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केरल में नशे में ड्राइविंग पर सरकार का कड़ा रुख: 48 घंटों में 10,000 से अधिक चालक पकड़े

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केरल में नशे में ड्राइविंग पर सरकार का कड़ा रुख: 48 घंटों में 10,000 से अधिक चालक पकड़े

सारांश

केरल में मात्र 48 घंटों के अभियान में 10,000 से अधिक नशे में ड्राइविंग के मामले सामने आए — यह संख्या राज्य की सड़क सुरक्षा की असली तस्वीर उजागर करती है। गृह मंत्री चेन्निथला ने लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी है, जो त्योहारी मौसम से पहले सरकार के सख्त रुख का संकेत है।

मुख्य बातें

केरल पुलिस ने दो दिवसीय राज्यव्यापी अभियान में 10,000 से अधिक वाहन चालकों को नशे में ड्राइविंग करते पकड़ा।
गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई और ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी।
सरकार उल्लंघनकर्ताओं को दोबारा लाइसेंस प्राप्त करने से रोकने के उपायों पर विचार कर रही है।
हाल के सड़क हादसों में शराब और नशीले पदार्थों की भूमिका सामने आई है।
त्योहारी मौसम को देखते हुए जाँच अभियान जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

केरल में नशे में ड्राइविंग के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान में पुलिस ने मात्र 48 घंटों में 10,000 से अधिक वाहन चालकों को शराब के नशे में गाड़ी चलाते हुए पकड़ा है। इस बड़े पैमाने की कार्रवाई के बाद केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने सहित कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। यह अभियान राज्य में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और त्योहारी मौसम की पूर्व संध्या पर शुरू किया गया है।

अभियान का दायरा और मुख्य घटनाक्रम

दिन और रात दोनों पालियों में संचालित इस दो दिवसीय राज्यव्यापी जाँच अभियान के दौरान 10,000 से अधिक उल्लंघनकर्ताओं की पहचान की गई। त्रिशूर समेत केरल के विभिन्न जिलों में एक साथ यह जाँच चलाई गई। केवल 48 घंटों में इतनी बड़ी संख्या में पकड़े गए उल्लंघनकर्ताओं ने यातायात नियमों के अनुपालन की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया और प्रस्तावित कार्रवाई

गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने सोमवार को स्पष्ट किया कि शराब या मादक पदार्थों के प्रभाव में वाहन चलाते पकड़े गए लोगों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे चालकों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे और उन्हें दोबारा लाइसेंस प्राप्त करने से रोकने के उपायों पर भी विचार किया जा रहा है। चेन्निथला ने हाल ही में हुए सड़क हादसों में शराब और नशीले पदार्थों की भूमिका का भी उल्लेख किया।

त्योहारी मौसम में सतर्कता

त्योहारी मौसम नज़दीक आने के साथ पुलिस को निर्देश दिया गया है कि जाँच अभियान को और तेज़ किया जाए। गृह मंत्री ने जनता से अनुरोध किया कि वे इन जाँचों में सहयोग करें। गौरतलब है कि त्योहारों के दौरान सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में सामान्यतः वृद्धि देखी जाती है, जिसे देखते हुए यह अभियान विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।

आम जनता और सड़क सुरक्षा पर असर

नशे में ड्राइविंग का खतरा केवल उल्लंघनकर्ता चालक तक सीमित नहीं है — यह यात्रियों, पैदल यात्रियों और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए भी गंभीर जोखिम उत्पन्न करता है। लाइसेंस रद्द करने का प्रस्ताव बार-बार या गंभीर उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध राज्य के सख्त रुख का संकेत देता है। यह कदम सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने की दिशा में एक ठोस प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

क्या होगा आगे

राज्य सरकार उन चालकों को दोबारा लाइसेंस पाने से रोकने के लिए नए नियामक उपायों पर विचार कर रही है जो एक बार पकड़े जा चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान त्योहारी सीज़न में भी जारी रहेगा। आलोचकों का कहना है कि केवल प्रवर्तन पर्याप्त नहीं है — सड़क सुरक्षा के लिए जन-जागरूकता और दीर्घकालिक नीतिगत कदमों की भी आवश्यकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 से अधिक उल्लंघनकर्ताओं का पकड़ा जाना यह बताता है कि नशे में ड्राइविंग केरल में एक छिटपुट समस्या नहीं, बल्कि एक व्यापक सामाजिक व्यवहार बन चुकी है — और इसके लिए केवल प्रवर्तन अभियान पर्याप्त नहीं है। लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी सुनने में कड़ी लगती है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि इस बड़े पैमाने पर पकड़े गए उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ अदालत तक कितने मामले पहुँचते हैं। त्योहारी मौसम से ठीक पहले शुरू किया गया यह अभियान समय की दृष्टि से प्रासंगिक है, लेकिन इसकी दीर्घकालिक सफलता तभी संभव है जब जन-जागरूकता, सड़क बुनियादी ढाँचे में सुधार और सुसंगत कानूनी अनुपालन को एकसाथ आगे बढ़ाया जाए।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल में नशे में ड्राइविंग के खिलाफ कितने लोग पकड़े गए?
केरल पुलिस ने दो दिवसीय राज्यव्यापी अभियान में मात्र 48 घंटों के भीतर 10,000 से अधिक वाहन चालकों को शराब या नशीले पदार्थों के प्रभाव में गाड़ी चलाते हुए पकड़ा। यह अभियान दिन और रात दोनों समय संचालित किया गया।
गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने क्या कार्रवाई की घोषणा की है?
गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि नशे में ड्राइविंग करने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई होगी, उनके ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किए जाएंगे और उन्हें दोबारा लाइसेंस प्राप्त करने से रोकने के उपायों पर भी विचार किया जाएगा।
यह अभियान अभी क्यों शुरू किया गया है?
यह अभियान त्योहारी मौसम नज़दीक आने और हाल में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं की पृष्ठभूमि में शुरू किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि हाल के सड़क हादसों में शराब और नशीले पदार्थों की भूमिका देखी गई है, जिससे इस समय अभियान की ज़रूरत और बढ़ गई।
नशे में ड्राइविंग पकड़े जाने पर क्या कानूनी परिणाम होंगे?
मोटर वाहन अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करना शामिल है। सरकार ऐसे उल्लंघनकर्ताओं को भविष्य में लाइसेंस लेने से स्थायी रूप से रोकने के उपायों पर भी विचार कर रही है।
क्या यह अभियान आगे भी जारी रहेगा?
हाँ, पुलिस को निर्देश दिया गया है कि त्योहारी मौसम को ध्यान में रखते हुए जाँच अभियान को और तेज़ किया जाए और यह लगातार जारी रहे। गृह मंत्री ने जनता से भी इन जाँचों में सहयोग करने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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