कुमारस्वामी का कांग्रेस पर हमला: 'मोदी की आर्थिक चिंताओं को समझे विपक्ष, तुच्छ दुष्प्रचार बंद करे'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सोमवार, 17 मई को बेंगलुरु में मीडिया से बात करते हुए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जहाँ पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक सूझबूझ और उनकी चिंताओं को समझ चुका है, वहीं विपक्ष इस मामले में पिछड़ा हुआ है। कुमारस्वामी ने विपक्ष से जिम्मेदारी के साथ काम लेने और 'तुच्छ दुष्प्रचार' से बचने की अपील की।
मध्य पूर्व संकट और भारत की आर्थिक चुनौतियाँ
कुमारस्वामी ने कहा कि मध्य पूर्व के संकट ने दुनिया भर के देशों को बुरी तरह प्रभावित किया है और भारत भी स्वाभाविक रूप से अतिरिक्त आर्थिक दबाव का सामना करेगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत ने अपनी आर्थिक मजबूती के बल पर पहले भी ऐसी कई चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया है।
उन्होंने कहा कि भविष्य की अनिश्चितताओं को देखते हुए प्रधानमंत्री ने नागरिकों से एक वर्ष तक सोना न खरीदने की अपील की है। उनके अनुसार, यह सुझाव पूरी तरह राष्ट्रीय हित में दिया गया है ताकि देश को आने वाले समय में आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
कांग्रेस की आलोचना पर पलटवार
कुमारस्वामी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा इस 'नेक अपील' में खामी निकालना उचित नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि आम नागरिकों ने प्रधानमंत्री की सलाह को स्वीकार किया है, जबकि केवल विपक्षी दल ही इसका विरोध कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, 'यह वाकई विडंबनापूर्ण है। अगर ऐसी परिस्थितियों में कांग्रेस खुद सत्ता में होती, तो वह क्या करती? केवल राजनीतिक कारणों से आलोचना करना उचित नहीं है। कांग्रेस नेताओं को ऐसी संकीर्ण सोच छोड़ देनी चाहिए।'
पाँच गारंटी योजनाओं पर सवाल
कांग्रेस से आत्मनिरीक्षण का आह्वान करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि पार्टी को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह अपनी पाँच गारंटी योजनाओं को लागू करने के लिए धन कैसे जुटा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए शुरू की गई इन योजनाओं के लिए किन वस्तुओं की कीमतें बढ़ाई गई हैं और कौन से नए कर लगाए गए हैं — इसका जवाब कांग्रेस को देश को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि महंगाई से लोग पहले से ही परेशान हैं।
'साधना समावेश' सम्मेलन पर निशाना
कुमारस्वामी ने तुमकुरु में प्रस्तावित 'साधना समावेश' सम्मेलन को लेकर कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने इस आयोजन के उद्देश्य पर सवाल उठाते हुए कहा, 'यह समझना मुश्किल है कि इस सम्मेलन में कौन सी उपलब्धि मनाई जाएगी। क्या वे लगातार तीन वर्षों के आंतरिक सत्ता संघर्ष का जश्न मना रहे हैं? उन्हें खुद इसका जवाब देना चाहिए।'
विपक्ष से परिपक्वता की माँग
कुमारस्वामी ने प्रधानमंत्री की देशहित की चिंताओं पर सवाल उठाने को कांग्रेस की 'संकीर्ण मानसिकता' करार दिया। उन्होंने विपक्ष से राजनीतिक परिपक्वता दिखाने और जनता में जागरूकता फैलाने में सहयोग करने की अपील की। यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व तनाव के बीच भारत की आर्थिक नीतियों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक जारी है।