केरल विधानसभा स्पीकर चुनाव: यूडीएफ, एलडीएफ और भाजपा के बीच तीन तरफा मुकाबला, 23 मई को होगा फैसला

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केरल विधानसभा स्पीकर चुनाव: यूडीएफ, एलडीएफ और भाजपा के बीच तीन तरफा मुकाबला, 23 मई को होगा फैसला

सारांश

केरल विधानसभा के इतिहास में पहली बार भाजपा स्पीकर पद के चुनाव में उतरी है — जीत की संभावना न होने के बावजूद। 102 सदस्यों वाले यूडीएफ के सामने यह मुकाबला संख्या का नहीं, राजनीतिक संदेश का है। नई विधानसभा का पहला सत्र बता रहा है कि अगले पाँच साल की सियासत किस दिशा में जाएगी।

मुख्य बातें

23 मई 2025 को केरल विधानसभा में स्पीकर पद के लिए यूडीएफ , एलडीएफ और भाजपा के बीच तीन-तरफा चुनाव होगा।
यूडीएफ उम्मीदवार तिरुवनचूर राधाकृष्णन जीत के प्रबल दावेदार — सदन में 102 सदस्यों का बहुमत।
एलडीएफ ने एसी मोइदीन और भाजपा ने बीबी गोपाकुमार को उम्मीदवार बनाया।
केरल विधानसभा के इतिहास में पहली बार भाजपा स्पीकर पद का चुनाव लड़ रही है।
डिप्टी स्पीकर पद के लिए यूडीएफ की उम्मीदवार शनिमोल उस्मान ।
विधानसभा 29 मई को राज्यपाल के नीतिगत संबोधन और जून में पूर्ण बजट के लिए बैठेगी।

केरल विधानसभा में स्पीकर पद के लिए तिरुवनंतपुरम में 23 मई 2025 (शुक्रवार) को तीन-तरफा मुकाबला होने जा रहा है — यूडीएफ, एलडीएफ और भारतीय जनता पार्टी (BJP) तीनों ने अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं। 140 सदस्यीय सदन में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के पास 102 सदस्यों का बहुमत है, जिससे उनके उम्मीदवार की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

तीनों मोर्चों के उम्मीदवार

यूडीएफ ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तिरुवनचूर राधाकृष्णन को स्पीकर पद का उम्मीदवार बनाया है। संख्या बल के लिहाज़ से वे इस चुनाव में सबसे मज़बूत दावेदार हैं।

वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने पूर्व मंत्री और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — सीपीआई(एम) के वरिष्ठ नेता एसी मोइदीन को मैदान में उतारा है। वहीं, भाजपा ने चथनूर से पहली बार विधायक बने बीबी गोपाकुमार को उम्मीदवार बनाया है। गोपाकुमार की उम्मीदवारी का प्रस्ताव भाजपा विधायक राजीव चंद्रशेखर और वी. मुरलीधरन पेश करेंगे।

गौरतलब है कि केरल विधानसभा के इतिहास में यह पहला मौका है जब भाजपा स्पीकर पद का चुनाव लड़ रही है। सदन में भाजपा के केवल 3 सदस्य हैं, इसलिए यह कदम जीत के लिए नहीं, बल्कि नई विधानसभा में राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

डिप्टी स्पीकर पद पर भी मुकाबला

स्पीकर चुनाव के साथ ही डिप्टी स्पीकर पद का चुनाव भी 23 मई को होगा। यूडीएफ ने इस पद के लिए शनिमोल उस्मान को उम्मीदवार बनाया है।

शपथ ग्रहण में भावुक और प्रतीकात्मक पल

नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह प्रोटेम स्पीकर जी. सुधाकरन की देखरेख में संपन्न हुआ। सदस्यों को वर्णमाला के क्रम में शपथ दिलाई गई। शपथ लेने वाले पहले विधायक मत्स्य और सामाजिक न्याय मंत्री वीई अब्दुल गफूर रहे, जो कलामस्सेरी निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

अटिंगल की विधायक ओएस अंबिका शपथ लेने वाली पहली महिला सदस्य बनीं, जबकि मंजेश्वरम के विधायक एकेएम अशरफ ने कन्नड़ भाषा में शपथ ली।

सदन में कुछ राजनीतिक रूप से प्रतीकात्मक पल भी देखने को मिले। सीपीआई(एम) के पूर्व नेता वी. कुंजिकृष्णन और टीके गोविंदन — जो वामपंथी दलों से अलग होने के बाद यूडीएफ के समर्थन से विधायक बने — ने शपथ के दौरान विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन से मुलाकात की। गोविंदन विपक्ष की बेंचों की ओर चलकर पूर्व मुख्यमंत्री से हाथ मिलाने गए, जिस पर सत्ता पक्ष की बेंचों से तालियां बजीं। विजयन ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया और उनका स्वागत करने के लिए अपनी सीट से उठ खड़े हुए।

आगे का कार्यक्रम और राजकोषीय चुनौतियाँ

विधानसभा 29 मई को राज्यपाल राजेंद्र वी. अर्लेकर के नीतिगत संबोधन के लिए पुनः बैठेगी। संबोधन पर चर्चा 1 से 3 जून तक होगी, जबकि नई यूडीएफ सरकार से जून में पूर्ण बजट पेश करने की उम्मीद है।

यह ऐसे समय में आया है जब सरकार केरल की वित्तीय स्थिति पर एक 'श्वेत पत्र' भी तैयार कर रही है — जो इस बात का संकेत है कि राज्य की राजकोषीय स्थिति नए प्रशासन की शुरुआती प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रहेगी। नई विधानसभा के पहले सत्र में राजनीतिक संदेश और प्रतीकात्मकता का यह मेल आने वाले पाँच वर्षों की विधायी कार्यशैली की झलक दे रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि विपक्षी दल के रूप में दृश्यता की रणनीति है। तीन सीटों वाली पार्टी का यह कदम संसदीय परंपरा में प्रतीकात्मक विरोध की भूमिका को रेखांकित करता है। दूसरी ओर, सीपीआई(एम) के पूर्व नेताओं का यूडीएफ के बैनर तले शपथ लेना और पिनाराई विजयन से उनका सार्वजनिक मेलमिलाप बताता है कि वाम मोर्चे की आंतरिक दरारें अब सदन के भीतर भी दिखने लगी हैं। श्वेत पत्र की तैयारी संकेत देती है कि नई सरकार वित्तीय जवाबदेही को केंद्र में रखकर राजनीतिक एजेंडा तय करना चाहती है — जो पिछले एलडीएफ कार्यकाल पर सीधा प्रहार है।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल विधानसभा स्पीकर चुनाव में कौन-कौन से उम्मीदवार हैं?
यूडीएफ ने कांग्रेस नेता तिरुवनचूर राधाकृष्णन, एलडीएफ ने सीपीआई(एम) के एसी मोइदीन और भाजपा ने बीबी गोपाकुमार को उम्मीदवार बनाया है। 23 मई 2025 को मतदान होगा।
केरल स्पीकर चुनाव में किसकी जीत तय मानी जा रही है?
140 सदस्यीय सदन में यूडीएफ के पास 102 सदस्यों का बहुमत है, इसलिए उनके उम्मीदवार तिरुवनचूर राधाकृष्णन की जीत लगभग तय मानी जा रही है। एलडीएफ के 35 और भाजपा के 3 सदस्य हैं।
भाजपा ने केरल स्पीकर चुनाव में उम्मीदवार क्यों उतारा?
केरल विधानसभा के इतिहास में यह पहली बार है जब भाजपा स्पीकर पद का चुनाव लड़ रही है। केवल 3 सदस्यों के साथ जीत की संभावना नहीं है, लेकिन पार्टी इसे नई विधानसभा में अपनी राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराने के अवसर के रूप में देख रही है।
केरल विधानसभा का अगला सत्र कब होगा और क्या होगा?
विधानसभा 29 मई को राज्यपाल राजेंद्र वी. अर्लेकर के नीतिगत संबोधन के लिए बैठेगी। संबोधन पर चर्चा 1 से 3 जून तक होगी और नई यूडीएफ सरकार से जून में पूर्ण बजट पेश करने की उम्मीद है।
केरल सरकार का 'श्वेत पत्र' क्या है?
नई यूडीएफ सरकार केरल की वित्तीय स्थिति पर एक श्वेत पत्र तैयार कर रही है, जो राज्य की राजकोषीय स्थिति का आकलन करेगा। यह नए प्रशासन के शुरुआती चरण में आर्थिक पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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