ग्रेटर नोएडा: कासना पुलिस ने 1.35 किलो गांजे के साथ दबोचा युवक, पाँच आपराधिक मुकदमे दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्ध नगर के कासना थाना क्षेत्र में 16 जुलाई 2026 को पुलिस ने मादक पदार्थ विरोधी अभियान के तहत चांद पुत्र रफीक (उम्र लगभग 21 वर्ष) को 1 किलो 350 ग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
16 जुलाई को कस्बा कासना क्षेत्र में नियमित चेकिंग के दौरान पुलिस की नज़र संदिग्ध रूप से घूम रहे युवक पर पड़ी। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 1 किलो 350 ग्राम गांजा बरामद हुआ। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी का गांजे की अवैध बिक्री से जुड़ाव सामने आया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान चांद पुत्र रफीक, निवासी गली नंबर-3, मेट्रो पिलर नंबर-99 के सामने, सलारपुर, थाना सेक्टर-39, नोएडा के रूप में हुई है। पुलिस ने मु.अ.सं. 138/2026 के तहत मामला दर्ज किया है।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार यह आरोपी पहली बार कानून के शिकंजे में नहीं आया है। वर्ष 2024 में थाना सेक्टर-39 में उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हो चुका है। वर्ष 2025 में थाना सेक्टर-49 और थाना फेस-2 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत चोरी और अन्य आपराधिक कृत्यों में भी मुकदमे दर्ज हैं।
वर्तमान गिरफ्तारी के बाद आरोपी के विरुद्ध कुल पाँच आपराधिक मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। यह तथ्य पुलिस की नज़र में आरोपी के संगठित तस्करी नेटवर्क से संभावित संबंध की ओर इशारा करता है।
पुलिस अभियान और आगे की जाँच
कासना पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट के निर्देश पर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी नज़र रखी जा रही है और अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बरामद गांजे के स्रोत और इससे जुड़े अन्य संदिग्धों की जाँच जारी है। यदि पूछताछ में किसी गिरोह या अन्य तस्करों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
आम जनता पर असर
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों में युवाओं के बीच मादक पदार्थों की बढ़ती उपलब्धता एक गंभीर सामाजिक चिंता बन चुकी है। गौरतलब है कि यह क्षेत्र तेज़ी से विकसित हो रहा शहरी क्षेत्र है, जहाँ नशे के कारोबार पर नकेल कसना पुलिस की प्राथमिकता बताई जा रही है। आगे की जाँच में तस्करी नेटवर्क का और खुलासा हो सकता है।