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गणेश चतुर्थी 2026: कर्नाटक गृह मंत्री प्रियांक खड़गे की अपील — पुलिसकर्मियों का सम्मान करें

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गणेश चतुर्थी 2026: कर्नाटक गृह मंत्री प्रियांक खड़गे की अपील — पुलिसकर्मियों का सम्मान करें

सारांश

गणेश चतुर्थी के मौके पर कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने एक भावुक अपील की — पुलिसकर्मियों का सम्मान करें जो अपने परिवारों से दूर रहकर आपके उत्सव की रक्षा करते हैं। 2025 में 80,558 जुलूसों के लिए 1.02 लाख जवान तैनात हुए थे।

मुख्य बातें

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने 14 सितंबर 2026 को जनता से गणेश उत्सव में तैनात पुलिसकर्मियों का सम्मान करने की अपील की।
2025 में कर्नाटक में 80,558 सार्वजनिक गणेश शोभायात्राओं के लिए 1.02 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे।
खड़गे ने कहा — पुलिसकर्मियों ने 'दूसरों के त्योहारों की रक्षा के लिए अपने त्योहारों का त्याग किया।' बेंगलुरु में इस वर्ष लगभग 3,000 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन निगरानी के लिए लगाए गए हैं।
पुलिस ने लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर दिशानिर्देश जारी किए और जुलूस मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की।

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने 14 सितंबर 2026 को जनता से आग्रह किया कि गणेश चतुर्थी उत्सव के दौरान शोभायात्राओं में तैनात पुलिसकर्मियों के साथ सहयोग करें और उनकी सेवा को सम्मान दें। उन्होंने रेखांकित किया कि सुरक्षाकर्मी त्योहार के दौरान अपने परिवारों से दूर रहकर लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।

पिछले वर्ष की तैनाती के आँकड़े

खड़गे ने 2025 के गणेश उत्सव के दौरान की गई सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए बताया कि कर्नाटक में 80,558 सार्वजनिक गणेश शोभायात्राएँ निकाली गई थीं। इन जुलूसों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 1.02 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों, होम गार्ड्स और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को तैनात किया गया था।

गृह मंत्री ने कहा, 'एक लाख से अधिक वर्दीधारी पुरुषों और महिलाओं ने त्योहार अपने परिवारों से दूर रहकर बिताया, ताकि हम सभी उत्सव मना सकें।'

पुलिसकर्मियों की भूमिका और बलिदान

खड़गे ने विस्तार से बताया कि जब लोग प्रार्थना कर रहे थे, नाच रहे थे और शोभायात्राओं में भाग ले रहे थे, तब पुलिसकर्मी घंटों सड़कों पर तैनात रहकर भीड़ को संभालते, यातायात नियंत्रित करते, संघर्षों को रोकते और लोगों की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करते रहे।

उन्होंने कहा, 'हर वर्दी के पीछे एक परिवार होता है जो उनका इंतजार कर रहा होता है। पुलिसकर्मियों ने दूसरों के त्योहारों की रक्षा के लिए अपने त्योहारों का त्याग किया।' उन्होंने जनता से आग्रह किया कि त्योहार के दौरान जिम्मेदारी से व्यवहार करें, पुलिस के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षाकर्मियों के साथ सम्मानजनक आचरण अपनाएँ।

बेंगलुरु में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

बेंगलुरु में इस वर्ष अधिकारियों ने व्यापक सुरक्षा उपाय किए हैं। मौजूदा सीसीटीवी नेटवर्क के अलावा संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी के लिए लगभग 3,000 अतिरिक्त कैमरे लगाए गए हैं। हवाई निगरानी के लिए ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है और कर्नाटक राज्य रिज़र्व पुलिस की प्लाटूनें प्रमुख स्थानों पर तैनात की गई हैं।

पुलिस ने लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के संबंध में दिशानिर्देश भी जारी किए हैं और जुलूस मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मज़बूत किया है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब बड़े सार्वजनिक उत्सवों में भीड़ प्रबंधन और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना राज्य सरकार की प्राथमिकता रही है।

राज्यव्यापी उत्सव का माहौल

14 सितंबर 2026 को पूरे कर्नाटक में गणेश चतुर्थी का उत्सव धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। श्रद्धालु मंदिरों और बाज़ारों में उमड़ पड़े और शोभायात्राओं में भारी भीड़ देखी गई।

खड़गे ने लोगों से कर्नाटक पुलिस के प्रति आभार व्यक्त करने का आग्रह करते हुए कहा कि थोड़ी सी सराहना भी सुरक्षाकर्मियों की सेवा और बलिदान को स्वीकार करने में बड़ा फ़र्क ला सकती है। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे उत्सव अपने चरम पर पहुँचेगा, राज्य सरकार पर यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होगी कि सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी बनी रहे और नागरिक-पुलिस सहयोग का यह संदेश व्यापक रूप से पहुँचे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राजनीतिक रूप से भी सुविचारित है — ऐसे समय में जब कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार पर बहुसंख्यक समुदाय के प्रति उदासीनता के आरोप लगते रहे हैं। 1.02 लाख तैनात जवानों का आँकड़ा देकर वे यह भी स्थापित कर रहे हैं कि सरकार हिंदू त्योहारों की सुरक्षा को गंभीरता से लेती है। हालाँकि, असली सवाल यह है कि क्या नागरिक-पुलिस सहयोग की यह अपील केवल त्योहार के दिनों तक सीमित रहती है या इसे एक दीर्घकालिक सार्वजनिक विश्वास निर्माण में बदला जाता है — जो कर्नाटक जैसे विविधताओं वाले राज्य के लिए कहीं अधिक ज़रूरी है।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने क्या अपील की?
प्रियांक खड़गे ने 14 सितंबर 2026 को जनता से अपील की कि गणेश चतुर्थी उत्सव के दौरान तैनात पुलिसकर्मियों के साथ सहयोग करें, उनके निर्देशों का पालन करें और उनकी सेवा का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि सुरक्षाकर्मी त्योहार में अपने परिवारों से दूर रहकर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
2025 में कर्नाटक में गणेश उत्सव के दौरान कितने पुलिसकर्मी तैनात थे?
2025 में कर्नाटक में 80,558 सार्वजनिक गणेश शोभायात्राओं के लिए 1.02 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों, होम गार्ड्स और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को तैनात किया गया था। यह आँकड़ा खड़गे ने स्वयं अपने बयान में साझा किया।
बेंगलुरु में गणेश चतुर्थी 2026 के लिए क्या सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं?
बेंगलुरु में मौजूदा सीसीटीवी नेटवर्क के अलावा लगभग 3,000 अतिरिक्त कैमरे लगाए गए हैं और हवाई निगरानी के लिए ड्रोन तैनात किए गए हैं। कर्नाटक राज्य रिज़र्व पुलिस की प्लाटूनें प्रमुख स्थानों पर हैं और पुलिस ने लाउडस्पीकर उपयोग पर दिशानिर्देश भी जारी किए हैं।
गणेश उत्सव में नागरिकों से पुलिस के प्रति कैसा व्यवहार अपेक्षित है?
गृह मंत्री खड़गे ने जनता से आग्रह किया है कि वे जिम्मेदारी से व्यवहार करें, पुलिस के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षाकर्मियों के साथ सम्मानजनक आचरण रखें। उन्होंने यह भी कहा कि थोड़ी सी सराहना भी पुलिसकर्मियों के बलिदान को स्वीकार करने में बड़ा फ़र्क ला सकती है।
कर्नाटक में गणेश चतुर्थी 2026 कब और कैसे मनाई गई?
14 सितंबर 2026 को पूरे कर्नाटक में गणेश चतुर्थी धार्मिक उत्साह के साथ मनाई गई। श्रद्धालु मंदिरों और बाज़ारों में उमड़े और राज्यभर में शोभायात्राएँ निकाली गईं, जिनके लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
राष्ट्र प्रेस
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