7 जुलाई 2026
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बीकेटीसी अध्यक्ष कार्यालय के PA प्रमोद नौटियाल निलंबित, अनियमितताओं पर 4 सदस्यीय जांच समिति सक्रिय

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बीकेटीसी अध्यक्ष कार्यालय के PA प्रमोद नौटियाल निलंबित, अनियमितताओं पर 4 सदस्यीय जांच समिति सक्रिय

सारांश

बीकेटीसी ने अध्यक्ष कार्यालय के व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल को पदीय अनियमितताओं के चलते तत्काल निलंबित कर दिया। 4 सदस्यीय जाँच समिति ने आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए और जाँच की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए निलंबन की संस्तुति की।

मुख्य बातें

बीकेटीसी ने 7 जुलाई 2026 को अध्यक्ष कार्यालय के PA प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया।
3 जुलाई 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था; 4 सदस्यीय जाँच समिति ने आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए।
जाँच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए नौटियाल को बीकेटीसी कार्यालय, जोशीमठ (जनपद चमोली) से संबद्ध किया गया।
निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता देय होगा; मुख्यालय छोड़ने के लिए सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति अनिवार्य।
बीकेटीसी ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही समिति की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने 7 जुलाई 2026 को अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। पदीय दायित्वों के निर्वहन में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं के आरोप सिद्ध होने के बाद यह कदम उठाया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

3 जुलाई 2026 को बीकेटीसी ने प्रमोद नौटियाल को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण माँगा था। इसके साथ ही मामले की निष्पक्ष जाँच के लिए चार सदस्यीय जाँच समिति का गठन किया गया था। समिति ने प्रारंभिक रिपोर्ट में आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की।

निलंबन का आधार

जाँच समिति की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि यदि नौटियाल को वर्तमान पद पर बनाए रखा जाता है, तो जाँच की निष्पक्षता प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इन्हीं तथ्यों के आधार पर बीकेटीसी प्रशासन ने तत्काल निलंबन का निर्णय लिया।

निलंबन की शर्तें

आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि में प्रमोद नौटियाल को नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। उन्हें बीकेटीसी कार्यालय, जोशीमठ (जनपद चमोली) से संबद्ध किया गया है। सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकते। साथ ही उन्हें जाँच और अनुशासनात्मक प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग देना अनिवार्य होगा।

बीकेटीसी का रुख

समिति ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में हैं। किसी भी प्रकार की अनियमितता या कर्तव्य में लापरवाही के मामले में नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि बीकेटीसी उत्तराखंड के सर्वाधिक संवेदनशील धार्मिक संस्थानों में से एक है, जहाँ प्रशासनिक अनुशासन की अपेक्षाएँ विशेष रूप से ऊँची हैं।

आगे क्या होगा

जाँच समिति की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद बीकेटीसी प्रशासन आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई तय करेगा। प्रमोद नौटियाल को जाँच प्रक्रिया पूरी होने तक जोशीमठ कार्यालय से ही संबद्ध रहना होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जाँच समिति की अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे आरोपों की प्रकृति और गंभीरता अभी भी अस्पष्ट है। यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि क्या यह कार्रवाई किसी व्यापक प्रशासनिक सुधार की शुरुआत है या एकल प्रकरण तक सीमित रहती है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रमोद नौटियाल को बीकेटीसी ने क्यों निलंबित किया?
बीकेटीसी ने प्रमोद नौटियाल को पदीय दायित्वों के निर्वहन में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के आधार पर निलंबित किया। 4 सदस्यीय जाँच समिति ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में आरोपों को सही पाया और अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की।
बीकेटीसी की जाँच प्रक्रिया में क्या हुआ?
3 जुलाई 2026 को नौटियाल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसके बाद 4 सदस्यीय जाँच समिति ने उनका स्पष्टीकरण और साक्ष्यों की जाँच की, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।
निलंबन के दौरान प्रमोद नौटियाल को कहाँ तैनात किया गया है?
निलंबन अवधि में उन्हें बीकेटीसी कार्यालय, जोशीमठ (जनपद चमोली) से संबद्ध किया गया है। सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकते।
निलंबन के दौरान प्रमोद नौटियाल को वेतन मिलेगा या नहीं?
बीकेटीसी के आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि में नौटियाल को नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। नियमित वेतन निलंबन के दौरान देय नहीं होता।
बीकेटीसी में अनुशासनात्मक कार्रवाई का अगला कदम क्या होगा?
जाँच समिति की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर बीकेटीसी प्रशासन आगे की कार्रवाई तय करेगा। नौटियाल को जाँच प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग देना अनिवार्य किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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