13 अक्टूबर 2026
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किरीट सोमैया पर क्लाइड क्रैस्टो का पलटवार: 'सिर्फ पब्लिसिटी की तलाश, कानून से कोई ऊपर नहीं'

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किरीट सोमैया पर क्लाइड क्रैस्टो का पलटवार: 'सिर्फ पब्लिसिटी की तलाश, कानून से कोई ऊपर नहीं'

सारांश

मुंबई में NCP (SP) प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो ने BJP नेता किरीट सोमैया पर सीधा हमला बोला — आरोप है कि सोमैया सिर्फ पब्लिसिटी के लिए काम करते हैं। SIR के ज़रिये 13 करोड़ लोगों के अधिकार छीने जाने का दावा करते हुए विपक्ष ने कहा — 'शांतिपूर्ण प्रदर्शन तब तक जारी रहेंगे जब तक हक वापस नहीं मिलते।'

मुख्य बातें

एनसीपी (एसपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो ने 13 अक्टूबर 2026 को मुंबई में BJP नेता किरीट सोमैया पर पलटवार किया।
क्रैस्टो का आरोप — सोमैया सिर्फ पब्लिसिटी के लिए काम करते हैं, असली जन-मुद्दों से मुँह मोड़ते हैं।
क्रैस्टो ने एसआईआर के ज़रिये 13 करोड़ लोगों के अधिकार छीने जाने का आरोप लगाया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा की।
एनसीपी (एसपी) के MLC इदरीस नाइकवाड़ी ने इमरान खान विवाद पर कहा — संबंधित प्राधिकारी खुद निर्णय लेंगे।
समाजवादी पार्टी के नसीम सिद्दीकी ने BJP पर आरोप लगाया कि वह विरोध करने वालों को 'आतंकवादी' या 'अराजक तत्व' बताती है।

एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो ने 13 अक्टूबर 2026 को मुंबई में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता किरीट सोमैया पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि सोमैया का एकमात्र उद्देश्य प्रचार पाना है, और संविधान के अनुसार देश में कोई भी न्याय व कानून से ऊपर नहीं है। क्रैस्टो ने स्पष्ट किया कि गलत कार्य करने पर कानून अपना काम करेगा और इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से अपने संवैधानिक अधिकारों की माँग कर रहे हैं।

क्रैस्टो का सोमैया पर सीधा आरोप

क्रैस्टो ने कहा, 'संविधान के हिसाब से हम देश के नागरिक के तौर पर मिले अधिकारों के आधार पर आगे बढ़ेंगे, क्योंकि कोई भी इंसाफ, नियम और कानून से ऊपर नहीं है और अगर किसी ने गलत किया है तो कानून अपना काम करेगा।' उन्होंने आरोप लगाया कि किरीट सोमैया असली जन-मुद्दों को दरकिनार कर केवल मीडिया-प्रचार के लिए काम करते हैं।

क्रैस्टो के अनुसार, BJP के नेता जहाँ कहीं भी सुर्खियाँ मिल सकती हैं, वहीं भागते हैं, जबकि जनसेवा के लिए अनेक वास्तविक मुद्दे मौजूद हैं।

एसआईआर विवाद और प्रदर्शनकारियों का पक्ष

क्रैस्टो ने एसआईआर (SIR) प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने इसके ज़रिये 13 करोड़ लोगों के अधिकार छीन लिए हैं। उनके अनुसार, प्रदर्शनकारी अपने संवैधानिक हक की शांतिपूर्ण माँग कर रहे हैं और उन पर मुकदमे दर्ज करना अनुचित है। उन्होंने कहा कि जब तक नागरिकों को उनके अधिकार वापस नहीं मिल जाते, शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहेंगे।

नाइकवाड़ी और इमरान खान प्रसंग

एनसीपी (एसपी) के विधान परिषद सदस्य (MLC) इदरीस नाइकवाड़ी ने इमरान खान के बारे में सोमैया के बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह एक अलग मुद्दा है और संबंधित प्राधिकारी खुद तय करेंगे कि आगे क्या कदम उठाना है। नाइकवाड़ी ने कहा कि कुछ नेताओं की आदत बन गई है कि 'सुबह उठकर कुछ ऐसा बोल दो कि टीआरपी मिल जाए', और सरकार को अधिकार है कि वह फंडिंग के स्रोतों की जाँच अपने स्तर पर कर सकती है।

समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शनकारियों को 'अराजक तत्व' कहे जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'BJP के पास सिर्फ दो मुद्दे हैं — जब मुसलमान विरोध करते हैं तो उन्हें आतंकवादी कहते हैं, और जब गैर-मुस्लिम विरोध करते हैं तो उन्हें अराजक तत्व।'

सिद्दीकी ने आगे कहा कि जिन लोगों ने देश की आज़ादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, उन्हें ही 'देशद्रोही' और 'अराजक तत्व' कहना नैतिक दिवालियापन है। उनके अनुसार, सड़कों पर उतरे ये लोग संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध देशभक्त हैं। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल एकजुट होकर केंद्र सरकार की नीतियों के विरुद्ध मोर्चाबंदी कर रहे हैं।

आगे का राजनीतिक परिदृश्य

गौरतलब है कि महाराष्ट्र की राजनीति में एनसीपी (एसपी) और BJP के बीच टकराव नया नहीं है, लेकिन एसआईआर मुद्दे पर बढ़ते विरोध प्रदर्शन ने इस संघर्ष को नई धार दी है। विपक्ष का एकजुट रुख संकेत देता है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक तूल पकड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसकी स्वतंत्र जाँच और तथ्यात्मक सत्यापन ज़रूरी है। मुख्यधारा की कवरेज प्रायः इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाज़ी तक सीमित कर देती है, जबकि नागरिक अधिकारों से जुड़े ठोस पहलू अनुत्तरित रह जाते हैं। नसीम सिद्दीकी का 'आतंकवादी बनाम अराजक तत्व' वाला तर्क ध्रुवीकरण की उस परिपाटी को रेखांकित करता है जो हर बड़े विरोध-प्रदर्शन के साथ दोहराई जाती है।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्लाइड क्रैस्टो ने किरीट सोमैया पर क्या आरोप लगाए?
एनसीपी (एसपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो ने आरोप लगाया कि किरीट सोमैया सिर्फ पब्लिसिटी पाने के लिए काम करते हैं और असली जन-मुद्दों की अनदेखी करते हैं। क्रैस्टो ने यह भी स्पष्ट किया कि संविधान के अनुसार कोई भी न्याय और कानून से ऊपर नहीं है।
एसआईआर विवाद क्या है और इससे कितने लोग प्रभावित हैं?
क्रैस्टो के अनुसार, सरकार ने एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के ज़रिये 13 करोड़ लोगों के अधिकार छीन लिए हैं। विपक्ष का कहना है कि प्रदर्शनकारी इन्हीं अधिकारों की शांतिपूर्ण माँग कर रहे हैं और उन पर मुकदमे दर्ज करना अनुचित है।
इदरीस नाइकवाड़ी ने इमरान खान मामले पर क्या कहा?
एनसीपी (एसपी) के MLC इदरीस नाइकवाड़ी ने कहा कि इमरान खान का मुद्दा एक अलग प्रसंग है और संबंधित प्राधिकारी खुद तय करेंगे कि आगे क्या कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ नेताओं की आदत बन गई है कि सुबह उठकर 'टीआरपी के लिए' बयान दे दें।
समाजवादी पार्टी ने इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शनकारियों को 'अराजक तत्व' कहे जाने पर क्या कहा?
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने कहा कि BJP मुसलमानों के विरोध को 'आतंकवाद' और गैर-मुस्लिमों के विरोध को 'अराजकता' बताती है — यह नैतिक दिवालियापन है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी संविधान की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरे देशभक्त हैं।
क्या यह विवाद महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़ है?
एनसीपी (एसपी) और BJP के बीच महाराष्ट्र में टकराव पुराना है, लेकिन एसआईआर मुद्दे पर विपक्ष का एकजुट रुख और बढ़ते प्रदर्शन इस संघर्ष को नई धार दे रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक तूल पकड़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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