कलबुर्गी में UP ATS का बड़ा एक्शन: ISIS और पाकिस्तानी ISI से कथित संबंधों पर दो गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश आतंकवाद विरोधी दस्ते (UP ATS) ने कलबुर्गी पुलिस के साथ संयुक्त अभियान में गुरुवार, 13 अगस्त 2026 को कलबुर्गी जिले, कर्नाटक से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। आरोप है कि दोनों आतंकी संगठन आईएसआईएस और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से नियमित संपर्क में थे। यह गिरफ्तारी कर्नाटक में सीमा पार आतंकी नेटवर्क के कथित विस्तार को लेकर चल रही जाँच की कड़ी में हुई है।
कौन हैं गिरफ्तार संदिग्ध
गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्तियों की पहचान मोहम्मद समीर और सलमान के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों कथित तौर पर उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हैं और कलबुर्गी जिले में स्थित एक गोमांस निर्यात कारखाने में काम करते थे। प्रारंभिक जाँच में यह भी सामने आया है कि दोनों व्हाट्सएप कॉल और फेसबुक के ज़रिए ISI और ISIS से कथित तौर पर नियमित संवाद में थे।
कैसे हुई कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार, संदिग्धों को एक अंतर-राज्यीय सोशल मीडिया निगरानी अभियान के तहत चिह्नित किया गया था, जिसमें कथित राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के लिए उनके ऑनलाइन खातों पर नज़र रखी जा रही थी। निगरानी से पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद UP ATS और कलबुर्गी पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी कर दोनों को हिरासत में लिया। मामला कलबुर्गी विश्वविद्यालय पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है। संदिग्धों को पूछताछ के लिए एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है।
कर्नाटक में पहले भी हो चुकी हैं ऐसी गिरफ्तारियाँ
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब UP ATS ने कुछ दिन पहले ही कर्नाटक के तुमकुरु और दावनगेरे जिलों से दो अन्य संदिग्धों को पाकिस्तान से संचालित आतंकी संगठनों से कथित संबंधों के आरोप में हिरासत में लिया था। जून 2026 में, उत्तर प्रदेश के 20 वर्षीय प्रवासी मज़दूर सुहैल को दावनगेरे में स्थानीय पुलिस, खुफिया अधिकारियों और राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया था। सुहैल एक कारखाने में पेंटर का काम करता था और उस पर ऑनलाइन कट्टरपंथी गतिविधियों तथा पाकिस्तान स्थित संचालकों से संपर्क के आरोप थे।
जाँच में क्या मिला
पिछले मामलों की जाँच में संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप लिंक, पाकिस्तान स्थित संपर्क और ऑनलाइन कट्टरपंथी गतिविधियों का संकेत देने वाला डिजिटल डेटा बरामद हुआ था। अधिकारियों के अनुसार, कलबुर्गी में हुई ताज़ा गिरफ्तारी उसी व्यापक जाँच श्रृंखला का हिस्सा है। पुलिस ने कहा है कि पूछताछ पूरी होने के बाद और अधिक जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि यह कर्नाटक में उत्तर भारतीय प्रवासी मज़दूरों से जुड़ी कथित आतंकी कड़ियों की जाँच में लगातार तीसरी बड़ी कार्रवाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया के ज़रिए कट्टरपंथ फैलाने के नेटवर्क की जड़ें और गहरी हो सकती हैं। NIA की संभावित भूमिका और आगे की कानूनी कार्रवाई पर नज़र बनी हुई है।