हिमंता बिस्वा सरमा के 'पागल' वाले बयान पर कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह का पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की विवादास्पद टिप्पणी के बाद कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने तीखा पलटवार किया है। सिंह ने 26 अगस्त को कहा कि सरमा 'खुद ही पागल हैं' और राहुल गांधी एक समझदार एवं न्यायप्रिय नेता हैं। यह विवाद 'मनु स्मृति' पर राहुल गांधी के हालिया बयान के बाद भड़का है।
विवाद की जड़: मनु स्मृति पर राहुल गांधी का बयान
राहुल गांधी की 'मनु स्मृति' संबंधी टिप्पणी पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कड़ी आपत्ति जताई थी। सरमा का आरोप था कि राहुल गांधी महिला सशक्तिकरण के मुद्दे को महज एक बहाने के रूप में इस्तेमाल करते हैं और उनका असली उद्देश्य हिंदू धर्म को निशाना बनाकर उसे बदनाम करना है। सरमा ने कहा था, 'राहुल गांधी पागल है, पागल था, वो पागल ही रहेगा।'
कांग्रेस सांसद का पलटवार
सरमा के इस बयान पर कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने तत्काल प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'ऐसा बयान दे रहे हैं — वे खुद ही पागल हैं। राहुल गांधी एक समझदार व्यक्ति हैं। जब भी युवाओं या किसी और के साथ अन्याय होता है, तो वे हमेशा न्याय के लिए लड़ते हैं।' सिंह की यह प्रतिक्रिया केंद्र और राज्य सरकारों के विरुद्ध कांग्रेस की व्यापक आक्रामक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
पटना छात्र आंदोलन पर कांग्रेस की चेतावनी
अखिलेश प्रसाद सिंह ने पटना में बीपीएससी टीआरई-4 परीक्षा को लेकर भड़के छात्र आंदोलन पर भी सरकार को आगाह किया। उन्होंने कहा, 'छात्रों का आक्रोश और गुस्सा इस अहंकारी सरकार के दरवाजे तक पहुंच गया है। अगर सरकार अब भी चेतावनी पर ध्यान नहीं देती, तो आगे मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।' उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रों की मांगें जायज हैं और सरकार को उन्हें मानना चाहिए, अन्यथा आंदोलन और तेज होगा।
पटना में तनाव: लाठीचार्ज और हिरासत
मंगलवार को पटना में बीपीएससी टीआरई-4 परीक्षा को सिंगल-स्टेज करने और नेगेटिव मार्किंग हटाने की मांग को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। पुलिस को भीड़ नियंत्रण के लिए वाटर कैनन और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। कई छात्रों को हिरासत में लिया गया, जबकि पत्थरबाजी में टाउन डीएसपी कामाख्या नारायण सिंह घायल हो गए।
राजनीतिक परिदृश्य: आगे क्या
यह वाकयुद्ध ऐसे समय में सामने आया है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच संसद से बाहर भी बयानबाजी का दौर जारी है। गौरतलब है कि राहुल गांधी की धार्मिक-सामाजिक विषयों पर टिप्पणियाँ पहले भी सत्तारूढ़ दल की तीखी प्रतिक्रिया का कारण बनती रही हैं। छात्र आंदोलन पर कांग्रेस की सक्रियता बिहार की राजनीति में विपक्ष की पकड़ मजबूत करने की कोशिश के रूप में भी देखी जा रही है।