26 सितंबर 2026
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गृह लक्ष्मी योजना: भाजपा नेता आर. अशोक का आरोप, कर्नाटक सरकार जानबूझकर रोक रही है ₹2,000 का भुगतान

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गृह लक्ष्मी योजना: भाजपा नेता आर. अशोक का आरोप, कर्नाटक सरकार जानबूझकर रोक रही है ₹2,000 का भुगतान

सारांश

कर्नाटक में 'गृह लक्ष्मी' योजना के ₹2,000 मासिक भुगतान को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा नेता आर. अशोक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार SIR और सिम कार्ड की अनिवार्यता जैसी नई तकनीकी शर्तें थोपकर जानबूझकर गरीब महिलाओं को उनके हक से वंचित कर रही है।

मुख्य बातें

अशोक ने 26 सितंबर 2026 को कर्नाटक सरकार पर 'गृह लक्ष्मी' भुगतान में जानबूझकर देरी का आरोप लगाया।
नई शर्त के तहत महिला लाभार्थियों का अपने नाम पर पंजीकृत और बैंक खाते से लिंक सिम कार्ड होना अनिवार्य किया गया है।
अशोक ने मतदाता सूची के SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) को भुगतान रोकने का बहाना बताया।
'गृह लक्ष्मी' योजना अगस्त 2023 में शुरू हुई थी; पात्र महिलाओं को प्रतिमाह ₹2,000 दिए जाते हैं।
राज्य सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में इस योजना के लिए ₹28,608 करोड़ आवंटित किए हैं।
भाजपा ने सरकार से तकनीकी शर्तें वापस लेने और पूरा बकाया तत्काल जारी करने की मांग की।

कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता आर. अशोक ने 26 सितंबर 2026 को आरोप लगाया कि राज्य की कांग्रेस सरकार 'गृह लक्ष्मी' योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को दिए जाने वाले ₹2,000 मासिक भुगतान में जानबूझकर देरी कर रही है। उनके अनुसार, नई तकनीकी शर्तें और मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) का हवाला देकर लाखों गरीब महिलाओं को उनके हक से वंचित किया जा रहा है।

क्या हैं आरोप

आर. अशोक ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि बेंगलुरु स्थित कांग्रेस सरकार महिलाओं के लिए मुफ्त योजनाओं के दम पर सत्ता में आई थी, लेकिन अब 'गृह लक्ष्मी' भुगतान के लिए नई अतिरिक्त शर्तें थोपकर लाभार्थियों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिला लाभार्थियों के लिए अब अपने नाम पर पंजीकृत और बैंक खाते से लिंक सिम कार्ड रखना अनिवार्य कर दिया गया है।

अशोक के अनुसार, जिन गरीब व ग्रामीण महिलाओं के पास अपना मोबाइल फोन या सिम कार्ड नहीं है, उन्हें अब नए सिम कार्ड खरीदने और आधार व केवाईसी अपडेट पर प्रतिमाह अतिरिक्त खर्च करने पर मजबूर किया जा रहा है।

SIR का बहाना और खाली खजाने का सवाल

भाजपा नेता ने सीधे सवाल उठाया कि क्या मतदाता सूची के SIR सत्यापन का बहाना बनाकर भुगतान रोकना राज्य सरकार की सोची-समझी रणनीति है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या राज्य के खाली खजाने को छिपाने के लिए जानबूझकर इस तरह की देरी की जा रही है।

अशोक ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि तकनीकी शर्तें थोपना और एसआईआर का हवाला देकर गरीब महिलाओं को एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर दौड़ाना — यह सरकार का 'गारंटी लागू करने का मॉडल' नहीं हो सकता।

भाजपा की मांग

आर. अशोक ने कर्नाटक सरकार से तत्काल तीन मांगें रखीं — पहली, नई तकनीकी शर्तें तुरंत वापस ली जाएँ; दूसरी, भुगतान में हो रही देरी बंद हो; और तीसरी, हर पात्र 'गृह लक्ष्मी' लाभार्थी को उसका पूरा बकाया राशि तत्काल जारी की जाए।

गृह लक्ष्मी योजना: पृष्ठभूमि

यह ध्यान देने योग्य है कि 'गृह लक्ष्मी' योजना कर्नाटक सरकार द्वारा अगस्त 2023 में शुरू की गई महिला सशक्तीकरण की प्रमुख पहल है, जिसके तहत पात्र लाभार्थियों को प्रतिमाह ₹2,000 सीधे उनके बैंक खाते में दिए जाते हैं। राज्य सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के लिए इस मद में ₹28,608 करोड़ की राशि आवंटित की है, जो सभी गारंटी कार्यक्रमों पर होने वाले कुल खर्च के आधे से अधिक है।

गौरतलब है कि यह योजना कांग्रेस के चुनावी 'पाँच गारंटियों' में से एक थी, जिसके दम पर पार्टी ने 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बहुमत हासिल किया था। ऐसे में विपक्ष के ये आरोप राजनीतिक रूप से विशेष रूप से संवेदनशील हैं।

भाजपा के इन आरोपों पर अभी तक कर्नाटक सरकार या मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे के और गरमाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

608 करोड़ का गारंटी बोझ राज्य के वित्त पर दबाव डाल रहा है, और सिम कार्ड जैसी नौकरशाही शर्तें — चाहे तकनीकी कारणों से लागू की गई हों — सबसे कमज़ोर लाभार्थियों पर अनुपातहीन असर डालती हैं। सवाल केवल कांग्रेस की नीयत का नहीं है; सवाल यह भी है कि क्या भारत में 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर' का ढाँचा उन महिलाओं को वास्तव में समेट पाता है जिनके पास डिजिटल पहचान नहीं है। यह विडंबना है कि डिजिटल समावेश को बढ़ावा देने वाली सरकार ही डिजिटल बहिष्कार को पेमेंट-रोकने का औजार बनाती दिख रही है।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गृह लक्ष्मी योजना क्या है और इसके तहत क्या मिलता है?
गृह लक्ष्मी योजना कर्नाटक सरकार द्वारा अगस्त 2023 में शुरू की गई महिला सशक्तीकरण की प्रमुख योजना है। इसके तहत पात्र महिला लाभार्थियों को प्रतिमाह ₹2,000 सीधे उनके बैंक खाते में दिए जाते हैं।
भाजपा ने गृह लक्ष्मी भुगतान में देरी का आरोप क्यों लगाया?
भाजपा नेता आर. अशोक ने आरोप लगाया कि कर्नाटक सरकार ने भुगतान के लिए सिम कार्ड को बैंक खाते से लिंक करने जैसी नई तकनीकी शर्तें लागू की हैं और मतदाता सूची के SIR का हवाला देकर भुगतान रोका जा रहा है। उनके अनुसार यह राज्य के खाली खजाने को छिपाने की सोची-समझी रणनीति हो सकती है।
SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) का गृह लक्ष्मी से क्या संबंध है?
SIR मतदाता सूची के सत्यापन की एक प्रक्रिया है। आर. अशोक का आरोप है कि सरकार इस प्रक्रिया को बहाने के रूप में इस्तेमाल कर गृह लक्ष्मी लाभार्थियों का भुगतान रोक रही है, जिसका सीधा असर लाखों गरीब महिलाओं पर पड़ रहा है।
कर्नाटक सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में गृह लक्ष्मी के लिए कितना बजट रखा है?
राज्य सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के लिए गृह लक्ष्मी योजना हेतु ₹28,608 करोड़ आवंटित किए हैं। यह राशि राज्य के सभी गारंटी कार्यक्रमों पर होने वाले कुल खर्च के आधे से अधिक है।
भाजपा ने कर्नाटक सरकार से क्या मांगें की हैं?
आर. अशोक ने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं — नई तकनीकी शर्तें तत्काल वापस ली जाएँ, भुगतान में हो रही देरी बंद की जाए, और प्रत्येक पात्र गृह लक्ष्मी लाभार्थी को उसका पूरा बकाया भुगतान तुरंत किया जाए।
राष्ट्र प्रेस
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