राहुल गांधी ने असम के मुख्यमंत्री सरमा की टिप्पणियों पर कड़ा हमला किया
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी ने सरमा की टिप्पणियों की निंदा की।
- खड़गे का अपमान दलित समाज का अपमान है।
- राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है।
नई दिल्ली, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के प्रमुख सदस्य राहुल गांधी ने मंगलवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर तीखा आरोप लगाया। उन्होंने सरमा की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ की गई टिप्पणियों को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की और उनकी भाषा को अपमानजनक, शर्मनाक और अस्वीकार्य बताया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा, "असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र और घटिया भाषा पूरी तरह निंदनीय, शर्मनाक और अस्वीकार्य है।"
उन्होंने कहा कि खड़गे देश के एक वरिष्ठ और लोकप्रिय दलित नेता हैं - उनका अनुभव, स्थान और प्रतिष्ठा अतुलनीय है। उनका अपमान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि इस देश के एससी-एसटी समुदाय के करोड़ों लोगों का अपमान है। यह कोई नई बात नहीं है, बल्कि भाजपा-आरएसएस की पुरानी मानसिकता का हिस्सा है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि चाहे बाबासाहेब अंबेडकर का अपमान हो, दलित नेताओं को नीचा दिखाना हो, या एससी-एसटी समाज के प्रतिनिधियों पर व्यक्तिगत हमले हों, भाजपा और आरएसएस का इतिहास यह दर्शाता है कि जब भी कोई दलित नेता सच बोलता है, तब-तब ये उसे अपमानित करने पर उतर आते हैं। यही उनकी विचारधारा है, यही उनका असली चेहरा है।
इस विषय पर चुप्पी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधा सवाल है, क्या आप हिमंता सरमा की इस भाषा का समर्थन करते हैं? आपकी चुप्पी मजबूरी नहीं, बल्कि सहमति है।"
राहुल गांधी ने आगे कहा कि यदि प्रधानमंत्री मोदी देश के करोड़ों दलितों के सम्मान पर हमले होते देख मुँह नहीं खोलते, तो वे न केवल अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं, बल्कि उस अपमान के हिस्सेदार भी हैं।
कांग्रेस नेता की ये टिप्पणियाँ चुनावी मुकाबलों से पहले कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक तनाव को और बढ़ा रही हैं। दोनों पार्टियाँ नेतृत्व, विचारधारा और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं।