गन्ना किसानों के लिए प्रो. रमेश चंद की अध्यक्षता में समिति गठित, कर्नाटक BJP ने केंद्र का जताया आभार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने कर्नाटक और महाराष्ट्र के गन्ना किसानों की मांगों पर विचार करने के लिए नीति आयोग के पूर्व सदस्य प्रोफेसर रमेश चंद की अध्यक्षता में एक संयुक्त समिति गठित की है। 15 अक्टूबर 2026 को कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष एवं विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने इस कदम का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। यह समिति गन्ना उत्पादन लागत, न्यूनतम बिक्री मूल्य (एमएसपी) और तौल प्रणाली में पारदर्शिता जैसी प्रमुख चिंताओं को संबोधित करेगी।
समिति का गठन और उद्देश्य
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि इस सप्ताह की शुरुआत में नई दिल्ली में हुई उच्च-स्तरीय बैठक में आश्वासन देने के मात्र दो दिनों के भीतर केंद्र सरकार ने यह समिति गठित कर दी। उन्होंने इसे किसानों की चिंताओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।
यह संयुक्त समिति कर्नाटक और महाराष्ट्र के गन्ना किसानों से सीधे मुलाकात करेगी, ताकि जमीनी हकीकत को समझा जा सके और उनकी समस्याओं का आकलन किया जा सके। पैनल चीनी क्षेत्र के विभिन्न पहलुओं — खेती की लागत, लाभकारी रिटर्न और संबंधित कारकों — का गहन अध्ययन करेगा।
विजयेंद्र की प्रतिक्रिया और केंद्रीय मंत्रियों का आभार
विजयेंद्र ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया कि उन्होंने किसानों की मांगों को गंभीरता से लिया और उन पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले।
विजयेंद्र ने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों के हितों की रक्षा करना, उनके परिवारों के कल्याण में सुधार और कृषि क्षेत्र के सतत विकास को सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताएँ हैं।
राज्य सरकार पर भी दबाव
गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री जोशी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को पत्र लिखकर राज्य सरकार से आग्रह किया था कि वह गन्ना किसानों की मांगों पर तुरंत कार्रवाई करे। यह कदम यह संकेत देता है कि गन्ना किसानों के मुद्दे पर केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर दबाव बढ़ रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक और महाराष्ट्र के गन्ना किसान लंबे समय से एमएसपी में वृद्धि और तौल प्रणाली में सुधार की माँग कर रहे हैं। चीनी उद्योग से जुड़े मुद्दे इन राज्यों में राजनीतिक रूप से संवेदनशील हैं।
आगे की राह
प्रो. रमेश चंद की अगुवाई वाली यह समिति किसानों और उद्योग प्रतिनिधियों से विस्तृत विमर्श के बाद अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगी। समिति के कार्यक्षेत्र में गन्ना उत्पादन लागत का पुनर्मूल्यांकन, एमएसपी संशोधन और चीनी मिलों में तौल पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है। इसके निष्कर्ष भविष्य की नीतिगत दिशा तय कर सकते हैं।