क्या बांग्लादेश की स्थिति पर भारत तैयार है? त्रिपुरा सीएम का बयान
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अगरतला, 19 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने शुक्रवार को कहा कि भारत सरकार बांग्लादेश में उत्पन्न हो रही स्थिति पर गहन निगरानी रख रही है और किसी भी संभावित चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से बाहर होने के बाद उस देश में कई चिंताजनक और विध्वंसक घटनाएं हुई हैं।
सीएम साहा ने कहा कि त्रिपुरा सरकार सीमा पार घटनाओं से संबंधित सभी विवरणों की नियमित रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेज रही है।
उन्होंने एक सरकारी कार्यक्रम में कहा, “बांग्लादेश की जेलों से कई कुख्यात आतंकियों और अपराधियों को रिहा किया गया है।”
सीएम ने आगे कहा कि भारत और उसकी सशस्त्र सेनाएं हर स्थिति का सामना करने के लिए सदैव तैयार रहती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल बांग्लादेश में हो रही घटनाओं से पूरी तरह अवगत है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सीएम साहा ने बताया कि “हमारी ड्रोन निगरानी प्रणालियों में काफी प्रगति हुई है। एस-400 मोबाइल लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली पहले ही अपनी क्षमताएं साबित कर चुकी है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि सीमा पर सुरक्षा उपाय मजबूत किए गए हैं और सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि जून–जुलाई 2024 में बांग्लादेश में हिंसा भड़कने के बाद, विशेषकर 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार के पतन के बाद, अर्धसैनिक बलों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है।
गौर करने वाली बात है कि त्रिपुरा की बांग्लादेश के साथ 856 किलोमीटर लंबी सीमा है और राज्य तीन ओर से पड़ोसी देश से घिरा होने के कारण सीमा पार घटनाओं के प्रति अत्यंत संवेदनशील बना हुआ है।
इस बीच, मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कट्टरपंथी संगठन ‘इंकलाब मंच’ के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की 18 दिसंबर को गोली लगने से मृत्यु के बाद बांग्लादेश के विभिन्न शहरों में हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं।
इससे पहले 17 दिसंबर को विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश के भारत स्थित उच्चायुक्त रियाज़ हमीदुल्लाह को तलब कर बांग्लादेश में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर नई दिल्ली की गंभीर चिंताओं से अवगत कराया था।
बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के तहत हिंसा में वृद्धि और कानून-व्यवस्था की स्थिति के और खराब होने की खबरें आ रही हैं।