20 अगस्त 2026
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दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक: केरल CM सतीशन ने आयुष्मान भारत फंडिंग, तटीय कटाव और रेल कनेक्टिविटी पर केंद्र को घेरा

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दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक: केरल CM सतीशन ने आयुष्मान भारत फंडिंग, तटीय कटाव और रेल कनेक्टिविटी पर केंद्र को घेरा

सारांश

चेन्नई में हुई दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक में केरल CM वीडी सतीशन ने आयुष्मान भारत की असमान फंडिंग, तटीय कटाव, रेल संपर्क और ऑफशोर माइनिंग पर केंद्र को घेरा — और दक्षिणी राज्यों से एकजुट रहने का आह्वान किया।

मुख्य बातें

केरल CM वीडी सतीशन ने 20 अगस्त 2026 को चेन्नई में दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक में भाग लिया, जिसकी अध्यक्षता गृह मंत्री अमित शाह ने की।
आयुष्मान भारत के तहत केरल ने ₹1,493 करोड़ खर्च किए, जबकि केंद्र से मात्र ₹151 करोड़ मिले — यानी 90% बोझ राज्य पर।
केएसआरटीसी ने अकेले जून माह में ₹2.16 करोड़ से अधिक टोल शुल्क चुकाया; राज्य परिवहन उपक्रमों के लिए टोल-छूट की माँग।
केरल की 586 किमी तटरेखा में से 63% कटाव की चपेट में; आपदा कोष से तटीय सुरक्षा शामिल करने की माँग।
केरल ने 56 में से 54 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट चालू किए, जिनमें 14 ई-पोक्सो कोर्ट ; समयबद्ध जाँच दर 78% से अधिक।
सतीशन ने दक्षिणी राज्यों में अंतर-राज्यीय पुलिस नोडल अधिकारी नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा।

केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने 20 अगस्त 2026 को चेन्नई में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक में केंद्र से अधिक वित्तीय सहायता और न्यायसंगत संघीय ढाँचे की माँग को पुरज़ोर तरीके से उठाया। स्वास्थ्य बीमा से लेकर तटीय सुरक्षा, रेल संपर्क और समुद्री खनन तक — सतीशन ने एक के बाद एक कई अहम मुद्दे परिषद के सामने रखे।

आयुष्मान भारत: केरल पर ₹1,342 करोड़ का अतिरिक्त बोझ

बैठक में सबसे तीखी बहस आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना की फंडिंग को लेकर रही। मुख्यमंत्री सतीशन ने बताया कि केरल ने पिछले पॉलिसी वर्ष में इस योजना के तहत ₹1,493 करोड़ खर्च किए, जबकि नेशनल हेल्थ अथॉरिटी से राज्य को मात्र ₹151 करोड़ की प्रतिपूर्ति मिली। इसका अर्थ यह है कि कुल खर्च का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा राज्य की अपनी जेब से गया।

उन्होंने तीन ठोस माँगें रखीं — एक समान राष्ट्रीय प्रीमियम के स्थान पर राज्य-विशिष्ट प्रीमियम निर्धारण, पात्रता को नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के डेटाबेस से जोड़ना, और केंद्र-प्रायोजित लाभार्थियों पर वास्तविक व्यय के आधार पर केंद्रीय अंशदान में संशोधन।

केएसआरटीसी और टोल शुल्क: सार्वजनिक सेवा पर दोहरी मार

मुख्यमंत्री ने केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए टोल से राहत की माँग की। उन्होंने बताया कि दूरदराज़ के इलाकों में अनिवार्य सार्वजनिक परिवहन सेवाएँ चलाने के बावजूद केएसआरटीसी ने अकेले जून माह में ₹2.16 करोड़ से अधिक टोल शुल्क का भुगतान किया। उन्होंने राज्य परिवहन उपक्रमों के लिए या तो पूर्ण टोल-छूट या काफी रियायती दरों की माँग रखी।

तटीय कटाव: 586 किमी तट पर संकट, हज़ारों मछुआरे परिवार प्रभावित

सतीशन ने तटीय कटाव को केरल की सबसे गंभीर जलवायु-संबंधी समस्याओं में से एक बताया। उन्होंने रेखांकित किया कि केरल की लगभग 586 किलोमीटर लंबी तटरेखा में से करीब 63 प्रतिशत हिस्सा कटाव की चपेट में है, जिससे हज़ारों मछुआरा परिवारों को बार-बार घर और आजीविका खोनी पड़ती है। उन्होंने केंद्र से आपदा प्रतिक्रिया एवं रोकथाम कोष के अंतर्गत तटीय सुरक्षा कार्यों और विस्थापित परिवारों के पुनर्वास को शामिल करने का आग्रह किया।

रेल कनेक्टिविटी, वन्यजीव मार्ग और ऑफशोर माइनिंग

मुख्यमंत्री ने थालासेरी-मैसूर और निलंबुर-नंजनगुड रेलवे लाइनों के निर्माण कार्य में तेज़ी लाने की माँग की और कहा कि केरल ने अपनी ओर से प्रारंभिक कार्य पूरा कर लिया है। उन्होंने अलाइनमेंट और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को अंतिम रूप देने में कर्नाटक और रेल मंत्रालय का सहयोग माँगा।

केरल को कर्नाटक और तमिलनाडु से जोड़ने वाले वन-मार्गों पर रात्रि यातायात प्रतिबंध के मुद्दे पर सतीशन ने पूर्ण रोक का विरोध किया। उन्होंने वैज्ञानिक रूप से निर्धारित न्यूनतम-संवेदनशील समय-खिड़कियों और नियंत्रित काफिले प्रणाली का सुझाव दिया, ताकि वन्यजीव संरक्षण और नागरिकों की आवाजाही के बीच संतुलन बना रहे।

केरल तट के निकट समुद्री खनिज ब्लॉकों की नीलामी के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने माँग की कि जब तक कठोर वैज्ञानिक मूल्यांकन और सुदृढ़ मानक संचालन प्रक्रिया लागू न हो जाए, तब तक कोई नीलामी न की जाए।

महिला-बाल सुरक्षा और अंतर-राज्यीय पुलिस समन्वय

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर सतीशन ने बताया कि केरल ने स्वीकृत 56 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में से 54 को चालू कर दिया है, जिनमें 14 ई-पोक्सो कोर्ट भी शामिल हैं, और निर्धारित समय-सीमा में जाँच पूरी करने का प्रतिशत 78% से अधिक हो गया है। उन्होंने इस योजना को जारी रखने और इसके लिए स्थायी बजट आवंटन की माँग की।

नशा तस्करी, संगठित अपराध, अवैध प्रवास और साइबर खतरों से निपटने के लिए उन्होंने प्रस्ताव दिया कि दक्षिण के प्रत्येक राज्य में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को 'अंतर-राज्यीय पुलिस नोडल अधिकारी' नियुक्त किया जाए, जो रियल-टाइम इंटेलिजेंस साझाकरण, संयुक्त अभियान और सीमा पर संयुक्त गश्त सुनिश्चित करे।

बैठक के समापन पर मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा कि दक्षिणी राज्यों को अपने लोगों से जुड़े मुद्दों पर एकजुट रहना चाहिए और केंद्र के साथ मिलकर ऐसे समाधान खोजने चाहिए जिनसे सभी को लाभ हो — यह टिप्पणी दक्षिणी राज्यों और केंद्र के बीच चल रहे राजकोषीय संघवाद के विमर्श के व्यापक संदर्भ में महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

493 करोड़ खर्च, ₹151 करोड़ वापस — राजकोषीय संघवाद की उस पुरानी बहस को फिर से सतह पर लाता है जिसे दक्षिणी राज्य वर्षों से उठाते आए हैं। विकसित स्वास्थ्य अवसंरचना वाले राज्यों को एक समान राष्ट्रीय प्रीमियम से दंडित करना संरचनात्मक रूप से अनुचित है — और यह बात केवल केरल तक सीमित नहीं है। तमिलनाडु और कर्नाटक भी इसी तर्क को दोहराते हैं। सतीशन की 'एकजुटता' की अपील सुनने में सहयोगी लगती है, लेकिन असल परीक्षा यह है कि क्या ये माँगें बैठक के कार्यवृत्त से आगे जाकर नीतिगत बदलाव में तब्दील होती हैं — जो पिछली कई बैठकों में नहीं हुआ।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक में केरल ने कौन-सी प्रमुख माँगें रखीं?
केरल CM वीडी सतीशन ने आयुष्मान भारत की फंडिंग में असमानता, केएसआरटीसी के लिए टोल-छूट, तटीय कटाव से राहत, थालासेरी-मैसूर और निलंबुर-नंजनगुड रेलवे लाइनों में तेज़ी, ऑफशोर माइनिंग पर रोक और फास्ट ट्रैक कोर्ट के लिए स्थायी बजट जैसी कई माँगें रखीं।
आयुष्मान भारत फंडिंग पर केरल की शिकायत क्या है?
केरल ने पिछले पॉलिसी वर्ष में आयुष्मान भारत पर ₹1,493 करोड़ खर्च किए, लेकिन नेशनल हेल्थ अथॉरिटी से केवल ₹151 करोड़ मिले — यानी कुल खर्च का लगभग 90% राज्य ने स्वयं वहन किया। केरल ने राज्य-विशिष्ट प्रीमियम और वास्तविक व्यय के आधार पर केंद्रीय अंशदान की माँग की है।
केरल की तटीय कटाव समस्या कितनी गंभीर है?
केरल की लगभग 586 किलोमीटर लंबी तटरेखा में से करीब 63% हिस्सा कटाव की चपेट में है, जिससे हज़ारों मछुआरा परिवार बार-बार घर और आजीविका खो रहे हैं। मुख्यमंत्री सतीशन ने इसे आपदा प्रतिक्रिया एवं रोकथाम कोष के दायरे में लाने की माँग की।
बैठक में अंतर-राज्यीय पुलिस समन्वय पर क्या प्रस्ताव आया?
मुख्यमंत्री सतीशन ने सुझाव दिया कि दक्षिण के प्रत्येक राज्य में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को 'अंतर-राज्यीय पुलिस नोडल अधिकारी' नियुक्त किया जाए। इससे नशा तस्करी, संगठित अपराध, अवैध प्रवास और साइबर खतरों से निपटने के लिए रियल-टाइम इंटेलिजेंस साझाकरण और संयुक्त अभियान आसान होंगे।
केरल में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट की स्थिति क्या है?
केरल ने स्वीकृत 56 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में से 54 को चालू कर दिया है, जिनमें 14 ई-पोक्सो कोर्ट शामिल हैं। निर्धारित समय-सीमा में जाँच पूरी करने की दर 78% से अधिक हो गई है। राज्य ने इस योजना को जारी रखने और स्थायी बजट आवंटन की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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