कर्नाटक भाजपा का आरोप: दवाओं की खरीद में भ्रष्टाचार और सरकारी अस्पतालों में कमी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कर्नाटक भाजपा का आरोप: दवाओं की खरीद में भ्रष्टाचार और सरकारी अस्पतालों में कमी

सारांश

बेंगलुरु में कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने राज्य सरकार पर दवाओं की खरीद में गंभीर गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर गहरी चिंता जताई है।

मुख्य बातें

दवाओं की कमी सरकारी अस्पतालों में एक गंभीर समस्या है।
भ्रष्टाचार के आरोप राज्य सरकार पर लगे हैं।
एम्बुलेंस स्टाफ को लंबे समय से सैलरी नहीं मिली है।
वहाब खान पर दवा खरीद सिस्टम को नियंत्रित करने का आरोप।
सीटी स्कैन और एमआरआई सेवाओं के लिए बकाया नहीं चुकाने का मामला।

बेंगलुरु, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने बुधवार को दवाओं की खरीद में गंभीर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार को सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी का दोषी ठहराया।

विजयेंद्र का कहना है कि सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में दवाओं की कमी के लिए राज्य सरकार और संबंधित मंत्री जिम्मेदार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक प्रभावशाली व्यक्ति के दबाव में खरीद में गड़बड़ियां हो रही हैं और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के लिए कॉन्ट्रैक्ट बांटे जा रहे हैं। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि कंपनियां १५-२० प्रतिशत कमीशन की मांग के कारण टेंडर में हिस्सा लेने से कतराती हैं, जिससे सप्लाई में रुकावट आ रही है।

विजयेंद्र ने मंगलुरु के एक प्राइवेट व्यक्ति, वहाब खान पर राज्य के दवा खरीद सिस्टम को नियंत्रित करने का आरोप लगाया और कहा कि उसके प्रभाव के चलते यह सिस्टम खत्म हो गया है, जिससे गरीब मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव को चुनौती दी कि बताएं कि टेंडर एक ही व्यक्ति को क्यों दिए गए और दवाएं बाजार मूल्य से तीन गुना अधिक कीमत पर क्यों खरीदी जा रही हैं। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि १०८ एम्बुलेंस के ड्राइवरों और हेल्परों को पिछले आठ से नौ महीनों से सैलरी नहीं दी गई है और सरकार से इस मुद्दे को तुरंत सुलझाने की मांग की।

विजयेंद्र का कहना है कि एम्बुलेंस स्टाफ और डॉक्टरों को विरोध के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि सरकार उनकी चिंताओं का समाधान करने में असफल रही। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रबंधन में राज्य सरकार की आलोचना की और कहा कि सरकारी अस्पतालों में दवाओं की भारी कमी है, जिससे गरीब मरीजों को प्राइवेट फार्मेसी से दवाएं खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसके साथ ही, उन्होंने सरकार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े राजनीतिक कारणों से सरकारी अस्पताल परिसर में जन औषधि केंद्रों को बंद करने का प्रयास करने का आरोप लगाया।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने सीटी स्कैन और एमआरआई सेवाएं प्रदान करने वाली एक प्राइवेट एजेंसी को १४३ करोड़ रुपये का बकाया नहीं चुकाया है, जिससे गरीब मरीजों को आवश्यक डायग्नोस्टिक सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है और गर्भवती महिलाओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य सरकार पर बिचौलियों को बचाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन उपलब्धियों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और गरीब लोगों की पीड़ा को नजरअंदाज कर रहा है।​

विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री से कहा कि वे झूठे दावे करना बंद करें और राज्य के आवश्यक मुद्दों को सुलझाने पर ध्यान दें। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार शासन की जिम्मेदारी लेने में असफल रही है और मौजूदा समस्याओं के लिए पिछली भाजपा सरकार और केंद्र को दोष देती रही है।

उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री, जिन्होंने १६ बजट पेश किए हैं और पूर्व मुख्यमंत्री देवराज उर्स का रिकॉर्ड तोड़ा है, उन्हें राज्य के सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए अपने अनुभव का उपयोग करना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर जब स्वास्थ्य सेवा और दवाओं की उपलब्धता जैसी महत्वपूर्ण मुद्दों की बात आती है। इसे ध्यान में रखते हुए, यह आवश्यक है कि राज्य सरकार इन आरोपों की जांच करें और जनता के स्वास्थ्य के लिए उचित कदम उठाएं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक भाजपा ने दवाओं की कमी का आरोप किस पर लगाया?
कर्नाटक भाजपा ने राज्य सरकार पर दवाओं की कमी का आरोप लगाया है।
बीवाई विजयेंद्र ने किस मुद्दे पर राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया?
उन्होंने दवाओं की खरीद में गड़बड़ी और सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी का मुद्दा उठाया।
क्या एम्बुलेंस स्टाफ को पिछले महीनों में सैलरी नहीं मिली है?
हां, विजयेंद्र ने बताया कि १०८ एम्बुलेंस के ड्राइवरों और हेल्परों को पिछले आठ से नौ महीनों से सैलरी नहीं मिली है।
विजयेंद्र ने किस व्यक्ति पर आरोप लगाया कि वह दवा खरीद सिस्टम को नियंत्रित कर रहा है?
विजयेंद्र ने वहाब खान पर आरोप लगाया कि वह दवा खरीद सिस्टम को नियंत्रित कर रहा है।
क्या राज्य सरकार ने सीटी स्कैन और एमआरआई सेवाओं के लिए बकाया नहीं चुकाया?
हां, विजयेंद्र ने कहा कि राज्य सरकार ने सीटी स्कैन और एमआरआई सेवाएं देने वाली प्राइवेट एजेंसी को १४३ करोड़ रुपये का बकाया नहीं चुकाया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले