काशी विश्वनाथ मंदिर के नए सीईओ बने सत्यम मिश्रा, यूपी शासन ने पाँच अधिकारियों के तबादले किए
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश शासन ने 16 सितंबर 2026 को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर एवं विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पद पर 2015 बैच के पीसीएस अधिकारी सत्यम मिश्रा को नियुक्त किया है। शासन द्वारा जारी आदेश में कुल पाँच अधिकारियों के तबादले और तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। वाराणसी स्थित इस विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल की प्रशासनिक जिम्मेदारी मिलना मिश्रा के करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
सत्यम मिश्रा का प्रशासनिक अनुभव
सत्यम मिश्रा इससे पूर्व प्रयागराज में अपर जिलाधिकारी (नगर) के पद पर तैनात थे। महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में नगर प्रशासन की व्यवस्थाओं में उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही थी। उन्हें एक तेजतर्रार और अनुभवी अधिकारी के रूप में जाना जाता है।
मिश्रा का प्रशासनिक अनुभव व्यापक है — वह बरेली, गाजीपुर, महराजगंज, चित्रकूट और रामपुर सहित कई जिलों में सेवाएँ दे चुके हैं। मुरादाबाद में उन्होंने एडीएम वित्त एवं राजस्व की जिम्मेदारी भी सफलतापूर्वक निभाई है। राजस्व, कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों में उनके बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए शासन ने यह नियुक्ति की है।
काशी विश्वनाथ धाम में सीईओ की भूमिका
काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के लोकार्पण के बाद मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्तमान में प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए पहुँचते हैं। ऐसे में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, स्वच्छता, दर्शन की सुगमता और विशिष्ट क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का संचालन सीईओ की प्रमुख जिम्मेदारी होती है।
गौरतलब है कि कॉरिडोर के निर्माण के बाद मंदिर प्रशासन की जटिलता कई गुना बढ़ी है। विशाल श्रद्धालु संख्या, पर्यटन अवसंरचना और धार्मिक परंपराओं के बीच संतुलन बनाए रखना नए सीईओ के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी।
अन्य चार अधिकारियों के तबादले
शासनादेश के अनुसार मंगलेश दुबे, जो उपसंचालक चकबन्दी, प्रयागराज (स्थानान्तरणाधीन) के पद पर थे, को अपर जिलाधिकारी (नगर), प्रयागराज का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। सत्यम मिश्रा के वाराणसी स्थानांतरण के बाद खाली हुए इस पद की जिम्मेदारी अब दुबे को सौंपी गई है।
अरविन्द कुमार द्विवेदी, जो फिरोजाबाद में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) थे, उन्हें संयुक्त सचिव, लखनऊ विकास प्राधिकरण, लखनऊ के पद पर नियुक्त किया गया है। सीमा पाण्डेय, जो नगर निगम वाराणसी में अपर नगर आयुक्त के पद पर तैनात थीं, उन्हें फिरोजाबाद में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) के पद पर भेजा गया है।
अभय कुमार पाण्डेय, जो कानपुर विकास प्राधिकरण में तैनात थे और जिनका तबादला अपर जिलाधिकारी (वि/रा), कासगंज किया गया था, उनके स्थानांतरण आदेश को शासन ने निरस्त कर दिया है। उन्हें कानपुर विकास प्राधिकरण, कानपुर में ही बने रहने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासनिक फेरबदल का व्यापक संदर्भ
यह फेरबदल ऐसे समय में आई है जब काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और विशिष्ट क्षेत्र में जारी विकास परियोजनाओं के लिए अनुभवी प्रशासनिक नेतृत्व की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। सत्यम मिश्रा का महाकुंभ जैसे बड़े आयोजन में प्रशासनिक अनुभव उन्हें इस पद के लिए उपयुक्त बनाता है।
आने वाले महीनों में नए सीईओ के नेतृत्व में मंदिर प्रशासन किस दिशा में आगे बढ़ता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।