कर्नाटक CM डी.के. शिवकुमार का सख्त निर्देश: टैक्स लीकेज शून्य करो, GST में नंबर-1 बनने का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने 26 जून 2026 को बेंगलुरु स्थित विधान सौधा में वाणिज्यिक कर विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि राज्य में टैक्स धोखाधड़ी की कोई भी गुंजाइश नहीं रहनी चाहिए और टैक्स लीकेज को पूरी तरह समाप्त किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही या समझौते की कोई जगह नहीं होगी और अगली समीक्षा बैठक में वे वास्तविक उदाहरणों के आधार पर अधिकारियों के प्रदर्शन की जाँच करेंगे।
मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने बैठक में कहा, 'हमारे राज्य की सीमा पर कोई भी मालवाहक वाहन जरूरी दस्तावेजों के बिना प्रवेश न करे या बाहर न जाए। टैक्स चोरी की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।' उन्होंने सभी संयुक्त आयुक्तों को अपने-अपने क्षेत्रों में निर्धारित टैक्स वसूली लक्ष्य हासिल करने और समय पर रिटर्न दाखिल कराने पर विशेष जोर देने को कहा।
उन्होंने पड़ोसी राज्यों के वाणिज्यिक कर विभागों और प्रवर्तन एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने का भी निर्देश दिया, ताकि अंतरराज्यीय टैक्स चोरी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
GST संग्रह में कर्नाटक की स्थिति
शिवकुमार ने बताया कि मई 2026 तक जीएसटी संग्रह में तेलंगाना 10 प्रतिशत वृद्धि के साथ देश में पहले स्थान पर है, जबकि कर्नाटक 9 प्रतिशत वृद्धि के साथ दूसरे स्थान पर है। महाराष्ट्र और गुजरात में 5-5 प्रतिशत, तमिलनाडु में 7 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश में 8 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक का प्रदर्शन कई बड़े राज्यों से बेहतर है, लेकिन लक्ष्य पहले स्थान पर पहुँचना होना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार अपनी कल्याण योजनाओं के लिए राजस्व बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है।
तकनीक और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में करीब 12 लाख करदाताओं का डेटा उपलब्ध है, जिसे तकनीक और डेटा एनालिटिक्स की मदद से 360 डिग्री तरीके से विश्लेषित किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि IIT हैदराबाद के सहयोग से विकसित GST एनालिटिक्स पोर्टल के जरिए पहले से ही टैक्स धोखाधड़ी के कई मामलों का पता लगाया जा चुका है।
फर्जी कंपनियों और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के मामले एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, अब तक इस मद में ₹166 करोड़ की वसूली की जा चुकी है। शिवकुमार ने फर्जी कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज करने और गिरफ्तारियाँ बढ़ाने के स्पष्ट निर्देश दिए।
करदाताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार की अपील
शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि ईमानदार करदाताओं का विश्वास जीतना है। उन्होंने कहा, 'ईमानदारी और मेहनत का सम्मान किया जाएगा, लेकिन बेईमानी पर सख्त कार्रवाई होगी।' करदाताओं की सुविधा के लिए ऑनलाइन प्रणाली विकसित की गई है, जिससे उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने मैसूरु डिवीजन के प्रदर्शन में आई गिरावट पर चिंता व्यक्त की और कहा कि परिणाम ही सर्वोच्च प्राथमिकता है। लंबित अपीलों के त्वरित निपटारे और प्रणाली को और सरल बनाने पर भी उन्होंने जोर दिया। आगामी समीक्षा बैठक में प्रत्येक अधिकारी के प्रदर्शन का मूल्यांकन वास्तविक आँकड़ों के आधार पर किया जाएगा।