BJP-JD(S) समन्वय समिति जल्द: विजयेंद्र ने कुमारस्वामी से की मुलाकात, कर्नाटक उपचुनाव की रणनीति तय
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कर्नाटक अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को बेंगलुरु में केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी से मुलाकात की। इस बैठक में BJP-JD(S) गठबंधन को मज़बूत करने, आगामी उपचुनावों की तैयारी और एक संयुक्त समन्वय समिति के गठन पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। दोनों नेताओं ने राज्य की कांग्रेस सरकार के विरुद्ध साझा रणनीति बनाने पर सहमति जताई।
समन्वय समिति का प्रस्ताव और संरचना
विजयेंद्र ने बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि BJP और जनता दल (सेक्युलर) [JD(S)] के बीच बेहतर तालमेल के लिए एक समन्वय समिति का तत्काल गठन किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि BJP की ओर से विपक्ष के नेता आर. अशोक, केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और स्वयं विजयेंद्र इस समिति के सदस्य होंगे।
कुमारस्वामी ने प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए कहा कि दोनों दलों को एकजुट होकर काम करना चाहिए और गठबंधन को मज़बूत बनाकर सत्तारूढ़ सरकार को हराना चाहिए। कुमारस्वामी ने प्रत्येक पार्टी से तीन-तीन सदस्यों का सुझाव दिया, हालाँकि समिति को संक्षिप्त रखने पर भी चर्चा हुई।
विजयेंद्र ने यह भी बताया कि उन्होंने इस विषय पर BJP कर्नाटक प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल से भी बात की है और प्रत्येक पार्टी से तीन सदस्यों की संरचना का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय BJP के राष्ट्रीय नेतृत्व की इच्छा के अनुरूप है और चर्चाएँ 'बहुत सकारात्मक' रहीं।
उपचुनाव की तैयारी और सीट बंटवारा
दोनों नेताओं ने हिरियूर और धारवाड़ विधानसभा क्षेत्रों के आगामी उपचुनावों के साथ-साथ चार शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावों की तैयारियों पर भी चर्चा की। विजयेंद्र ने बताया कि BJP ने शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है और JD(S) से सहयोग माँगा गया है।
सीट बंटवारे के सवाल पर विजयेंद्र ने कहा कि JD(S) ने हिरियूर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त की है। इस पर अंतिम निर्णय दोनों दलों के बीच आगे की बातचीत के बाद होगा।
कांग्रेस सरकार पर हमला
विजयेंद्र ने कर्नाटक की सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार को 'किसान विरोधी, जनविरोधी और भ्रष्ट' बताते हुए कहा कि BJP और JD(S) मिलकर इस सरकार के विरुद्ध आंदोलन की रणनीति पर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन न केवल दोनों दलों, बल्कि कर्नाटक राज्य के हित में भी है।
दल-मतदान विवाद से संबंध से इनकार
हाल के दल-मतदान प्रकरण के संदर्भ में पूछे जाने पर विजयेंद्र ने स्पष्ट रूप से कहा कि समन्वय समिति के गठन का इस विवाद से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि यह कदम पूरी तरह गठबंधन को मज़बूत करने और चुनावी तैयारी को धार देने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।
आगे क्या होगा
समन्वय समिति के गठन की औपचारिक घोषणा जल्द अपेक्षित है। हिरियूर और धारवाड़ उपचुनावों में BJP-JD(S) गठबंधन की साझा उपस्थिति इस नई संरचना की पहली परीक्षा होगी। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के विरुद्ध विपक्षी एकजुटता की माँग तेज़ हो रही है।