श्रावण मास में काशी विश्वनाथ मंदिर में काशीवासियों को अलग दर्शन मार्ग मिलेगा: सीएम योगी आदित्यनाथ का निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 7 जुलाई 2026 को अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के दौरान स्थानीय सर्किट हाउस में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में निर्देश दिया कि आगामी श्रावण मास के दौरान श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में काशीवासियों के लिए दर्शन हेतु एक पृथक मार्ग की व्यवस्था की जाए। यह निर्णय स्थानीय निवासियों की लंबे समय से चली आ रही माँग को पूरा करता है। पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने काशीवासियों की ओर से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
श्रावण मास की तैयारियाँ और भीड़ प्रबंधन
मुख्यमंत्री ने मैदागिन से गोदौलिया तक किए जाने वाले बैरिकेटिंग के दौरान स्थानीय व्यापारियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया। उन्होंने इस मार्ग पर पर्याप्त एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा। श्रावण मास में पूरे माह भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मंदिर व्यवस्था में लगे कार्मिकों की ड्यूटी समय-समय पर बदली जाए ताकि वीआईपी दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं के साथ किसी प्रकार की धोखाधड़ी न हो। होटल, रेस्तरां और बस स्टैंडों पर मनमाना शुल्क वसूले जाने पर भी निरंतर निगरानी रखने का निर्देश दिया गया।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं को साफ-सफाई, पेयजल, खोया-पाया केंद्र, निःशुल्क लॉकर एवं स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ। गंगा नदी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लाइफ जैकेट का अनिवार्य उपयोग, सीसीटीवी से निरंतर निगरानी और जल पुलिस की सतर्कता बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। मैदागिन से गोदौलिया के बीच बैरिकेड्स को दुरुस्त रखने और जर्जर भवनों के पास विशेष सावधानी बरतने को कहा गया।
मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने काशी विश्वनाथ धाम एवं वाराणसी परिक्षेत्र के विभिन्न शिवालयों में की जा रही तैयारियों का विस्तृत विवरण मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया। प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, परिवहन और रेलवे के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया।
विकास परियोजनाओं की समीक्षा
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि 2014 से अब तक वाराणसी में कुल 536 परियोजनाएँ पूरी हो चुकी हैं, जिनकी कुल लागत ₹36,210 करोड़ है। वर्तमान में ₹25,007 करोड़ की 191 परियोजनाएँ प्रगति पर हैं।
मुख्यमंत्री ने एकीकृत मंडलीय कार्यालय का निर्माण कार्य 18 माह में पूरा कराने का निर्देश दिया। वाराणसी में निर्माणाधीन रोप-वे के बारे में मंडलायुक्त ने बताया कि यह कार्य अगस्त तक पूरा हो जाएगा। यूनिटी मॉल के निर्माण में भी गति लाने का निर्देश दिया गया। आनंद काशी, रुद्र काशी और काशी स्पोर्ट्स सिटी टाउनशिप की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
नागरिक सुविधाएँ और कानून व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने जलजीवन मिशन के अंतर्गत कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया और कहा कि इस योजना में फंड की कोई कमी नहीं है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पेयजल पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों की मरम्मत साथ-साथ कराने पर विशेष जोर दिया गया।
दालमंडी सड़क चौड़ीकरण के लिए शेष भवनों को नियमानुसार मुआवजा देकर ध्वस्तीकरण शीघ्र कराने का निर्देश दिया गया। गंगा नदी में नावों के सुचारू संचालन के लिए नाविकों के साथ बैठक की गई और छोटी नावों का नगर निगम के माध्यम से स्थानीय स्तर पर पंजीकरण कराकर उन्हें लाइफ जैकेट एवं अन्य आवश्यक सुविधाएँ प्रदान करने का निर्देश दिया गया।
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कानून व्यवस्था एवं श्रावण मास की पुलिस तैयारियों की जानकारी दी। एडीजी पियूष मोर्डिया ने जोन के सभी नौ जिलों में गो-तस्करी, अवैध शराब तस्करी और ऑपरेशन वज्रपात के तहत की गई कार्रवाइयों का विवरण प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने फुट पेट्रोलिंग बढ़ाने, सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने और प्रत्येक 6 माह पर पुलिस कार्मिकों की ड्यूटी बदलने का निर्देश दिया।
आगामी वृक्षारोपण महाअभियान की तैयारियाँ पूर्ण करने तथा आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का मेरिट के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। श्रावण मास से पहले इन सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी।