केरल विधानसभा चुनाव 2026: किरेन रिजिजू ने धार्मिक समुदायों से किया संवाद, दी आश्वासन
सारांश
Key Takeaways
- किरन रिजिजू ने धार्मिक नेताओं से संवाद किया।
- उन्होंने सभी समुदायों के मुद्दों को समझने का प्रयास किया।
- सरकार सभी के लिए काम कर रही है।
- चर्च के नेताओं के साथ चर्चा की गई।
- प्रगति और विकास के लिए आश्वासन दिया गया।
तिरुवनंतपुरम, ४ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने केरल में विधानसभा चुनावों के दौरान धार्मिक नेताओं से संवाद स्थापित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका कर्तव्य है कि वे सभी समुदायों के साथ मिलकर उनके मुद्दों को समझें। इस सिलसिले में उन्होंने चर्च के नेताओं के साथ भी विस्तृत बातचीत की।
धार्मिक नेताओं से अपनी मुलाकात के बारे में राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए किरेन रिजिजू ने कहा, "मैंने केवल धार्मिक नेताओं से ही नहीं, बल्कि सभी समाजसेवियों से संवाद किया है। मैंने अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधियों, जिनमें चर्च के नेता भी शामिल थे, से मुलाकात की। सभी से मिलना मेरा कर्तव्य है, इसलिए चर्च के नेताओं से भी अच्छे संवाद हुए।"
एफसीआरए से संबंधित सामाजिक कार्यकर्ताओं के सवाल पर किरेन रिजिजू ने कहा, "उन्होंने यह मुद्दा उठाया है और मैंने उन्हें आश्वस्त किया है कि वे किसी बात की चिंता न करें, क्योंकि हमारी सरकार सबके लिए काम कर रही है। यदि कोई गलतफहमी है, तो हम उन मुद्दों को सुलझाएंगे।"
उन्होंने यह भी कहा कि हम ऐसा कुछ भी नहीं करेंगे जिससे किसी भी धार्मिक समूह या सामाजिक संगठन को नुकसान पहुंचे। हम सबके लिए हैं। प्रधानमंत्री मोदी पहले ही कह चुके हैं कि वे हर भारतीय के कल्याण के लिए कार्यरत हैं।
आगामी केरल विधानसभा चुनावों को लेकर मंत्री ने कहा, "केरल के लोग इस बार बहुत सकारात्मक हैं। मैं एक भाजपा नेता के रूप में अपनी पार्टी और उम्मीदवारों का समर्थन कर रहा हूँ और लोगों को 'विकसित केरल' और 'विकसित भारत' की दिशा में प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण से अवगत करा रहा हूँ।"
इसके अलावा, किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "अब एलडीएफ और यूडीएफ की अक्षमता, तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार और कुशासन से आगे बढ़ने का समय आ गया है। 'विकसित केरल' और 'विकसित भारत' के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में केरल प्रगति की राह पर अग्रसर है।"