26 अगस्त 2026
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पायलट डोप टेस्ट सुधार: राममोहन नायडू ने DGCA और एयरलाइन प्रतिनिधियों संग की उच्चस्तरीय बैठक

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पायलट डोप टेस्ट सुधार: राममोहन नायडू ने DGCA और एयरलाइन प्रतिनिधियों संग की उच्चस्तरीय बैठक

सारांश

भारतीय विमानन क्षेत्र में बड़े सुरक्षा सुधार की दिशा में कदम — केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू ने DGCA और एयरलाइन प्रतिनिधियों संग बैठक कर सभी पायलटों के वार्षिक 100% डोप टेस्ट के प्रस्ताव पर विचार शुरू किया। अभी केवल 10% पायलटों की जाँच होती है।

मुख्य बातें

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने 26 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में मोका डोप टेस्ट और CAR संशोधनों पर उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में DGCA के महानिदेशक, MoCA के सचिव और एयरलाइन ऑपरेटरों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
प्रमुख प्रस्ताव: सभी पायलटों का साल में एक बार 100% डोप टेस्ट ; अभी केवल 10% पायलटों की जाँच का प्रावधान।
जाँच में साइकोएक्टिव पदार्थ — गांजा, एम्फैटेमिन, कोकीन, ओपिएट्स — शामिल होंगे।
यह प्रस्ताव एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान घटना के बाद आया; नायडू ने कहा यह जाँच से अलग प्रक्रिया है।
स्टेकहोल्डर परामर्श के बाद DGCA CAR का संशोधित मसौदा तैयार करेगा।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने 26 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में पायलटों और क्रू सदस्यों के लिए मोका (MoCA) डोप टेस्ट प्रणाली तथा सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स (CAR) में आवश्यक संशोधनों पर एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में साइकोएक्टिव पदार्थों — जिनमें गांजा, एम्फैटेमिन, कोकीन और ओपिएट्स शामिल हैं — की जाँच के दायरे और तंत्र को मज़बूत करने पर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में कौन शामिल हुए

इस उच्चस्तरीय बैठक में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के महानिदेशक, नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) के सचिव और विभिन्न एयरलाइन ऑपरेटरों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सूत्रों के अनुसार, एयरलाइन स्टेकहोल्डर्स के साथ विस्तृत परामर्श की प्रक्रिया जारी है और इसकी जानकारी नागरिक उड्डयन मंत्रालय को नियमित रूप से दी जा रही है।

प्रमुख प्रस्ताव: वार्षिक 100% डोप टेस्ट

बैठक में सबसे अहम प्रस्ताव यह था कि सभी पायलटों का साल में एक बार 100 प्रतिशत डोप टेस्ट अनिवार्य किया जाए। गौरतलब है कि वर्तमान नियमों के अंतर्गत पूरे पायलट नेटवर्क में केवल 10 प्रतिशत पायलटों की जाँच का प्रावधान है। नायडू ने कहा था कि DGCA इस प्रस्ताव पर सभी पक्षों से विचार ले रहा है।

मंत्री ने स्पष्ट किया था, 'रेगुलेटर कोई अंतिम फैसला लेने से पहले टेस्टिंग के दायरे को बढ़ाने से होने वाले सुरक्षा संबंधी फायदों और कामकाज पर पड़ने वाले असर की जांच कर रहा है।' यह बयान इस बात का संकेत है कि नीति-निर्माण में संतुलित दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है।

CAR पुनर्मसौदे की प्रक्रिया

DGCA के पास सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स (CAR) को पुनः मसौदा तैयार करने का अधिकार है, जिसमें पायलटों के लिए साइकोएक्टिव सब्सटेंस टेस्टिंग का पूरा ढाँचा निर्धारित होता है। बैठक में लिए गए सुझावों और स्टेकहोल्डर परामर्श के निष्कर्षों को CAR के नए मसौदे में शामिल किए जाने की संभावना है।

एयर इंडिया फुकेत-दिल्ली घटना की पृष्ठभूमि

यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान से जुड़ी एक घटना के बाद विमानन क्षेत्र में पायलटों के मादक पदार्थ सेवन से संबंधित नियमों की कड़ी समीक्षा हो रही है। यह घटना इसी महीने की शुरुआत में हुई थी। नायडू ने स्पष्ट किया कि नियमों को सुदृढ़ करने की यह बातचीत घटना की चल रही जाँच से पूरी तरह अलग रखी जा रही है।

आगे क्या होगा

स्टेकहोल्डर परामर्श पूरा होने के बाद DGCA CAR का संशोधित मसौदा तैयार करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि 100% वार्षिक डोप टेस्ट का प्रस्ताव लागू होता है, तो यह भारतीय विमानन सुरक्षा मानकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के करीब ले जाएगा। अंतिम नीति की घोषणा परामर्श प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती क्रियान्वयन की होगी: क्या बुनियादी ढाँचा, प्रयोगशाला क्षमता और स्वतंत्र सत्यापन तंत्र इसके लिए तैयार है? एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली घटना के बाद यह बातचीत ज़रूरी थी, लेकिन यह सुनिश्चित करना होगा कि नीति-निर्माण प्रतिक्रियात्मक नहीं, बल्कि दीर्घकालिक सुरक्षा दृष्टि पर आधारित हो।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोका डोप टेस्ट सिस्टम क्या है और यह क्यों बदला जा रहा है?
मोका (नागरिक उड्डयन मंत्रालय) डोप टेस्ट सिस्टम पायलटों और क्रू सदस्यों में गांजा, कोकीन, एम्फैटेमिन और ओपिएट्स जैसे साइकोएक्टिव पदार्थों की जाँच करता है। एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान घटना के बाद मौजूदा 10% यादृच्छिक जाँच प्रावधान की सीमाओं को लेकर सवाल उठे, जिसके बाद इसे मज़बूत करने की प्रक्रिया शुरू हुई।
100% वार्षिक पायलट डोप टेस्ट का प्रस्ताव क्या है?
DGCA सभी पायलटों का साल में एक बार अनिवार्य डोप टेस्ट कराने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। अभी नियमों के तहत पूरे पायलट नेटवर्क में केवल 10% पायलटों की जाँच होती है। यह प्रस्ताव CAR के नए मसौदे में शामिल किया जा सकता है।
CAR यानी सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स में बदलाव कौन करेगा?
DGCA के पास CAR को पुनः मसौदा तैयार करने का अधिकार है। स्टेकहोल्डर परामर्श प्रक्रिया पूरी होने के बाद DGCA संशोधित CAR का मसौदा तैयार करेगा, जिसमें डोप टेस्टिंग का नया ढाँचा शामिल होगा।
यह बैठक किस घटना के बाद हुई?
यह बैठक इसी महीने की शुरुआत में एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान से जुड़ी एक घटना के बाद पायलटों के मादक पदार्थ सेवन संबंधी नियमों की समीक्षा के बीच हुई। मंत्री नायडू ने स्पष्ट किया कि नियम सुधार की यह प्रक्रिया उस घटना की चल रही जाँच से अलग रखी जा रही है।
इस प्रस्ताव का पायलटों और एयरलाइनों पर क्या असर पड़ेगा?
यदि 100% वार्षिक डोप टेस्ट लागू होता है, तो एयरलाइन ऑपरेटरों को परीक्षण की व्यापक व्यवस्था करनी होगी, जिससे परिचालन लागत और लॉजिस्टिक्स पर असर पड़ सकता है। DGCA फिलहाल सुरक्षा लाभों और परिचालन प्रभाव दोनों का आकलन कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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