बीकेटीसी अध्यक्ष कार्यालय के PA प्रमोद नौटियाल निलंबित, अनियमितताओं पर 4 सदस्यीय जांच समिति सक्रिय
सारांश
मुख्य बातें
श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने 7 जुलाई 2026 को अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। पदीय दायित्वों के निर्वहन में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं के आरोप सिद्ध होने के बाद यह कदम उठाया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
3 जुलाई 2026 को बीकेटीसी ने प्रमोद नौटियाल को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण माँगा था। इसके साथ ही मामले की निष्पक्ष जाँच के लिए चार सदस्यीय जाँच समिति का गठन किया गया था। समिति ने प्रारंभिक रिपोर्ट में आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की।
निलंबन का आधार
जाँच समिति की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि यदि नौटियाल को वर्तमान पद पर बनाए रखा जाता है, तो जाँच की निष्पक्षता प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इन्हीं तथ्यों के आधार पर बीकेटीसी प्रशासन ने तत्काल निलंबन का निर्णय लिया।
निलंबन की शर्तें
आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि में प्रमोद नौटियाल को नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। उन्हें बीकेटीसी कार्यालय, जोशीमठ (जनपद चमोली) से संबद्ध किया गया है। सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकते। साथ ही उन्हें जाँच और अनुशासनात्मक प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग देना अनिवार्य होगा।
बीकेटीसी का रुख
समिति ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में हैं। किसी भी प्रकार की अनियमितता या कर्तव्य में लापरवाही के मामले में नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि बीकेटीसी उत्तराखंड के सर्वाधिक संवेदनशील धार्मिक संस्थानों में से एक है, जहाँ प्रशासनिक अनुशासन की अपेक्षाएँ विशेष रूप से ऊँची हैं।
आगे क्या होगा
जाँच समिति की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद बीकेटीसी प्रशासन आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई तय करेगा। प्रमोद नौटियाल को जाँच प्रक्रिया पूरी होने तक जोशीमठ कार्यालय से ही संबद्ध रहना होगा।