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क्या केरल के एस राजेंद्रन भाजपा में शामिल होंगे?

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क्या केरल के एस राजेंद्रन भाजपा में शामिल होंगे?

सारांश

केरल की राजनीति में बड़ा बदलाव आने वाला है। क्या तीन बार के विधायक एस. राजेंद्रन भाजपा में शामिल होंगे? यह घटनाक्रम देविकुलम विधानसभा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। जानिए इस राजनीतिक बदलाव के पीछे की कहानी।

मुख्य बातें

एस. राजेंद्रन की भाजपा में शामिल होने की संभावना भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने की औपचारिकता देविकुलम विधानसभा में संभावित राजनीतिक बदलाव

तिरुवनंतपुरम, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केरल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटना घटित हुई है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (माकपा) के प्रमुख नेता और देविकुलम से तीन बार विधायक रहे एस. राजेंद्रन के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है, तो यह देविकुलम विधानसभा क्षेत्र में एक बड़ा राजनीतिक परिवर्तन माना जाएगा, जिसे लंबे समय से वामपंथ का गढ़ माना जाता रहा है।

इडुक्की जिले के प्रभावशाली नेता एस. राजेंद्रन ने शनिवार को यह पुष्टि की है कि उन्होंने हाल ही में भाजपा के केरल प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर से मुलाकात की है। उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें पिछले लगभग तीन वर्षों से चल रही थीं।

राजेंद्रन ने इस मुलाकात के संदर्भ में कहा कि उन्होंने पार्टी में शामिल होने के लिए कोई व्यक्तिगत मांग नहीं की है और न ही कोई शर्त तय की है। पहले भी वे नई दिल्ली जाकर भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रकाश जावड़ेकर से बातचीत कर चुके हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से संपर्क में बने हुए हैं।

राजेंद्रन का माकपा में लंबा राजनीतिक सफर रहा है। वे पहली बार 2006 में देविकुलम विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे और 2011 तथा 2016 के विधानसभा चुनावों में भी उन्होंने जीत हासिल की। इससे पहले, वर्ष 2003 में वे इडुक्की जिला पंचायत के अध्यक्ष भी रह चुके हैं और हाई-रेंज क्षेत्र में एक मजबूत राजनीतिक चेहरे के रूप में उभरे थे।

हालांकि, 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद माकपा के साथ उनके संबंध बिगड़ गए। उन पर आरोप था कि उन्होंने देविकुलम सीट पर एलडीएफ प्रत्याशी राजा के खिलाफ काम किया। पार्टी स्तर की जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद वर्ष 2022 में माकपा ने उन्हें एक वर्ष के लिए निलंबित कर दिया।

इसके बावजूद पार्टी नेताओं द्वारा उन्हें वापस लाने के कई प्रयास किए गए, लेकिन राजेंद्रन ने माकपा में लौटने से इनकार कर दिया। बाद के लोकसभा और पंचायत चुनावों के दौरान भी उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज हुईं, हालांकि उन्होंने लगातार यही कहा कि अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।

अब खबर है कि एस. राजेंद्रन मुन्‍नार में होने वाली एक बैठक में, भाजपा के वरिष्ठ प्रदेश नेताओं की उपस्थिति में, औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक समीकरणों को बदल सकती है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एस. राजेंद्रन कौन हैं?
एस. राजेंद्रन केरल की राजनीति में एक प्रमुख नेता हैं, जिन्होंने तीन बार देविकुलम विधानसभा क्षेत्र से विधायक का पद संभाला है।
राजेंद्रन का भाजपा में शामिल होना क्यों महत्वपूर्ण है?
यदि राजेंद्रन भाजपा में शामिल होते हैं, तो यह देविकुलम विधानसभा क्षेत्र में एक बड़ा राजनीतिक परिवर्तन होगा, जो लंबे समय से वामपंथ का गढ़ माना जाता है।
राजेंद्रन के माकपा से संबंध कैसे रहे?
राजेंद्रन का माकपा के साथ लंबा राजनीतिक सफर रहा है, लेकिन 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद उनके संबंध बिगड़ गए थे।
राष्ट्र प्रेस
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