3 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कोडरमा में IB-पुलिस की संयुक्त कार्रवाई: पाकिस्तानी आतंकी क्लिप्स साझा करने के आरोप में 5 हिरासत में

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कोडरमा में IB-पुलिस की संयुक्त कार्रवाई: पाकिस्तानी आतंकी क्लिप्स साझा करने के आरोप में 5 हिरासत में

सारांश

झारखंड के कोडरमा में IB और पुलिस ने माधोपुर गाँव में छापा मारकर 5 लोगों को हिरासत में लिया — आरोप है कि वे सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी आतंकी अजहर मसूद की कथित ऑडियो क्लिप्स फैलाकर युवाओं को भड़काने की कोशिश कर रहे थे। कोडरमा पहले भी AQIS मॉड्यूल मामले में सुर्खियों में रह चुका है।

मुख्य बातें

IB और कोडरमा पुलिस ने 3 अगस्त 2026 को माधोपुर गाँव, सतगांवां थाना क्षेत्र में छापेमारी कर 5 लोगों को हिरासत में लिया।
आरोप है कि सोशल मीडिया पर पाकिस्तान स्थित आतंकवादी अजहर मसूद की कथित ऑडियो क्लिप्स और भड़काऊ सामग्री साझा की जा रही थी।
छापेमारी में मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामग्री जब्त की गई; फॉरेंसिक जाँच जारी है।
सुरक्षा एजेंसियों या पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
इससे पहले कोडरमा निवासी शमा परवीन को गुजरात ATS ने AQIS मॉड्यूल से जुड़े आरोपों में बेंगलुरु से गिरफ्तार किया था।

झारखंड के कोडरमा जिले के सतगांवां थाना क्षेत्र में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और स्थानीय पुलिस ने सोमवार, 3 अगस्त 2026 को संयुक्त छापेमारी कर पाँच लोगों को हिरासत में लिया। इन पर सोशल मीडिया के ज़रिए पाकिस्तानी आतंकियों की कथित ऑडियो क्लिप्स और भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने का आरोप है। हालाँकि, अब तक सुरक्षा एजेंसियों या पुलिस की ओर से इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

कार्रवाई का घटनाक्रम

केंद्रीय खुफिया एजेंसी को सूचना मिली थी कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स के माध्यम से आपत्तिजनक और उकसाने वाली ऑडियो क्लिप्स तथा अन्य सामग्री प्रसारित की जा रही है। प्रारंभिक जाँच के बाद यह सूचना कोडरमा पुलिस के साथ साझा की गई। IB की टीम रविवार देर रात कोडरमा पहुँची और सोमवार सुबह स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर माधोपुर गाँव में छापेमारी की गई।

आरोप और जब्त सामग्री

जाँच एजेंसियों के अनुसार, कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित आतंकवादी अजहर मसूद की ऑडियो क्लिप और अन्य सामग्री सोशल मीडिया पर साझा कर कुछ मुस्लिम युवाओं को देश तथा अन्य धर्मों के विरुद्ध भड़काने का प्रयास किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामग्री जब्त की गई है।

जाँच की दिशा

जाँच एजेंसियाँ जब्त डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जाँच कर यह पता लगाने में जुटी हैं कि सामग्री का मूल स्रोत क्या था, उसे किन-किन लोगों तक पहुँचाया गया और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है। कोडरमा पुलिस के अधिकारियों ने फिलहाल विस्तृत जानकारी साझा करने से इनकार किया है और कहा है कि पूछताछ तथा तकनीकी जाँच पूरी होने के बाद ही आधिकारिक बयान दिया जाएगा।

पृष्ठभूमि: कोडरमा का पुराना संबंध

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब कोडरमा इस तरह की सुरक्षा कार्रवाई के केंद्र में आया है। इससे पहले कोडरमा निवासी शमा परवीन को गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने बेंगलुरु से गिरफ्तार किया था। उन पर अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) के कथित मॉड्यूल से जुड़े होने और सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रभावित करने के आरोप लगे थे। यह ऐसे समय में आया है जब सुरक्षा एजेंसियाँ ऑनलाइन कट्टरपंथ और सोशल मीडिया के ज़रिए भड़काऊ सामग्री के प्रसार पर विशेष नज़र रख रही हैं।

आगे क्या होगा

पाँचों हिरासत में लिए गए व्यक्तियों से पूछताछ जारी है। जाँच के नतीजों के आधार पर औपचारिक गिरफ्तारी और मामला दर्ज किए जाने की संभावना है। पुलिस का कहना है कि जाँच पूरी होने पर ही घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोडरमा में IB और पुलिस ने किसे और क्यों हिरासत में लिया?
झारखंड के कोडरमा जिले के माधोपुर गाँव से 5 लोगों को हिरासत में लिया गया है। उन पर सोशल मीडिया के ज़रिए पाकिस्तानी आतंकवादी अजहर मसूद की कथित ऑडियो क्लिप्स और भड़काऊ सामग्री साझा कर युवाओं को भड़काने का आरोप है।
IB और कोडरमा पुलिस की यह संयुक्त कार्रवाई कब हुई?
IB की टीम रविवार देर रात कोडरमा पहुँची और सोमवार, 3 अगस्त 2026 की सुबह स्थानीय पुलिस के साथ सतगांवां थाना क्षेत्र के माधोपुर गाँव में छापेमारी की गई।
क्या इस मामले में कोई आधिकारिक पुष्टि हुई है?
अभी तक सुरक्षा एजेंसियों या कोडरमा पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि पूछताछ और तकनीकी जाँच पूरी होने के बाद ही विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
कोडरमा और आतंकवाद से जुड़े मामलों का पुराना इतिहास क्या है?
इससे पहले कोडरमा निवासी शमा परवीन को गुजरात ATS ने बेंगलुरु से गिरफ्तार किया था। उन पर AQIS (अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट) के कथित मॉड्यूल से जुड़े होने और सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रभावित करने के आरोप लगे थे।
जाँच एजेंसियाँ अब किस दिशा में जाँच कर रही हैं?
जाँच एजेंसियाँ जब्त मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जाँच कर रही हैं। वे यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि सामग्री का मूल स्रोत क्या था, उसे किन लोगों तक भेजा गया और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले