24 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

केरल के कोल्लम में ATS और मिलिट्री इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई, बांग्लादेशी दंपति गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
केरल के कोल्लम में ATS और मिलिट्री इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई, बांग्लादेशी दंपति गिरफ्तार

सारांश

केरल के कोल्लम में ATS और मिलिट्री इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई में बांग्लादेश के बागेरहाट जिले के मिलन खान और मुकुल खंडाल को गिरफ्तार किया गया। दंपति करीब तीन वर्षों से बिना वैध दस्तावेजों के रह रहा था और उनके पास भारतीय पहचान पत्र भी मिले — जांच अब पूरे नेटवर्क तक फैल रही है।

मुख्य बातें

ATS और मिलिट्री इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई में 7 जून 2026 को कोल्लम के नींदाकरा से बांग्लादेशी दंपति गिरफ्तार।
गिरफ्तार दंपति की पहचान मिलन खान और मुकुल खंडाल के रूप में; दोनों बांग्लादेश के बागेरहाट जिले के निवासी।
मिलन खान करीब 10 वर्ष पहले भारत आया; पत्नी को तीन वर्ष पहले लाया।
दंपति के पास भारतीय दस्तावेज और बांग्लादेशी राष्ट्रीय पहचान पत्र दोनों बरामद।
चवरा पुलिस ने इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025 के तहत मामला दर्ज किया।
एजेंसियां फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क की जांच कर रही हैं।

केरल के कोल्लम जिले के नींदाकरा क्षेत्र से आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) और मिलिट्री इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई में एक बांग्लादेशी दंपति को 7 जून 2026 को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के अनुसार दोनों बिना किसी वैध दस्तावेज के वर्षों से भारत में अवैध रूप से निवास कर रहे थे।

गिरफ्तार दंपति की पहचान

जांच एजेंसियों के मुताबिक गिरफ्तार दंपति की पहचान मिलन खान और मुकुल खंडाल के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से बांग्लादेश के बागेरहाट जिले के गुलशा गली इलाके के निवासी हैं, जो ढाका के निकट स्थित है।

मुख्य घटनाक्रम

प्रारंभिक जांच के अनुसार मिलन खान करीब 10 वर्ष पहले भारत में दाखिल हुआ और पहले त्रिशूर जिले के चालाकुडी क्षेत्र में रहा। लगभग तीन वर्ष पहले वह अपनी पत्नी को भी भारत लेकर आया, जिसके बाद दोनों कोल्लम जिले में बस गए। बताया जा रहा है कि दंपति के पास भारत में निवास के लिए कोई वैध कानूनी दस्तावेज नहीं था।

बरामदगी और जांच का दायरा

छापेमारी के दौरान एजेंसियों को दंपति के पास भारतीय पहचान दस्तावेज और बांग्लादेशी राष्ट्रीय पहचान पत्र (नेशनल आईडी कार्ड) दोनों मिले। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि भारतीय दस्तावेज किन परिस्थितियों में और किसकी मदद से हासिल किए गए। चवरा पुलिस ने दंपति के विरुद्ध इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025 के तहत मामला दर्ज किया है।

राष्ट्रीय सुरक्षा का पहलू

सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मानकर हर पहलू की जांच कर रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब केरल में अवैध प्रवासियों के नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पहले से सतर्क हैं। गौरतलब है कि ATS और मिलिट्री इंटेलिजेंस का एक साथ इस तरह के अभियान में शामिल होना मामले की संवेदनशीलता को रेखांकित करता है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब उस पूरे नेटवर्क की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं जिसने दंपति को भारत में अवैध रूप से रहने और फर्जी दस्तावेज हासिल करने में सहायता की। जांच के नतीजे अन्य संदिग्धों तक भी पहुंच सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक संगठित नेटवर्क के जरिए पहचान भी हासिल कर रहे हैं। ATS और मिलिट्री इंटेलिजेंस का एक साथ तैनात होना बताता है कि एजेंसियां इसे महज इमिग्रेशन उल्लंघन नहीं, बल्कि सुरक्षा खतरे के रूप में देख रही हैं। असली सवाल यह है कि दस्तावेज़ नेटवर्क कितना गहरा है और क्या यह केरल तक सीमित है या अन्य राज्यों तक भी फैला है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल में गिरफ्तार बांग्लादेशी दंपति कौन हैं?
गिरफ्तार दंपति की पहचान मिलन खान और मुकुल खंडाल के रूप में हुई है, जो बांग्लादेश के बागेरहाट जिले के गुलशा गली इलाके के मूल निवासी हैं। दोनों कोल्लम जिले के नींदाकरा क्षेत्र से पकड़े गए।
यह गिरफ्तारी कैसे हुई?
आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) और मिलिट्री इंटेलिजेंस ने 7 जून 2026 को संयुक्त अभियान चलाकर कोल्लम के नींदाकरा क्षेत्र से दंपति को गिरफ्तार किया। चवरा पुलिस ने इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025 के तहत मामला दर्ज किया है।
दंपति के पास क्या दस्तावेज मिले?
छापेमारी में दंपति के पास भारतीय पहचान दस्तावेज और बांग्लादेशी राष्ट्रीय पहचान पत्र (नेशनल आईडी कार्ड) दोनों बरामद हुए। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि भारतीय दस्तावेज किन परिस्थितियों में और किसकी मदद से हासिल किए गए।
मिलन खान कब से भारत में था?
प्रारंभिक जांच के अनुसार मिलन खान करीब 10 वर्ष पहले भारत आया और पहले त्रिशूर जिले के चालाकुडी में रहा। लगभग तीन वर्ष पहले वह अपनी पत्नी को भी भारत लेकर आया और दोनों कोल्लम में बस गए।
इस मामले में आगे क्या होगा?
सुरक्षा एजेंसियां अब उस नेटवर्क की जांच कर रही हैं जिसने दंपति को अवैध रूप से रहने और फर्जी दस्तावेज हासिल करने में मदद की। मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मानते हुए हर पहलू की गहन जांच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले