थिरुवनचूर राधाकृष्णन बने केरल विधानसभा के नए अध्यक्ष, त्रिकोणीय मुकाबले में मिले 101 वोट
सारांश
मुख्य बातें
केरल विधानसभा के अध्यक्ष पद के लिए हुए ऐतिहासिक त्रिकोणीय चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक थिरुवनचूर राधाकृष्णन को 21 मई 2025 को नया अध्यक्ष चुना गया। तिरुवनंतपुरम में हुए इस मतदान में राधाकृष्णन को 101 वोट मिले और उन्होंने अपने दोनों प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए यह संवैधानिक पद हासिल किया। केरल विधानसभा के इतिहास में पहली बार सदन में प्रतिनिधित्व करने वाले तीनों राजनीतिक गठबंधनों ने अध्यक्ष पद के लिए अपने-अपने उम्मीदवार उतारे।
मुख्य घटनाक्रम
सत्तारूढ़ संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने सात बार के विधायक थिरुवनचूर राधाकृष्णन को अपना प्रत्याशी बनाया। वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) ने पूर्व मंत्री एसी मोइदीन को मैदान में उतारा, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपने तीन सदस्यीय दल से बीबी गोपकुमार को प्रत्याशी बनाया।
प्रोटेम स्पीकर जी सुधाकरण ने रिटर्निंग ऑफिसर की भूमिका निभाई और स्वयं मतदान में हिस्सा नहीं लिया। कुल 139 विधायकों ने मतदान किया। परिणाम में राधाकृष्णन को 101 वोट, मोइदीन को 35 वोट और गोपकुमार को 3 वोट मिले।
संसदीय परंपरा का दुर्लभ दृश्य
परिणाम घोषित होने के बाद सदन में जोरदार मेज-थाप हुई और विभिन्न दलों के सदस्य नवनिर्वाचित अध्यक्ष को बधाई देने के लिए आगे आए। एक उल्लेखनीय संसदीय दृश्य में मुख्यमंत्री वीडी सतीशन और विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने संयुक्त रूप से नए स्पीकर को उनकी कुर्सी तक पहुँचाया — जो सदन की एकता और परंपरा का प्रतीक माना जाता है।
गौरतलब है कि केरल की राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं का इस तरह एकसाथ किसी पद पर बैठाना एक दुर्लभ और सौहार्दपूर्ण क्षण होता है।
नेताओं की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री सतीशन ने राधाकृष्णन को विनम्र और परिपक्व व्यवहार वाला आदर्श नेता बताया। उन्होंने कहा कि वे छात्र आंदोलन के दिनों में भी राधाकृष्णन के लिए नारे लगाते थे और यह भी उल्लेख किया कि राधाकृष्णन ने अपने राजनीतिक जीवन में लगभग 17 विभाग संभाले हैं तथा अपने क्षेत्र के विकास पर लगातार ध्यान दिया है।
विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने भी राधाकृष्णन के लंबे संसदीय और सार्वजनिक जीवन के अनुभव की सराहना की और विश्वास जताया कि वे अपनी नई जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभाएंगे।
राधाकृष्णन का राजनीतिक सफर
समझौता-आधारित राजनीति के लिए जाने जाने वाले थिरुवनचूर राधाकृष्णन कोट्टयम विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। 1987 में पहली चुनावी हार के बाद वे 1991 से लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं — यह उनका सातवाँ कार्यकाल है। वे पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी के मंत्रिमंडल में मंत्री भी रह चुके हैं।
क्या होगा आगे
नए अध्यक्ष के रूप में राधाकृष्णन अब केरल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर कार्यभार संभाल रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब यूडीएफ सरकार अपने नए कार्यकाल की शुरुआत में है और सदन में तीन-ध्रुवीय राजनीतिक संरचना को संतुलित करना अध्यक्ष की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।