजना के 1.23 करोड़ लाभार्थियों की पुनः सत्यापन प्रक्रिया शुरू करेगी।
इस प्रक्रिया के लिए ₹20 करोड़ का बजट तय किया गया है; फेस ऑथेंटिकेशन और बायोमेट्रिक सत्यापन का उपयोग होगा।
महिला एवं बाल कल्याण विभाग को एक महीने में प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
जांच में GST भरने वाले, ITR दाखिल करने वाले और मृत लाभार्थियों की पहचान की जाएगी।
योजना का सालाना बजट ₹32,000 करोड़ ; शुरुआत से अब तक ₹74,000–76,500 करोड़ खर्च।
गारंटी कमेटी अध्यक्ष एच.एम.
रेवन्ना सोमवार को मुख्यमंत्री डी.के.
शिवकुमार से मिलेंगे।

कर्नाटक सरकार 'गृह लक्ष्मी' योजना के तहत 1.23 करोड़ लाभार्थियों की पुनः सत्यापन प्रक्रिया शुरू करने जा रही है, जिसका उद्देश्य अयोग्य, मृत या अन्य किसी कारण से अपात्र हो चुके लाभार्थियों को सूची से हटाना है। महिला एवं बाल कल्याण विभाग को यह प्रक्रिया एक महीने के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया गया है।

बैठक और घोषणा की तैयारी

गारंटी कमेटी के अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता एच.एम. रेवन्ना सोमवार को मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से उनके आवास पर मिलेंगे। अधिकारियों के अनुसार, इस बैठक के बाद पुनः सत्यापन प्रक्रिया को लेकर औपचारिक घोषणा होने की संभावना है।

जांच प्रक्रिया और तकनीकी व्यवस्था

इस पुनः सत्यापन के लिए लगभग ₹20 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। कर्मचारी एक विशेष ऐप के माध्यम से लाभार्थियों के घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे और उसकी पुष्टि करेंगे। इस प्रक्रिया में फेस ऑथेंटिकेशन और बायोमेट्रिक सत्यापन का उपयोग किया जाएगा।

जांच के दायरे में वे लाभार्थी भी आएंगे जो जीएसटी (GST) का भुगतान कर रहे हैं या आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल कर रहे हैं। इसके अलावा उन लाभार्थियों की पहचान भी की जाएगी जिनकी मृत्यु हो चुकी है, लेकिन उनके नाम पर अभी भी मासिक सहायता जारी है।

ज़िला और तालुक स्तर पर होगी समीक्षा

अधिकारियों के मुताबिक, जिला और तालुक स्तर पर लाभार्थियों की जांच की जाएगी। स्थानीय गारंटी कमेटियों के सदस्य भी इस प्रक्रिया में शामिल होंगे। शहरी क्षेत्रों में रेवेन्यू इंस्पेक्टर और बिल कलेक्टर सर्वे और सत्यापन में सहयोग करेंगे।

योजना की पृष्ठभूमि और वित्तीय आँकड़े

'गृह लक्ष्मी' योजना अगस्त 2023 में शुरू हुई थी और यह कर्नाटक में कांग्रेस सरकार द्वारा घोषित पाँच प्रमुख गारंटियों में से एक है। इस योजना के तहत घर की मुखिया मानी जाने वाली पात्र महिलाओं को प्रतिमाह ₹2,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है।

सरकार ने इस योजना के लिए सालाना लगभग ₹32,000 करोड़ का बजट रखा है। योजना शुरू होने के बाद से अब तक कुल ₹74,000 करोड़ से ₹76,500 करोड़ के बीच खर्च हो चुका है। लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 1.23 करोड़ तक पहुँच जाने के बाद सरकार ने यह व्यापक सत्यापन अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।

पारदर्शिता और आगे की राह

यह पुनः सत्यापन अभियान योजना में पारदर्शिता लाने और सरकारी धन के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। गौरतलब है कि इतने बड़े पैमाने पर किसी कल्याणकारी योजना की पुनः जांच कराना प्रशासनिक दृष्टि से एक जटिल प्रक्रिया है, और इसके नतीजे आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ सालाना खर्च वाली 'गृह लक्ष्मी' योजना की यह पुनः जांच उस बड़े सवाल की तरफ इशारा करती है जो अक्सर कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार के साथ उठता है — क्या लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने की होड़ में सत्यापन की प्रक्रिया पीछे छूट गई? 1.23 करोड़ लाभार्थियों तक पहुँचने के बाद अब बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन का सहारा लेना यह दर्शाता है कि शुरुआती नामांकन प्रक्रिया में खामियाँ रहीं। असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह सत्यापन अभियान केवल बजट बचाने का उपकरण बनता है, या वास्तव में जरूरतमंद महिलाओं तक योजना की पहुँच और मज़बूत होती है।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक की 'गृह लक्ष्मी' योजना क्या है?
'गृह लक्ष्मी' योजना कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की पाँच प्रमुख गारंटियों में से एक है, जो अगस्त 2023 में शुरू हुई थी। इसके तहत घर की मुखिया मानी जाने वाली पात्र महिलाओं को प्रतिमाह ₹2,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है।
गृह लक्ष्मी योजना की दोबारा जांच क्यों हो रही है?
लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 1.23 करोड़ हो जाने के बाद सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि सरकारी धन अयोग्य, मृत या GST-ITR दाखिल करने वाले लाभार्थियों को न मिले। इसका उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और योजना में वित्तीय रिसाव रोकना है।
पुनः सत्यापन प्रक्रिया में किन तकनीकों का उपयोग होगा?
कर्मचारी एक विशेष ऐप के ज़रिए लाभार्थियों के घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। इस प्रक्रिया में फेस ऑथेंटिकेशन और बायोमेट्रिक सत्यापन का उपयोग किया जाएगा।
इस सत्यापन अभियान के लिए कितना बजट रखा गया है?
पुनः सत्यापन प्रक्रिया के लिए लगभग ₹20 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। महिला एवं बाल कल्याण विभाग को एक महीने के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
गृह लक्ष्मी योजना पर कर्नाटक सरकार कितना खर्च कर रही है?
कर्नाटक सरकार इस योजना के लिए सालाना लगभग ₹32,000 करोड़ का बजट रखती है। योजना शुरू होने के बाद से अब तक कुल ₹74,000 करोड़ से ₹76,500 करोड़ के बीच खर्च हो चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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