8 अक्टूबर 2026
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कर्नाटक के बकाया फंड पर सीएम शिवकुमार ने वित्त मंत्री सीतारमण से की बातचीत, जल्द मिलेगी अच्छी खबर

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कर्नाटक के बकाया फंड पर सीएम शिवकुमार ने वित्त मंत्री सीतारमण से की बातचीत, जल्द मिलेगी अच्छी खबर

सारांश

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने जीएसटी काउंसिल बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से राज्य के लंबित बकाये पर चर्चा की और 'अच्छी खबर' का संकेत दिया — हालाँकि विवरण अभी गुप्त है। साथ ही उन्होंने जीएसटी डिफॉल्टरों की मनमानी गिरफ्तारी के खिलाफ पुरज़ोर आवाज़ उठाई।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से कर्नाटक के लंबित बकाया फंड पर चर्चा की।
शिवकुमार ने 'अच्छी खबर' मिलने का संकेत दिया, लेकिन विस्तृत जानकारी बाद में साझा करने की बात कही।
जीएसटी काउंसिल की बैठक में जीएसटी डिफॉल्टरों की गिरफ्तारी के बजाय बकाया वसूली पर ज़ोर देने पर चर्चा हुई।
लगभग सभी राज्यों ने व्यापारियों की मनमानी गिरफ्तारी के खिलाफ शिवकुमार के प्रस्ताव का समर्थन किया; केवल एक राज्य असहमत रहा।
कर्नाटक के बकाये की सटीक राशि और भुगतान की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं हुई है।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की और राज्य के लंबे समय से लंबित बकाया फंड के मुद्दे पर चर्चा की। मुलाकात के बाद शिवकुमार ने संकेत दिया कि उन्हें 'अच्छी खबर' मिली है, हालाँकि उन्होंने विवरण बाद में साझा करने की बात कही।

मुख्यमंत्री का बयान

जीएसटी काउंसिल की बैठक में भाग लेने के बाद कर्नाटक भवन में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा, 'मैंने वित्त मंत्री के साथ हमारे राज्य के पुराने बकाया पैसे के मुद्दे पर बात की और मुझे कुछ अच्छी खबर मिली है। मैं अभी इसके बारे में कुछ नहीं बताऊंगा। मैं बाद में इस पर बात करूंगा।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय के साथ और बातचीत के बाद ही विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

जीएसटी काउंसिल की बैठक का सारांश

शिवकुमार ने बताया कि नई दिल्ली में आयोजित जीएसटी काउंसिल की बैठक 'बहुत अच्छी रही' और कर्नाटक की चिंताओं को अन्य राज्यों ने स्वीकार किया। उनके अनुसार, 'सभी ने कर्नाटक की बातों को माना।' बैठक में जीएसटी प्रशासन और राजस्व संग्रह से जुड़े अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

जीएसटी डिफॉल्टरों की गिरफ्तारी पर विमर्श

बैठक में जीएसटी न चुकाने वाले व्यापारियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने और गिरफ्तारी के प्रावधान पर भी विस्तृत चर्चा हुई। शिवकुमार ने अपना स्पष्ट मत रखते हुए कहा, 'जीएसटी न चुकाने वालों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने और उन्हें गिरफ्तार करने का मुद्दा इनकम टैक्स के नियमों और कानूनों के अनुसार किया जाना चाहिए। अधिकारियों का व्यापारियों को बेवजह गिरफ्तार करना सही नहीं है।'

उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों को गिरफ्तारी के बजाय बकाया वसूली पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। मुख्यमंत्री के अनुसार, लगभग सभी राज्यों ने इस विचार का समर्थन किया, केवल एक राज्य की राय अलग थी।

व्यापारियों के हितों की रक्षा

शिवकुमार ने ज़ोर देकर कहा कि जीएसटी व्यवस्था के तहत लागू किए जाने वाले उपायों का व्यापारियों और कारोबारियों के खिलाफ दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। उनका कहना था कि प्रवर्तन कार्रवाई सुचिंतित और नियमसम्मत होनी चाहिए, ताकि कारोबारी माहौल प्रतिकूल न बने। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब कर्नाटक सरकार राज्य की आर्थिक वृद्धि को बनाए रखने के लिए निवेश-अनुकूल वातावरण बनाने पर जोर दे रही है।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि कर्नाटक केंद्र से अपने बकाया फंड को लेकर लंबे समय से संघर्ष करता रहा है। शिवकुमार के ताज़ा बयान से संकेत मिलता है कि केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों में किसी सकारात्मक प्रगति की उम्मीद है। हालाँकि बकाये की सटीक राशि और भुगतान की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं हुई है, और विस्तृत जानकारी केंद्रीय वित्त मंत्रालय के साथ आगामी बातचीत के बाद सार्वजनिक होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उतना ही रहस्यमय भी — विवरण छिपाकर वे राजनीतिक अपेक्षा बना रहे हैं, पर जब तक राशि और समयसीमा सामने नहीं आती, यह महज़ एक राजनीतिक संकेत है। केंद्र-राज्य वित्तीय विवाद नया नहीं है; कर्नाटक समेत कई विपक्ष-शासित राज्य लंबे समय से राजस्व बँटवारे की शिकायत करते रहे हैं। जीएसटी डिफॉल्टरों की गिरफ्तारी पर उनका रुख व्यापारी वर्ग को साधने की कोशिश भी हो सकता है, खासकर ऐसे समय में जब कर्नाटक में आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। असली परीक्षा यह होगी कि केंद्र कितनी जल्दी और कितनी पारदर्शिता के साथ बकाया जारी करता है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक के बकाया फंड का मामला क्या है?
कर्नाटक सरकार का आरोप है कि केंद्र सरकार ने राज्य के विभिन्न केंद्रीय अनुदानों और राजस्व हिस्सेदारी के तहत बकाया राशि का भुगतान लंबे समय से नहीं किया है। मुख्यमंत्री शिवकुमार ने 8 अक्टूबर 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से इसी मुद्दे पर मुलाकात की।
शिवकुमार को 'अच्छी खबर' किस बारे में मिली?
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि वित्त मंत्री सीतारमण से बातचीत के बाद उन्हें राज्य के लंबित बकाये को लेकर 'अच्छी खबर' मिली है। हालाँकि उन्होंने फिलहाल कोई विवरण नहीं दिया और कहा कि जानकारी बाद में साझा की जाएगी।
जीएसटी काउंसिल की बैठक में क्या फैसला हुआ?
8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में जीएसटी काउंसिल की बैठक हुई जिसमें जीएसटी प्रशासन और राजस्व संग्रह पर चर्चा हुई। बैठक में जीएसटी डिफॉल्टरों के खिलाफ गिरफ्तारी के बजाय बकाया वसूली को प्राथमिकता देने के प्रस्ताव पर लगभग सभी राज्यों ने सहमति जताई।
जीएसटी डिफॉल्टरों की गिरफ्तारी पर शिवकुमार का क्या रुख है?
शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि व्यापारियों को बेवजह गिरफ्तार करना उचित नहीं है और प्रवर्तन इनकम टैक्स के नियमों के अनुसार होना चाहिए। उनका ज़ोर इस बात पर है कि अधिकारी गिरफ्तारी के बजाय बकाया राशि वसूलने पर ध्यान दें।
कर्नाटक के बकाये पर केंद्र की प्रतिक्रिया कब आएगी?
मुख्यमंत्री शिवकुमार के अनुसार केंद्रीय वित्त मंत्रालय के साथ और बातचीत के बाद राज्य के बकाये पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। फिलहाल बकाये की सटीक राशि और भुगतान की समयसीमा स्पष्ट नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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