केदारनाथ यात्रा में दो श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ी, DDRF-NDRF टीम ने विवेकानंद अस्पताल पहुँचाया
सारांश
मुख्य बातें
केदारनाथ धाम की यात्रा के दौरान 26 मई 2025 को दो श्रद्धालुओं की अचानक तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद DDRF, NDRF और SDRF की संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों को विवेकानंद अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल दोनों का उपचार जारी है और प्रशासन ने पूरी मदद का आश्वासन दिया है।
क्या हुआ यात्रा मार्ग पर
बिहार से आए श्रद्धालु अरविंद कुमार का यात्रा के दौरान बायाँ हाथ फ्रैक्चर हो गया। सूचना मिलते ही प्रशासन ने फौरन कदम उठाए और DDRF, NDRF तथा SDRF की संयुक्त टीम ने उन्हें विवेकानंद अस्पताल में भर्ती कराया। अधिकारियों के अनुसार उनके उपचार में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी।
दूसरे मामले में महाराष्ट्र के लातूर निवासी श्रद्धालु मनीषा को यात्रा मार्ग पर सांस लेने में गंभीर तकलीफ हुई। उन्हें भी तत्काल विवेकानंद अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका इलाज जारी है।
प्रशासन की तैयारी और प्रतिक्रिया
उत्तराखंड प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को परेशानी न हो, इसके लिए पूरी रूपरेखा पहले से तैयार की गई है। अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की मदद में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर ज़रूरी सहायता तत्काल मुहैया कराई जाएगी।
यह ऐसे समय में आया है जब चारधाम यात्रा 2025 पूरे जोरों पर है और लाखों श्रद्धालु देशभर से इन पवित्र धामों के दर्शन के लिए पहुँच रहे हैं। ऊँचाई पर स्थित तीर्थस्थलों पर ऑक्सीजन की कमी और कठिन पहाड़ी रास्तों के कारण स्वास्थ्य संबंधी घटनाएँ हर वर्ष सामने आती हैं।
चारधाम यात्रा 2025 की स्थिति
इस वर्ष चारधाम यात्रा का शुभारंभ अक्षय तृतीया के अवसर पर 19 अप्रैल 2025 को हुआ, जब यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट सर्वप्रथम खुले। इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए।
यात्रा सामान्यतः अक्टूबर-नवंबर तक चलती है, जब शीतकालीन मौसम के कारण धामों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। सभी श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य है।
आम यात्रियों पर असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञ यात्रियों को सलाह देते हैं कि ऊँचाई वाले क्षेत्रों में जाने से पहले अपनी शारीरिक जाँच करवाएँ और हृदय या श्वास संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोग विशेष सावधानी बरतें। प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर चिकित्सा दल तैनात किए हैं जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता के लिए उपलब्ध हैं।
आगे भी प्रशासन की ओर से यात्रा मार्ग पर निगरानी बनाए रखी जाएगी और किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।