राहुल गांधी की 'इडियट' टिप्पणी पर युवा चेतना का पलटवार: किसान-मजदूर परिवारों के बच्चों को नहीं कह सकते ऐसा
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा की गई 'इडियट' टिप्पणी पर युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने 30 जुलाई को तीखा पलटवार किया। सिंह ने कहा कि 'सोने की चम्मच' लेकर पैदा हुए राहुल गांधी को देश के किसानों और मजदूरों के घरों में जन्मे आम नौजवानों को 'इडियट' कहने का कोई अधिकार नहीं है।
मुख्य विवाद क्या है
रोहित कुमार सिंह ने कहा, 'अगर दुनिया भर में सबसे बड़े 'इडियट' की तलाश की जाए, तो भारतीय राजनीति या यहाँ तक कि विश्व राजनीति में भी राहुल गांधी से बड़ा कोई नहीं मिलेगा। देश के युवाओं को 'इडियट' कहने से पहले राहुल गांधी को अपनी खुद की हैसियत का मूल्यांकन करना चाहिए। सोने की चम्मच लेकर पैदा होने वाले राहुल गांधी देश के किसानों और मजदूरों के घरों में जन्मे आम नौजवानों को 'इडियट' नहीं कह सकते।'
असम बाढ़ और गृह मंत्री की अनुपस्थिति पर प्रतिक्रिया
सदन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की गैर-मौजूदगी पर राहुल गांधी के सवाल को लेकर सिंह ने कहा कि असम इस समय भीषण बाढ़ की चपेट में है और गृह मंत्री असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि ओडिशा में भी भद्रक नदी उफान पर है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री शाह बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुँचाने के प्रयासों की निगरानी कर रहे हैं। सिंह ने पूछा कि क्या सरकार को असम, ओडिशा और अन्य बाढ़ग्रस्त इलाकों को नज़रअंदाज़ कर देना चाहिए?
बांकीपुर उपचुनाव पर युवा चेतना का रुख
बांकीपुर उपचुनाव के संदर्भ में सिंह ने कहा कि वहाँ के मतदाता भाजपा उम्मीदवार नीरज सिन्हा के पक्ष में मतदान करेंगे। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को बिहार की शान बताते हुए कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण और राजेंद्र प्रसाद के बाद अगर किसी बिहारी ने वैश्विक पहचान और सम्मान हासिल किया है, तो वे नितिन नवीन हैं।
बिहार में एके-47 के कथित इस्तेमाल पर सफाई
बिहार में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान एके-47 के कथित इस्तेमाल पर विपक्ष के सवालों के जवाब में सिंह ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कार्यकुशलता न होती तो उस दिन स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी। उन्होंने राहुल गांधी और विपक्ष से अपील की कि वे 'बेबुनियाद तर्क' देना और देश के युवाओं को 'भड़काना' बंद करें।
आगे की स्थिति
यह विवाद संसद के मानसून सत्र के दौरान उपजा है, जब सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तनातनी चल रही है। राहुल गांधी की मूल 'इडियट' टिप्पणी किस संदर्भ में दी गई, इस पर सत्तापक्ष और विपक्ष की व्याख्याएँ अलग-अलग बनी हुई हैं।