7 अक्टूबर 2026
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केसी वेणुगोपाल का चुनौती भरा बयान: 'हजारों एफआईआर दर्ज करें, हमें परवाह नहीं'

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केसी वेणुगोपाल का चुनौती भरा बयान: 'हजारों एफआईआर दर्ज करें, हमें परवाह नहीं'

सारांश

कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ दर्ज एफआईआर को चुनौती देते हुए कहा — 'हजारों एफआईआर आने दें, हमें गर्व है कि हम लोकतंत्र के लिए लड़ रहे हैं।' चुनाव आयोग विरोध मार्च के बाद कांग्रेस की यह तेवरदार प्रतिक्रिया सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव को नई धार दे रही है।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने 7 अक्टूबर 2026 को एफआईआर को खारिज करते हुए कहा — 'हजारों एफआईआर दर्ज करने दें, किसे परवाह है।' राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर आकाशवाणी भवन में कथित अनधिकृत प्रवेश के आरोप में एफआईआर दर्ज।
एफआईआर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध मार्च के एक दिन बाद, 6 अक्टूबर को दर्ज की गई।
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने एफआईआर को 'सम्मान का प्रतीक' बताया; सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा — 'हम डरने वाले नहीं।' राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने समय देने के बावजूद विपक्ष से मिलने की हिम्मत नहीं दिखाई।

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने 7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ दर्ज एफआईआर को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस ऐसे मामलों से बिल्कुल नहीं डरती और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी। यह बयान ऐसे समय आया जब इंडिया ब्लॉक के सांसद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा आयोजित लंच में एकत्रित हुए थे।

वेणुगोपाल का बेबाक बयान

वेणुगोपाल ने मीडिया के सामने कहा, 'उन्हें हजारों एफआईआर दर्ज करने दें, किसे इसकी परवाह है? हमें इस बात पर बेहद गर्व है कि हम इस देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ रहे हैं।' उनका यह बयान मंगलवार, 6 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष के विरोध मार्च के ठीक एक दिन बाद आया।

एफआईआर की पृष्ठभूमि

कथित तौर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ निकाले गए विरोध मार्च के दौरान आकाशवाणी भवन में कथित अनधिकृत प्रवेश के आरोप में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। यह विरोध प्रदर्शन चुनाव आयोग की कार्यशैली को लेकर विपक्ष की बढ़ती नाराज़गी का हिस्सा था।

अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने भी एफआईआर को लेकर जताई जा रही चिंताओं को दरकिनार करते हुए कहा, 'क्या हम एफआईआर से डरते हैं? एफआईआर सम्मान का प्रतीक हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि वे चुनाव आयोग को एक पत्र भेजने की प्रक्रिया के तहत हस्ताक्षर करने के लिए वहाँ उपस्थित थे।

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि एफआईआर में उनका नाम भी शामिल है, फिर भी वे डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र और संविधान को बचाने की हमारी लड़ाई जारी है। उन्हें अब तक यह समझ जाना चाहिए था।'

कपिल सिब्बल का मुख्य चुनाव आयुक्त पर हमला

राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने मुख्य चुनाव आयुक्त की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने विपक्षी नेताओं से मिलने का समय देने के बावजूद मिलने की हिम्मत नहीं दिखाई। उन्होंने कहा, 'आपने इस मुख्य चुनाव आयुक्त का व्यवहार देखा है — जब उन्होंने समय भी दिया था, उनमें मिलने की हिम्मत नहीं है।'

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में गरमाया है जब विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच तनाव अपने चरम पर है। विपक्षी गठबंधन अपना विरोध जारी रखने की बात कह रहा है, जबकि दर्ज एफआईआर की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है। आने वाले दिनों में यह विवाद संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह तीव्र होने के संकेत हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इस शोर में चुनाव आयोग की स्वायत्तता का असली सवाल दब जाता है।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केसी वेणुगोपाल ने एफआईआर पर क्या कहा?
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने 7 अक्टूबर 2026 को कहा कि उन्हें हजारों एफआईआर दर्ज करने दें, पार्टी को कोई परवाह नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को गर्व है कि वह इस देश के लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ रही है।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ एफआईआर क्यों दर्ज हुई?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध मार्च के दौरान आकाशवाणी भवन में कथित तौर पर अनधिकृत प्रवेश के आरोप में 6 अक्टूबर 2026 को उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। यह मार्च चुनाव आयोग की कार्यशैली को लेकर इंडिया ब्लॉक के व्यापक विरोध का हिस्सा था।
इंडिया ब्लॉक का चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध किस बात को लेकर था?
विपक्षी गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने समय देने के बाद भी विपक्षी नेताओं से मिलने की हिम्मत नहीं दिखाई।
कांग्रेस के अन्य नेताओं ने एफआईआर पर क्या प्रतिक्रिया दी?
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने एफआईआर को 'सम्मान का प्रतीक' बताया, जबकि सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि उनका नाम भी एफआईआर में है लेकिन वे डरने वाले नहीं हैं। सभी नेताओं ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई जारी रखने का संकल्प जताया।
खड़गे द्वारा आयोजित लंच का क्या महत्व था?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा आयोजित यह लंच चुनाव आयोग विरोध प्रदर्शन के ठीक एक दिन बाद, 7 अक्टूबर 2026 को हुआ। इसमें इंडिया ब्लॉक के सांसद एकत्रित हुए, जो गठबंधन की एकजुटता और रणनीति पर चर्चा का अवसर था।
राष्ट्र प्रेस
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