30 सितंबर 2026
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चिक्कोडी में चार साल के बकाया बिल पर ठेकेदारों का हंगामा, जल विभाग कार्यालय का घेराव

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चिक्कोडी में चार साल के बकाया बिल पर ठेकेदारों का हंगामा, जल विभाग कार्यालय का घेराव

सारांश

कर्नाटक के चिक्कोडी में ग्रामीण जल आपूर्ति विभाग के ठेकेदारों ने चार साल पुराने बकाया बिलों को लेकर कार्यालय घेराव किया। निप्पानी, रायबाग, हुक्केरी और गोकाक के ठेकेदार भी शामिल हुए। गडग में एईई के लापता होने की घटना ने नाराज़गी और बढ़ा दी।

मुख्य बातें

चिक्कोडी के ग्रामीण जल आपूर्ति विभाग के ठेकेदारों ने 30 सितंबर 2026 को कार्यकारी अभियंता कार्यालय का घेराव किया।
चार साल से लंबित बिलों का भुगतान न होने पर ठेकेदारों ने तत्काल निपटान की माँग की।
प्रदर्शन में चिक्कोडी, निप्पानी, रायबाग, हुक्केरी और गोकाक के ठेकेदार शामिल।
कार्यकारी अभियंता पांडुरंगा राव और एईई बी.आर.
जंबागी को सीधे घेरकर सवाल किए गए।
गडग जिले में एक एईई के कथित तौर पर परेशान किए जाने और लापता होने की घटना ने विरोध को और तेज़ किया।
भुगतान न होने पर ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल निर्माण कार्य प्रभावित होने की आशंका।

बेलगावी जिले के चिक्कोडी में ग्रामीण जल आपूर्ति विभाग के ठेकेदारों ने 30 सितंबर 2026 को कार्यकारी अभियंता के कार्यालय का घेराव किया और पिछले चार वर्षों से लंबित बिलों का तत्काल भुगतान करने की माँग रखी। प्रदर्शन में चिक्कोडी, निप्पानी, रायबाग, हुक्केरी और गोकाक के बड़ी संख्या में ठेकेदार शामिल हुए।

मुख्य घटनाक्रम

ठेकेदारों ने आरडब्ल्यूएस डिवीजन कार्यालय की घेराबंदी कर अधिकारियों को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। प्रदर्शन के दौरान ठेकेदारों ने चिक्कोडी जल आपूर्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता पांडुरंगा राव और एईई बी.आर. जंबागी को सीधे घेरकर सवाल किए। ठेकेदारों का आरोप है कि विभिन्न निर्माण कार्यों के बिल पिछले चार साल से अटके पड़े हैं और बार-बार माँग करने के बावजूद भुगतान नहीं हो रहा।

ठेकेदारों की माँगें

प्रदर्शनकारी ठेकेदारों ने स्पष्ट किया कि जब तक पुराने बकाए का निपटान नहीं होता, तब तक नए व जारी निर्माण कार्यों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाना उनके लिए संभव नहीं होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और सभी लंबित राशि जारी करने की माँग की।

गडग जिले का संदर्भ

यह विरोध ऐसे समय में और उग्र हुआ जब गडग जिले में एक एईई को लंबित फंड जारी कराने के मामले में कथित तौर पर परेशान किए जाने और उसके बाद उनके लापता होने की घटना सामने आई। इस घटनाक्रम ने पूरे राज्य में जल आपूर्ति विभाग के ठेकेदारों की समस्याओं को और अधिक उजागर कर दिया है। गौरतलब है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है — राज्य के कई जिलों में सरकारी विभागों द्वारा ठेकेदारों के बिल लंबे समय तक रोके जाने की शिकायतें आती रही हैं।

आम जनता और निर्माण कार्यों पर असर

ठेकेदारों के अनुसार, भुगतान में देरी की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति से जुड़े निर्माण कार्य प्रभावित हो सकते हैं। बकाया न मिलने से ठेकेदार सामग्री और मज़दूरी का खर्च वहन करने में असमर्थ होते हैं, जिसका सीधा असर परियोजनाओं की गति पर पड़ता है।

क्या होगा आगे

ठेकेदारों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो विरोध प्रदर्शन और तेज़ किया जाएगा। अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। माँगें पूरी न होने की स्थिति में आगामी दिनों में विभाग के उच्च अधिकारियों तक मामला पहुँचने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो नई परियोजनाओं पर बोली लगाने वालों की संख्या घटती है और काम की गुणवत्ता भी गिरती है। गडग में एईई के लापता होने का प्रसंग इस पूरी कड़ी में एक गंभीर संकेत है जिसे महज प्रशासनिक लापरवाही नहीं माना जाना चाहिए। राज्य सरकार को विभागीय बिल निपटान के लिए समयसीमा तय करनी होगी, अन्यथा ग्रामीण पेयजल जैसी बुनियादी सेवाएँ सबसे पहले प्रभावित होंगी।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चिक्कोडी में ठेकेदारों ने क्यों विरोध प्रदर्शन किया?
चिक्कोडी के ग्रामीण जल आपूर्ति विभाग के ठेकेदारों ने पिछले चार वर्षों से लंबित निर्माण कार्यों के बिल का भुगतान न होने पर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कार्यकारी अभियंता के कार्यालय का घेराव कर तत्काल भुगतान की माँग रखी।
इस प्रदर्शन में कौन-कौन से क्षेत्रों के ठेकेदार शामिल थे?
प्रदर्शन में चिक्कोडी के साथ-साथ निप्पानी, रायबाग, हुक्केरी और गोकाक के ठेकेदार भी शामिल हुए। सभी ठेकेदार बेलगावी जिले के ग्रामीण जल आपूर्ति विभाग से जुड़े निर्माण कार्यों में लगे हैं।
गडग जिले का इस विवाद से क्या संबंध है?
गडग जिले में लंबित फंड जारी कराने के मामले में एक एईई को कथित तौर पर परेशान किए जाने और उसके बाद उनके लापता होने की घटना सामने आई। इस घटनाक्रम ने चिक्कोडी के ठेकेदारों की नाराज़गी को और बढ़ा दिया।
बकाया भुगतान न मिलने से क्या नुकसान हो सकता है?
ठेकेदारों के अनुसार, भुगतान में देरी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति से जुड़ी परियोजनाएँ प्रभावित हो सकती हैं। बकाया न मिलने से सामग्री और मज़दूरी का खर्च वहन करना कठिन हो जाता है, जिससे निर्माण कार्य ठप हो सकते हैं।
ठेकेदारों ने आगे क्या करने की चेतावनी दी है?
ठेकेदारों ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो विरोध प्रदर्शन और तेज़ किया जाएगा। भुगतान न होने तक नए और चल रहे निर्माण कार्यों को सुचारू रूप से जारी रखना उनके लिए संभव नहीं होगा।
राष्ट्र प्रेस
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