26 जून 2026
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क्या हर घटना में जाति का चश्मा लगाकर राजनीति करना कांग्रेस की आदत है?

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क्या हर घटना में जाति का चश्मा लगाकर राजनीति करना कांग्रेस की आदत है?

सारांश

उत्तर प्रदेश की मंत्री बेबी रानी मौर्या ने राहुल गांधी के जातिवाद के आरोपों पर जोरदार जवाब दिया है। उनका कहना है कि कांग्रेस हर घटना को जातिवाद से जोड़ती है, जबकि असलियत कुछ और है। जानिए इस विवाद के पीछे की सच्चाई।

मुख्य बातें

कांग्रेस ने हर घटना को जातिवाद से जोड़ने की आदत बना ली है।
राजनीतिक लाभ के लिए जाति का दुरुपयोग किया जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई में दलितों के खिलाफ कोई भेदभाव नहीं है।
भाजपा की सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' के सिद्धांत पर चल रही है।
कांग्रेस की मानसिकता को समझना जरूरी है।

नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश की महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्या ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा राज्य सरकार पर लगाए गए जातिवाद के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हर घटना को अपने राजनीतिक लाभ के लिए जातिवाद से जोड़ने की आदत बना चुकी है, जबकि वास्तविकता इससे पूरी तरह भिन्न है।

बेबी रानी मौर्या ने बताया कि फतेहपुर जिले में 38 वर्षीय हरिओम वाल्मीकि की भीड़ द्वारा पिटाई के बाद मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए जांच की और यह स्पष्ट हुआ कि हरिओम को पीटने वालों में अधिकतर दलित और पिछड़े वर्ग के लोग शामिल थे। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इसके बावजूद, राहुल गांधी ने इस घटना को जातिगत हिंसा और नफरत की राजनीति से जोड़कर यूपी सरकार पर हमला किया और सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाई।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी इस घटना को दलित उत्पीड़न से जोड़ दिया, जो कांग्रेस की ओछी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर घटना में अपने हिसाब से राजनीति करने की आदी हो चुकी है।

बेबी रानी मौर्या ने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के साथ दुर्व्यवहार की घटना को भी कांग्रेस ने जातिगत रंग देने की कोशिश की, हालाँकि जांच में पाया गया कि आरोपी वकील राकेश किशोर स्वयं दलित हैं। इसके बावजूद, कांग्रेस ने उसे भाजपा से जोड़ने का असफल प्रयास किया।

इसी प्रकार, हरियाणा में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की आत्महत्या की घटना को भी कांग्रेस ने भाजपा और आरएसएस से जोड़कर पेश किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी रायबरेली की घटना, सुप्रीम कोर्ट प्रकरण और हरियाणा में आत्महत्या के मामलों को जाति से जोड़कर समाज को भड़काने और गलत सूचना फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

मौर्या ने कहा कि कांग्रेस के पास अब कोई मुद्दा नहीं है। उन्होंने ना कभी दलितों के लिए, ना गरीबों के लिए, ना महिलाओं और ना बच्चों के लिए कोई काम किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकारें 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के सिद्धांत पर काम कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की जातिगत राजनीति और झूठ फैलाने की प्रवृत्ति उसकी अराजकतावादी और अवसरवादी सोच को दर्शाती है, जिसकी जितनी भी निंदा की जाए, कम है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्यों बेबी रानी मौर्या ने राहुल गांधी की आलोचना की?
बेबी रानी मौर्या ने राहुल गांधी की आलोचना की क्योंकि उन्हें लगा कि कांग्रेस हर घटना को जातिवाद से जोड़कर राजनीति कर रही है।
हरिओम वाल्मीकि की हत्या के बाद क्या हुआ?
हरिओम वाल्मीकि की हत्या के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और यह पाया गया कि उनमें अधिकतर दलित और पिछड़े वर्ग के लोग थे।
क्या कांग्रेस ने किसी अन्य घटना को जातिगत रंग दिया है?
हाँ, मौर्या के अनुसार, कांग्रेस ने हरियाणा में एक पुलिस अधिकारी की आत्महत्या को भी भाजपा और आरएसएस से जोड़ने की कोशिश की।
राष्ट्र प्रेस
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