14 अगस्त 2026
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कलबुर्गी में UP ATS का बड़ा एक्शन: ISIS और पाकिस्तानी ISI से कथित संबंधों पर दो गिरफ्तार

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कलबुर्गी में UP ATS का बड़ा एक्शन: ISIS और पाकिस्तानी ISI से कथित संबंधों पर दो गिरफ्तार

सारांश

UP ATS और कलबुर्गी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ISIS और पाकिस्तानी ISI से कथित संपर्क रखने वाले दो प्रवासी मज़दूर गिरफ्तार — यह कर्नाटक में ऐसी तीसरी बड़ी कार्रवाई है और सोशल मीडिया के ज़रिए कट्टरपंथ फैलाने के व्यापक नेटवर्क की ओर इशारा करती है।

मुख्य बातें

UP ATS और कलबुर्गी पुलिस ने 13 अगस्त 2026 को संयुक्त अभियान में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार मोहम्मद समीर और सलमान कथित तौर पर उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हैं और कलबुर्गी के एक कारखाने में काम करते थे।
दोनों पर व्हाट्सएप और फेसबुक के ज़रिए ISI और ISIS से नियमित संपर्क रखने का आरोप है।
मामला कलबुर्गी विश्वविद्यालय पुलिस स्टेशन में दर्ज; संदिग्धों को अज्ञात स्थान पर पूछताछ के लिए ले जाया गया।
यह कर्नाटक में जून 2026 के बाद से UP ATS की तीसरी बड़ी आतंक-संबंधी कार्रवाई है।

उत्तर प्रदेश आतंकवाद विरोधी दस्ते (UP ATS) ने कलबुर्गी पुलिस के साथ संयुक्त अभियान में गुरुवार, 13 अगस्त 2026 को कलबुर्गी जिले, कर्नाटक से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। आरोप है कि दोनों आतंकी संगठन आईएसआईएस और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से नियमित संपर्क में थे। यह गिरफ्तारी कर्नाटक में सीमा पार आतंकी नेटवर्क के कथित विस्तार को लेकर चल रही जाँच की कड़ी में हुई है।

कौन हैं गिरफ्तार संदिग्ध

गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्तियों की पहचान मोहम्मद समीर और सलमान के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों कथित तौर पर उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हैं और कलबुर्गी जिले में स्थित एक गोमांस निर्यात कारखाने में काम करते थे। प्रारंभिक जाँच में यह भी सामने आया है कि दोनों व्हाट्सएप कॉल और फेसबुक के ज़रिए ISI और ISIS से कथित तौर पर नियमित संवाद में थे।

कैसे हुई कार्रवाई

अधिकारियों के अनुसार, संदिग्धों को एक अंतर-राज्यीय सोशल मीडिया निगरानी अभियान के तहत चिह्नित किया गया था, जिसमें कथित राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के लिए उनके ऑनलाइन खातों पर नज़र रखी जा रही थी। निगरानी से पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद UP ATS और कलबुर्गी पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी कर दोनों को हिरासत में लिया। मामला कलबुर्गी विश्वविद्यालय पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है। संदिग्धों को पूछताछ के लिए एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है।

कर्नाटक में पहले भी हो चुकी हैं ऐसी गिरफ्तारियाँ

यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब UP ATS ने कुछ दिन पहले ही कर्नाटक के तुमकुरु और दावनगेरे जिलों से दो अन्य संदिग्धों को पाकिस्तान से संचालित आतंकी संगठनों से कथित संबंधों के आरोप में हिरासत में लिया था। जून 2026 में, उत्तर प्रदेश के 20 वर्षीय प्रवासी मज़दूर सुहैल को दावनगेरे में स्थानीय पुलिस, खुफिया अधिकारियों और राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया था। सुहैल एक कारखाने में पेंटर का काम करता था और उस पर ऑनलाइन कट्टरपंथी गतिविधियों तथा पाकिस्तान स्थित संचालकों से संपर्क के आरोप थे।

जाँच में क्या मिला

पिछले मामलों की जाँच में संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप लिंक, पाकिस्तान स्थित संपर्क और ऑनलाइन कट्टरपंथी गतिविधियों का संकेत देने वाला डिजिटल डेटा बरामद हुआ था। अधिकारियों के अनुसार, कलबुर्गी में हुई ताज़ा गिरफ्तारी उसी व्यापक जाँच श्रृंखला का हिस्सा है। पुलिस ने कहा है कि पूछताछ पूरी होने के बाद और अधिक जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि यह कर्नाटक में उत्तर भारतीय प्रवासी मज़दूरों से जुड़ी कथित आतंकी कड़ियों की जाँच में लगातार तीसरी बड़ी कार्रवाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया के ज़रिए कट्टरपंथ फैलाने के नेटवर्क की जड़ें और गहरी हो सकती हैं। NIA की संभावित भूमिका और आगे की कानूनी कार्रवाई पर नज़र बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

औद्योगिक कस्बे, और सोशल मीडिया के ज़रिए कथित कट्टरपंथ। सवाल यह है कि क्या ये अलग-थलग मामले हैं या किसी संगठित नेटवर्क की कड़ियाँ। चूँकि सभी आरोप अभी प्रारंभिक जाँच स्तर पर हैं और संदिग्धों पर अदालत में आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं, मीडिया कवरेज में 'कथित' की सीमा बनाए रखना ज़रूरी है। साथ ही, NIA की अब तक सीमित भूमिका यह भी बताती है कि जाँच एजेंसियाँ अभी पूरी तस्वीर सामने आने का इंतज़ार कर रही हैं।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कलबुर्गी में किसे और क्यों गिरफ्तार किया गया?
UP ATS और कलबुर्गी पुलिस ने 13 अगस्त 2026 को मोहम्मद समीर और सलमान को गिरफ्तार किया। दोनों पर ISIS और पाकिस्तानी ISI से व्हाट्सएप व फेसबुक के ज़रिए नियमित संपर्क रखने का आरोप है।
संदिग्ध कलबुर्गी में क्या करते थे?
पुलिस के अनुसार, दोनों कथित तौर पर उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हैं और कलबुर्गी जिले में एक गोमांस निर्यात कारखाने में काम करते थे। प्रवासी मज़दूर के रूप में वे वहाँ रह रहे थे।
UP ATS ने इन्हें कैसे पकड़ा?
संदिग्धों को अंतर-राज्यीय सोशल मीडिया निगरानी अभियान के तहत चिह्नित किया गया था। उनके ऑनलाइन खातों पर कथित राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों की निगरानी के बाद UP ATS और कलबुर्गी पुलिस ने संयुक्त छापेमारी की।
क्या इससे पहले भी कर्नाटक में ऐसी गिरफ्तारियाँ हुई हैं?
हाँ, जून 2026 में UP ATS ने तुमकुरु और दावनगेरे से दो अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया था। दावनगेरे में 20 वर्षीय प्रवासी मज़दूर सुहैल को NIA, स्थानीय पुलिस और खुफिया अधिकारियों की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया था।
अब आगे जाँच कहाँ तक जाएगी?
पुलिस ने कहा है कि पूछताछ पूरी होने के बाद और जानकारी सामने आएगी। NIA की संभावित भागीदारी और आगे की कानूनी कार्रवाई पर नज़र बनी हुई है। मामला कलबुर्गी विश्वविद्यालय पुलिस स्टेशन में दर्ज है।
राष्ट्र प्रेस
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