कर्नाटक के बकाया फंड पर सीएम शिवकुमार ने वित्त मंत्री सीतारमण से की बातचीत, जल्द मिलेगी अच्छी खबर
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की और राज्य के लंबे समय से लंबित बकाया फंड के मुद्दे पर चर्चा की। मुलाकात के बाद शिवकुमार ने संकेत दिया कि उन्हें 'अच्छी खबर' मिली है, हालाँकि उन्होंने विवरण बाद में साझा करने की बात कही।
मुख्यमंत्री का बयान
जीएसटी काउंसिल की बैठक में भाग लेने के बाद कर्नाटक भवन में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा, 'मैंने वित्त मंत्री के साथ हमारे राज्य के पुराने बकाया पैसे के मुद्दे पर बात की और मुझे कुछ अच्छी खबर मिली है। मैं अभी इसके बारे में कुछ नहीं बताऊंगा। मैं बाद में इस पर बात करूंगा।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय के साथ और बातचीत के बाद ही विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
जीएसटी काउंसिल की बैठक का सारांश
शिवकुमार ने बताया कि नई दिल्ली में आयोजित जीएसटी काउंसिल की बैठक 'बहुत अच्छी रही' और कर्नाटक की चिंताओं को अन्य राज्यों ने स्वीकार किया। उनके अनुसार, 'सभी ने कर्नाटक की बातों को माना।' बैठक में जीएसटी प्रशासन और राजस्व संग्रह से जुड़े अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
जीएसटी डिफॉल्टरों की गिरफ्तारी पर विमर्श
बैठक में जीएसटी न चुकाने वाले व्यापारियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने और गिरफ्तारी के प्रावधान पर भी विस्तृत चर्चा हुई। शिवकुमार ने अपना स्पष्ट मत रखते हुए कहा, 'जीएसटी न चुकाने वालों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने और उन्हें गिरफ्तार करने का मुद्दा इनकम टैक्स के नियमों और कानूनों के अनुसार किया जाना चाहिए। अधिकारियों का व्यापारियों को बेवजह गिरफ्तार करना सही नहीं है।'
उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों को गिरफ्तारी के बजाय बकाया वसूली पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। मुख्यमंत्री के अनुसार, लगभग सभी राज्यों ने इस विचार का समर्थन किया, केवल एक राज्य की राय अलग थी।
व्यापारियों के हितों की रक्षा
शिवकुमार ने ज़ोर देकर कहा कि जीएसटी व्यवस्था के तहत लागू किए जाने वाले उपायों का व्यापारियों और कारोबारियों के खिलाफ दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। उनका कहना था कि प्रवर्तन कार्रवाई सुचिंतित और नियमसम्मत होनी चाहिए, ताकि कारोबारी माहौल प्रतिकूल न बने। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब कर्नाटक सरकार राज्य की आर्थिक वृद्धि को बनाए रखने के लिए निवेश-अनुकूल वातावरण बनाने पर जोर दे रही है।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि कर्नाटक केंद्र से अपने बकाया फंड को लेकर लंबे समय से संघर्ष करता रहा है। शिवकुमार के ताज़ा बयान से संकेत मिलता है कि केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों में किसी सकारात्मक प्रगति की उम्मीद है। हालाँकि बकाये की सटीक राशि और भुगतान की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं हुई है, और विस्तृत जानकारी केंद्रीय वित्त मंत्रालय के साथ आगामी बातचीत के बाद सार्वजनिक होने की संभावना है।