काशीवासियों को बड़ी सुविधा: 'काशी द्वार' से आधार कार्ड पर मिलेगा VIP दर्शन, सुबह 4 से रात 11 बजे तक
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार ने 10 जुलाई 2026 को काशी के स्थानीय निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में 'काशी द्वार' के माध्यम से VIP दर्शन की सुविधा को मंजूरी दे दी है। अब काशीवासी केवल अपना आधार कार्ड प्रस्तुत कर सुबह 4 बजे से रात 11 बजे तक पूरे दिन बाबा विश्वनाथ के VIP दर्शन कर सकते हैं।
नई व्यवस्था में क्या बदला
इससे पहले काशीवासियों को स्पर्श दर्शन के लिए केवल सुबह 4 से 5 बजे के बीच का समय निर्धारित था। अत्यधिक भीड़ के कारण अधिकांश स्थानीय श्रद्धालु उस संकुचित समयावधि में भी बाबा के दर्शन से वंचित रह जाते थे। नई व्यवस्था के तहत अब 'काशी द्वार' से प्रवेश कर काशीवासी पूरे दिन VIP दर्शन कर सकते हैं, जिससे भीड़ का दबाव भी नियंत्रित रहेगा।
काशीवासियों की प्रतिक्रिया
इस निर्णय का स्थानीय निवासियों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया। मंजू मिश्रा ने कहा कि यह नई पहल सराहनीय है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार को इसके लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि काशी का निवासी होने के बावजूद बाबा विश्वनाथ के दर्शन नहीं हो पाते थे, जो अब संभव हो गया है।
एक अन्य काशीवासी ने इस पहल को योगी सरकार का काशीवासियों को तोहफा बताया। उन्होंने कहा कि काशी में देश-विदेश से हजारों-लाखों श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए आते हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को दर्शन का अवसर नहीं मिल पाता था। एक अन्य श्रद्धालु ने कहा कि नए नियम के लागू होने से बाबा का दर्शन करना बहुत सुलभ हो गया है और मंदिर परिसर में भीड़ भी नियंत्रित हो रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया।
किसे मिला सबसे अधिक लाभ
स्थानीय निवासियों के अनुसार इस व्यवस्था से सर्वाधिक लाभ काशी के वृद्ध नागरिकों और महिलाओं को हुआ है, जो पहले भीड़-भाड़ के कारण बाबा का दर्शन करने में असमर्थ थे। अब आधार कार्ड के माध्यम से निर्बाध प्रवेश की सुविधा मिलने से यह वर्ग विशेष रूप से लाभान्वित हो रहा है।
आगे क्या
यह व्यवस्था श्री काशी विश्वनाथ धाम प्रबंधन की देखरेख में लागू की गई है। गौरतलब है कि काशी विश्वनाथ धाम के पुनर्निर्माण और विस्तार के बाद से मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह नई सुविधा स्थानीय निवासियों और तीर्थयात्रियों के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।